
सपा विधायक सुधाकर सिंह का निधन, मंत्री दारा सिंह चौहान को हराकर जीता था घोसी उपचुनाव
यूपी की घोसी सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक सुधाकर सिंह का निधन हो गया है। दो दिन पहले अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां गुरुवार की भोर में उन्होंने अंतिम सांस ली।
यूपी की घोसी सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक सुधाकर सिंह का निधन हो गया है। दो दिन पहले अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां गुरुवार की भोर में उन्होंने अंतिम सांस ली। सुधाकर सिंह घोसी के प्रतिष्ठित उपचुनाव में योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान को हराकर विधायक बने थे। सुधाकर सिंह के निधन की खबर मिलते ही सपा प्रमुख अखिलेश यादव और शिवपाल सिंह यादव समेत तमाम नेता मेदांता अस्पताल पहुंचे। मेदांता के निदेशक डॉ राकेश कपूर ने बताया कि दो दिन पहले गंभीर स्थिति में विधायक को अस्पताल लाया गया था। उन्हें लिवर सहित कई समस्यायें थी। मल्टी आर्गन फेल्योर के चलते उनका निधन हो गया।

सुधाकर सिंह (67) तीन दिन पहले दिल्ली में आयोजित मुख्तार अंसारी के छोटे बेटे उमर अंसारी के रिसेप्शन में शामिल हुए थे। यहां से लौटने के बाद उनकी तबीयत खराब हुई थी। मंगलवार को उन्हें लखनऊ लाया गया और मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। निधन की सूचना मिलते ही पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ गई है। कैबिनेट मंत्री एके शर्मा, घोसी लोकसभा के सांसद राजीव राय समेत सभी दलों के लोगों ने शोक प्रकट किया।
मऊ की राजनीति में सुधाकर सिंह की मजबूत पकड़ थी। यही कारण था कि घोसी के प्रतिष्ठित चुनाव में अखिलेश यादव ने सुधाकर सिंह पर भरोसा जताया और इस भरोसे को उन्होंने कायम भी रखा। घोसी विधान सभा क्षेत्र के भावनपुर निवासी सुधाकर सिंह कट्टर समाजवादी नेता थे। उनका राजनीतिक जीवन नब्बे के दशक से शुरू हुआ था। छात्र राजनीति के बाद सन 1996 में उन्होंने समाजवादी पार्टी से विधानसभा नत्थूपुर से चुनाव लड़ा और पहली बार विधायक बने। दूसरी बार नए परिसीमन के बाद घोसी विधान सभा से सन 2012 में चुनाव लड़ा और जीत हासिल कर दोबारा विधानसभा की सदस्यता ग्रहण की थी। तीसरी बार सन 2017 में फिर समाजवादी पार्टी से चुनाव लड़े लेकिन मोदी लहर में बीजेपी के फागू चौहान से चुनाव हार गए थे।

वर्ष 2022 में सपा ने सुधाकर की जगह योगी के कैबिनेट से इस्तीफा देकर आए दारा सिंह चौहान को यहां से उतारा। चौहान चुनाव जीते लेकिन एक साल बाद ही इस्तीफा देकर दोबारा भाजपा में चले गए। ऐसे में यहां उपचुनाव का ऐलान हुआ तो सपा ने फिर से सुधाकर सिंह पर भरोसा जताया। उनका मुकाबला भाजपा की तरफ से उतरे दारा सिंह चौहान से ही हुआ। योगी सरकार और भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गए इस चुनाव में सुधाकर सिंह ने दारा सिंह चौहान को हराकर तीसरी बार विधायक बने थे। सुधाकर सिंह के परिवार में पत्नी, दो बेटे और एक बेटी है।

लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर हैं।
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