UP SIR: वोटर लिस्ट से नाम कटा तो उम्र के हिसाब से लगेंगे दस्तावेज; इन 3 श्रेणियों को जानें

Jan 12, 2026 08:38 pm ISTAjay Singh प्रमुख संवाददाता, लखनऊ
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मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा का कहना है कि लोगों को सुनवाई के लिए 7 दिन का समय दिया जाएगा। समय की कोई दिक्कत नहीं है। वह दस्तावेज ढंग से जमा करें और अपना नाम मतदाता सूची से जुड़वाएं। यूपी में 27 अक्तूबर 2025 तक मतदाता सूची में 15.44 करोड़ मतदाता थे।

UP SIR: वोटर लिस्ट से नाम कटा तो उम्र के हिसाब से लगेंगे दस्तावेज; इन 3 श्रेणियों को जानें

यूपी की मददाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया में मतदाता सूची में पहली बार नाम जुड़वाने और नाम कटने के बाद फिर से जुड़वाने के लिए फॉर्म के साथ दस्तावेज देना होगा। आयु के मुताबिक मतदाताओं को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। उसके अनुसार इन्हें अलग-अलग सिर्फ अपना, अपना व पिता और अपना व माता-पिता तीनों के दस्तावेज देने होंगे।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा का कहना है कि लोगों को सुनवाई के लिए सात दिन का समय दिया जाएगा। समय की कोई दिक्कत नहीं है। वह दस्तावेज ढंग से जमा करें और अपना नाम मतदाता सूची से जुड़वाएं। यूपी में 27 अक्तूबर 2025 तक मतदाता सूची में 15.44 करोड़ मतदाता थे। एसआईआर की प्रक्रिया में 2.89 करोड़ लोगों के नाम मृत, स्थानांतरित व अनुपस्थित मतदाताओं के नाम सूची से काट दिए गए हैं। अब 12.55 करोड़ की ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की गई है। जिसमें पहले चरण में 1.04 करोड़ लोगों के नाम का मिलान अपने माता-पिता, बाबा-दादी व नाना-नानी के नाम से वर्ष 2003 की मतदाता सूची से नहीं हो पाया है।

दूसरे चरण में 2.50 करोड़ लोग ऐसे चिह्नित किए गए हैं, जिन्होंने मिलान के लिए अपने फॉर्म पर गलत पिता का नाम या फिर मिलते-जुलते नाम से फॉर्म भर दिया है। अब इन्हें नोटिस भेजी जा रही है। एक जुलाई 1987 से पहले जिनका जन्म हुआ है, उन्हें सिर्फ अपना दस्तावेज जमा करना है। जिसमें मार्कशीट, पासपोर्ट व जन्म प्रमाण पत्र सहित 13 प्रमाण पत्र हैं।

वहीं एक जुलाई 1987 के बाद और दो दिसंबर 2004 से पहले जिन लोगों का जन्म हुआ है, उन्हें अपने साथ-साथ पिता का भी दस्तावेज देना होगा। वहीं दो दिसंबर 2004 के बाद जिन लोगों का जन्म हुआ है, उनको अपने साथ माता और पिता यानी तीन-तीन लोगों के दस्तावेज जमा करने होंगे।

नोटिस के बाद कम से कम सात दिनों का समय सुनवाई के लिए दिया जाएगा। नोटिस दो कापियों में होगी और उसमें कौन-कौन से दस्तावेज देने हैं, इसकी जानकारी दी गई होगी। वहीं दूसरी ओर बड़ी संख्या में लोग मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 भर रहे हैं। ऐसे में वह हिंदी और अंग्रेजी दोनों में अपना नाम लिखें। जिससे मतदाता सूची व मतदाता कार्ड में उनके नाम की स्पेलिंग गलत न हो। सीईओ का कहना है कि कई बार सॉफ्टवेयर नाम की स्पेलिंग के ट्रांसलेशन में कोई न कोई अक्षर इधर-उधर हो जाता है तो स्पेलिंग गलत हो जाती है।

Ajay Singh

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Ajay Singh

अजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।

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