सपा सांसद रुचि वीरा को ही पीडीए सम्मेलन का न्योता नहीं, विस चुनाव से पहले पार्टी में फिर घमासान
मुरादाबाद में लोकसभा चुनाव की तरह विस चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी में फिर घमासान शुरू हो गया है। पीडीए सम्मेलन में सपा सांसद रुचि वीरा को ही न्योता नहीं दिया गया। रुचि वीरा ने इसे लेकर नाराजगी जताई और अखिलेश यादव के सामने मामला उठाने की बात कही है।

UP News: लोकसभा चुनाव से ठीक पहले मुरादाबाद की समाजवादी पार्टी में घमासान मचा था। अंतिम समय में एसटी हसन का टिकट काटकर रुचि वीरा को दिया गया था। उन्होंने हालांकि सीट जीत कर इस फैसले को सही भी करार दिया था। अब विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी के पीडीए सम्मेलन में मुरादाबाद की सांसद रुचि वीरा को आमंत्रित नहीं किए जाने को लेकर जिले में सियासी घमासान छिड़ गया है। सांसद रुचि वीरा ने इसे पार्टी के लिए नुकसानदायक बताते हुए कहा कि पूरे मामले को राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के समक्ष उठाया जाएगा। वहीं, महानगर अध्यक्ष इकबाल अंसारी ने पलटवार करते हुए कहा कि यदि सांसद अपनी फोटो लगवाना चाहती हैं तो इसके लिए पार्टी से गाइडलाइन जारी करवा दें।
रविवार को सपा महानगर इकाई की ओर से ताजपुर माफी में पीडीए सम्मेलन आयोजित किया गया था। सम्मेलन में राज्यसभा सांसद जावेद अली, पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन, कांठ विधायक कमाल अख्तर, देहात अध्यक्ष हाजी नासिर कुरैशी और पूर्व विधायक हाजी यूसुफ अंसारी समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे, लेकिन क्षेत्रीय सांसद रुचि वीरा को निमंत्रण नहीं दिया गया।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद रुचि वीरा ने कहा कि यह सोचने वाली बात है कि जिले में मौजूद होने के बावजूद उन्हें कार्यक्रम की सूचना तक नहीं दी गई। उन्होंने महानगर अध्यक्ष का नाम लिए बिना कहा कि आखिर वह कौन व्यक्ति है जो इस तरह के काम करके पार्टी को नुकसान पहुंचाने में लगा हुआ है। उनका कहना था कि यदि निमंत्रण मिला होता तो वह निश्चित रूप से पीडीए सम्मेलन में शामिल होतीं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 के चुनाव नजदीक हैं और ऐसे घटनाक्रम पार्टी के हित में नहीं हैं।
डाक्टर एसटी हसन की बेटी की शादी के निमंत्रण पर भी गर्माई थी राजनीति
पीडीए सम्मेलन को लेकर सामने आया यह विवाद जिले में सपा के अंदरूनी मतभेदों को एक बार फिर उजागर कर रहा है। इससे पहले पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन की बेटी के विवाह समारोह को लेकर भी राजनीति गर्माई थी। उस समय भी रुचि वीरा को निमंत्रण नहीं मिलने का मामला चर्चा में आया था और उन्होंने कहा था कि ऐसे विषयों को पार्टी नेतृत्व के सामने रखा जाएगा।
फोटो लगाने के लिए पार्टी से जारी करवा दें गाइडलाइन : इकबाल अंसारी
महानगर अध्यक्ष इकबाल अंसारी ने कहा कि सांसद समर्थकों को यह भी देखना चाहिए कि क्या सांसद ने अपने कार्यक्रमों में कभी महानगर अध्यक्ष या अन्य विधायकों के फोटो लगाए हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव, राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, राष्ट्रीय महासचिव आजम खां और रामगोपाल यादव के फोटो लगाए जाते हैं। इसके बाद किसी अन्य की फोटो लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। उन्होंने कहा कि यदि सांसद अपनी फोटो लगवाना चाहती हैं तो पार्टी स्तर से इसके लिए गाइडलाइन जारी कराई जा सकती है।
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Yogesh Yadavयोगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।
पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।


