यूपी में विशेष टीईटी जल्द, पूछे जाएंगे 150 बहुविकल्पीय सवाल, 56 हजार शिक्षक देंगे परीक्षा
उत्तर प्रदेश में जल्द विशेष आध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) का आयोजन किया जाएगा। ढाई घंटे की परीक्षा में 150 बहुविकल्पीय सवाल पूछे जाएंगे। प्रदेशभर में करीब 56 हजार शिक्षक विशेष टीईटी में शामिल होंगे।

यूपी में परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों के शिक्षकों, विशेष शिक्षकों के लिए जल्द विशेष आध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) का आयोजन किया जाएगा। ढाई घंटे की परीक्षा में 150 बहुविकल्पीय सवाल पूछे जाएंगे। प्रत्येक प्रश्न एक अंक का होगा। परीक्षा में ऋणात्मक मूल्यांकन नहीं होगा। करीब 56 हजार शिक्षक विशेष टीईटी में शामिल होंगे।
अपर मुख्य सचिव, बेसिक व माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से विशेष टीईटी के आयोजन को लेकर विस्तृत कार्य योजना जारी कर दी गई है। सामान्य वर्ग के शिक्षकों को 150 में से न्यूनतम 90 अंक लाने होंगे यानी 60 प्रतिशत अंक पाने पर ही वह पास माने जाएंगे। ऐसे ही एससी-एसटी, ओबीसी, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित, भूतपूर्व सैनिक व दिव्यांग अभ्यर्थियों को 150 में से न्यूनतम 82 अंक लाने होंगे यानी 55 प्रतिशत अंक पाने पर ही वह पास माने जाएंगे। वहीं आर्थिक रूप से कमजोर श्रेणी के सामान्य अभ्यर्थियों को भी 82 अंक पाने पर पास होने का प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।
बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से कार्ययोजना जारी करते हुए आयोग को जल्द विज्ञापन जारी कर परीक्षा आयोजित कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने बताया है कि विशेष टीईटी में प्राथमिक (कक्षा एक से पांच तक) व उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा छह से आठ तक) पर कार्यरत शिक्षक व विशेष शिक्षक शामिल होंगे। पूर्व में जारी आदेश के अनुसार प्रदेश में सुप्रीम कोर्ट के आदेश से लगभग 142818 शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं। वहीं शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से हाल ही में आयोजित टीईटी में लगभग 86 हजार कार्यरत शिक्षक भी पास हो चुके हैं। ऐसे में अभी भी 56818 शिक्षक हैं, जिन्हें विशेष टीईटी पास करना होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने दिया था आदेश
मालूम हो कि बीते साल सुप्रीम कोर्ट ने एक सितंबर को जारी आदेश में 31 अगस्त 2028 तक सभी कार्यरत शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करना आवश्यक किया था। इसके बाद से शिक्षक लगातार आंदोलन कर रहे हैं और इससे राहत देने की मांग कर रहे थे। इस बीच शासन ने कार्यरत शिक्षकों के लिए विशेष टीईटी कराने की घोषणा की और उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग से कार्ययोजना मांगी थी। जिसे अब स्वीकृत कर दिया गया है।
परीक्षा में इन विषयों से पूछे जाएंगे प्रश्न
कक्षा एक से पांच के लिए बाल विकास एवं शिक्षण विधि अनिवार्य, भाषा प्रथम हिंदी अनिवार्य, भाषा द्वितीय अनिवार्य (अंग्रेजी, उर्दू, संस्कृत), गणित अनिवार्य, पर्यावरणीय अध्ययन अनिवार्य। इन सभी के 30-30 सवाल, एक-एक नंबर के होंगे। वहीं कक्षा छह से आठ के लिए बाल विकास एवं शिक्षण विधि अनिवार्य, भाषा प्रथम हिंदी अनिवार्य, भाषा द्वितीय अनिवार्य (अंग्रेजी, उर्दू, संस्कृत), गणित एवं विज्ञान शिक्षक के लिए संबंधित विषय, सामाजिक अध्ययन या सामाजिक विज्ञान शिक्षक के लिए सामाजिक अध्ययन, अन्य शिक्षक के लिए इनमें से कोई भी देय होगा। इन सभी के 30-30 सवाल, एक-एक नंबर के होंगे।
डेढ़ दशक बाद सिर्फ शिक्षकों के लिए टीईटी
पहली बार 13 नवंबर 2011 को टीईटी का आयोजन किया गया था। जिसमें सभी को शामिल किया गया था। वर्ष 2010 व उससे पूर्व के शिक्षकों ने टीईटी पास नहीं की थी, क्योंकि उन लोगों के लिए यह अनिवार्य भी नहीं थी। अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शिक्षकों को टीईटी पास करने अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसे में डेढ़ दशक बाद सिर्फ शिक्षकों के लिए विशेष टीईटी आयोजित की जा रही है।


