सपा नेता आजम खान और बेटे अब्दुल्ला को एमपी-एमएलए कोर्ट से बड़ा झटका, अपील खारिज
यूपी में समाजवादी पार्टी के सीनियर लीडर आजम खान और बेटे अब्दुल्ला को एमपी-एमएलए कोर्ट से झटका लगा है। एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट दोनों की अपील को खारिज कर दिया है।

UP News: दो पैन कार्ड मामले में सजा काट रहे सपा नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की अपील अदालत ने खारिज कर दी है। एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट के इस फैसले को आजम-अब्दुल्ला को बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है। मालूम हो कि पिछले दिनों एमपी एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने दोनों को सात-सात साल की कैद और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी।
इस सजा के खिलाफ बचाव पक्ष ने और सजा बढ़ाने के लिए अभियोजन पक्ष ने एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में अपील दायर की थी। इस अपील पर पूर्व की तारीख पर सुनवाई पूरी हो चुकी थी। सोमवार को एमपी एमएलए सेशन कोर्ट में पत्रावली वास्ते निर्णय पर थी। एडीजीसी सीमा सिंह राणा ने बताया कि एमपी एमएलए सेशन कोर्ट ने आजम और अब्दुल्ला आजम दोनों की अपील खारिज कर दी है। अभियोजन की अपील पर निर्णय आना शेष है।
आपको बता दें कि मामला साल 2019 का है, जव भारतीय जनता पार्टी के नेता आकाश सक्सेना की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया था। बीजेपी नेता आकाश सक्सेना ने आरोप लगाया कि आजम के बेटे अब्दुल्लाह आजम ने अलग-अलग जन्म तिथियों के आधार पर दो पैन कार्ड बनाए थे। जांच के दौरान बेटे अब्दुल्लाह के साथ पिता आजम खान की भूमिका भी जांच के दायरे में आई थी। इससे पहले एमपी-एमलए कोर्ट ने 17 नवंबर 2025 को इस मामले में फैसला सुनाते हुए आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला को दोषी करार दिया था। कोर्ट ने आजम और अब्दुल्लाह को 7-7 की सजा सुनाई थी। इसके साथ ही दोनों पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया था।
नंवबर 2025 से जेल में ही बंद हैं दोनों
अदालत ने इस फैसले के बाद 25 नवंबर 2025 को आजम खान और बेटे अब्दुल्ला की ओर से सेशन कोर्ट में अपील दाखिल की गई थी। आज 20 अप्रैल को यह अपील भी कोर्ट ने खारिज कर दी है। आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्लाह नंवबर 2025 से जेल में ही बंद हैं।
रिहाई के बाद उनके बयान काफी चर्चा थे
इससे पहले आजम खान सितंबर 2025 में ही जेल से रिहा हुए थे। जेल से बाहर आने केबाद आजम खान के बयान काफी चर्चा में रहे थे। अखिलेश यादव भी उनसे मिलने गए थे। हालांकि 55 दिन बाद 18 नवंबर 2025 को अदालत के फैसले के बाद उन्हें जेल जाना पड़ा था।
लेखक के बारे में
Deep Pandeyदीप नरायन पांडेय लाइव हिन्दुस्तान में पिछले आठ सालों से यूपी की खबरें करते हैं। डिजिटल, टीवी और प्रिंट जर्नलिज्म में 15 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले दीप नरायन पांडेय वरिष्ठ पत्रकार हैं। दीप अब डिजिटल मीडिया के जाने माने नाम बन गए हैं। दीप हिंदी भाषा की डिजिटल पत्रकारिता के नए आयामों को बेहतर समझते हैं। यूपी की राजनीति के साथ क्राइम की खबरों पर अच्छी पकड़ है। सामाजिक, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और हेल्थ पर भी लिखते हैं। दीप पाठकों की पसंद को समझने और उसी तरह से न्पूज प्रस्तुत करने में माहिर हैं। दीप सरल भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुंचाते हैं। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने-लिखने में भी रुचि रखते हैं। मास कम्युनिकेशन में बीए और एमए दीप नरायन पांडेय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गोंडा के रहने वाले हैं। दीप ने पत्रकारिता की शुरुवात लखनऊ से की। टीवी चैनल से करियर का आगाज करने वाले दीप इसके बाद प्रिंट अमर उजाला लखनऊ में भी रहे। हिन्दुस्तान प्रिंट में वाराणसी, गोरखपुर, फिर लखनऊ में कार्य के दौरान विभिन्न जिलों के डेस्क इंचार्ज रहे हैं। यूपी विधानसभा चुनाव 2012, 2017, 2022, लोकसभा चुनाव, पंचायत चुनावों के दौरान बेहतर कवरेज कर चुके हैं।
और पढ़ें

