
यूपी पंचायत चुनाव से पहले गांवों में विशेष अभियान, इस जिले में सभी सचिवों को मिला ये आदेश
ग्राम पंचायत सचिवों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने कार्यक्षेत्र की सभी ग्राम पंचायतों में पेंशन के लाभ से वंचित रह गये लाभार्थियों का स्थलीय और अभिलेखीय सत्यापन करें। किसी लाभार्थी की पेंशन बंद हो गई है या नहीं मिल रही है तो उसका भी फिर से सत्यापन कर लिया जाये।
UP Panchayat Chunav: यूपी पंचायत चुनाव से पहले गांवों में विशेष अभियान चलाकर वृद्धावस्था, दिव्यांगजन और विधवा पेंशन का स्थलीय और अभिलेखीय सत्यापन कर पेंशन का लाभ दिलाया जाएगा। पीलीभीत में डीपीआरओ रोहित भारती ने सभी पंचायत सचिवों को पत्र भेजकर इस संबंध में कार्यवाही करने का निर्देश दिया है। पीलीभीत के डीएम ने भी एक मौखिक निर्देश में ग्राम पंचायत सचिवों के माध्यम से वृद्धावस्था पेंशन, दिव्यांगजन पेंशन, विधवा पेंशन का स्थलीय और अभिलेखीय सत्यापन कराते हुये पेंशन से वंचित रह गये लाभार्थियों को पेंशन का लाभ दिलाये जाने को कहा है।
ग्राम पंचायत सचिवों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने कार्यक्षेत्र की सभी ग्राम पंचायतों में पेंशन के लाभ से वंचित रह गये लाभार्थियों का स्थलीय और अभिलेखीय सत्यापन करें। यदि किसी लाभार्थी की पेंशन बंद हो गई है या नहीं मिल रही है या किसी लाभार्थी के मृतक होने की सूचना सम्बन्धित विभाग को दी गई है तो उसका भी फिर से सत्यापन कर लिया जाये।
35 लोगों के पंचायत मतदाता सूची में नहीं नाम
उधर, करीब छह साल पहले हरियाणा से कैराना के मवी में आकर रहने वाले 35 लोगों के नाम पंचायत मतदाता सूची में नाम शामिल नहीं करने पर एसडीएम से शिकायत की गई है। जबकि एसआईआर के बाद उनके नाम विधानसभा मतदाता सूची में शामिल कर लिए थे। शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान मवी के पूर्व प्रधान दिलशाद के साथ महिला और पुरूष मतदाता तहसील में पहुंचे। इस दौरान पूर्व प्रधान ने बताया कि करीब छह साल पहले 35 मतदाता मवी में जमीन खरीदकर रहने लगे थे। एसआईआर के बाद इनके नाम विधानसभा मतदाता सूची में शामिल कर लिए गए थे। लेकिन, अब सभी रिकार्ड होने के बाद भी इनके नाम ग्राम पंचायत मतदाता सूची में शामिल नहीं किए गए। जबकि सभी अधिकारियों ने मौके पर जाकर जांच भी पूरी कर ली है, लेकिन इनको पंचायत चुनाव में मतदान से वंचित रखा जा रहा है।
इस दिन आएगी फाइनल वोटर लिस्ट
राज्य निर्वाचन आयोग ने पिछले दिनों पंचायत चुनाव के लिए चल रहे मतदाता पुनरीक्षण अभियान की समय सीमा बढ़ा दी थी। दावे और आपत्तियों के निस्तारण सहित सभी प्रक्रियाएं अब 27 मार्च तक पूरी की जाएंगी। अंतिम (फाइनल) मतदाता सूची का प्रकाशन अब छह फरवरी के बजाय 28 मार्च को होगा। निर्वाचन आयोग ने 22 दिसंबर को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की थी इसमें कुल 12.69 करोड़ मतदाता थे। वर्ष 2021 के चुनाव से 40.19 लाख ज्यादा हैं। आयोग ने दावे और आपत्तियां आमंत्रित की थीं, जिस पर लाखों की संख्या में दावे और आपत्तियां प्राप्त हुईं हैं। बताया गया कि इन्हीं के निस्तारण को देखते हुए समय सीमा बढ़ाई गई है।





