दीये, मोमबत्ती पर बार-बार क्यों खर्चा करना, दिवाली पर अखिलेश ने दिया कौन सा सुझाव
दिवाली पर बिजली कटौती को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर जोर पर हमला बोला। सपा प्रमुख ने कहा, यह निकम्मी सरकार है। इससे बिजली की उम्मीद मत करो। क्रिसमस का उदाहरण देकर अखिलेश बोले-मैं कोई सुझाव नहीं देना चाहता।
दिवाली पर बिजली कटौती को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर जोर पर हमला बोला। सपा प्रमुख ने कहा, यह निकम्मी सरकार है। इससे बिजली की उम्मीद मत करो। क्रिसमस का उदाहरण देकर अखिलेश बोले-मैं कोई सुझाव नहीं देना चाहता। लेकिन मैं भगवान राम के नाम पर एक सुझाव ज़रूर दूंगा। पूरी दुनिया में क्रिसमस के दौरान सभी शहर जगमगा उठते हैं और यह महीनों तक चलता है। हमें उनसे सीखना चाहिए। हमें दीयों और मोमबत्तियों पर पैसा क्यों खर्च करना पड़ता है और इसके लिए इतना सोचना क्यों पड़ता है? हम इस सरकार से क्या उम्मीद कर सकते हैं? इसे हटा देना चाहिए। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि और भी खूबसूरत रोशनियाँ हों। अखिलेश यादव ने कहा, राज्य की हालत ऐसी है कि लखनऊ में हर जगह ट्रैफिक जाम है, फिर भी इसे स्मार्ट सिटी कहा जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि लखनऊ को तीसरा सबसे स्मार्ट शहर घोषित करने वाले अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। उन्होंने कहा, शहर में इतना कचरा और ट्रैफिक है। वे करोड़ों रुपये खर्च करते हैं, फिर भी ट्रैफिक को नियंत्रित नहीं कर पाते।
प्रचार के बजाय बिहार में फूट डाल रहे सीएम योगी
अखिलेश यादव ने बिहार चुनाव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भूमिका की आलोचना करते हुए कहा कि वह प्रचार करने के बजाय फूट डाल रहे हैं। उन्होंने एनडीए सरकार पर नफ़रत फैलाने, नकारात्मक विचार रखने और नागरिकों के एक समूह को बहिष्कृत करने का आरोप लगाया। बतादें कि गुरुवार को, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के स्टार प्रचारक योगी आदित्यनाथ ने बिहार के चुनावी रणक्षेत्र में प्रवेश किया और भाजपा के रामकृपाल यादव (दानापुर) और एनडीए के श्याम रजक (फुलवारी शरीफ) के समर्थन में रैलियों को संबोधित किया था। राजद-कांग्रेस गठबंधन पर तीखा हमला करते हुए, उन्होंने उन पर विकास बनाम बुर्का की विभाजनकारी राजनीति को हवा देकर बिहार के विकास को पटरी से उतारने का आरोप लगाया।
जिन लोगों ने कभी बिहार को जंगल राज में धकेल दिया था, वे फिर से लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं, योगी ने मतदाताओं को फर्जी मतदान के खिलाफ चेतावनी देते हुए कहा और आरोप लगाया कि राजद-कांग्रेस मतपत्र छीनने और धोखाधड़ी वाले मतदान के युग में लौटना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि ये दल ईवीएम का विरोध करते हैं क्योंकि उन्हें पारदर्शी चुनावों का डर है। मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमूह को 1990 से 2005 के बीच बिहार के काले दिनों की याद दिलाते हुए कहा कि राजद-कांग्रेस के शासन में, ज्ञान की भूमि अपराध और वंशवाद का अड्डा बन गई। उन्होंने उन पर माफियाओं को पनाह देने और बिहारियों को रोज़ी-रोटी की तलाश में पलायन के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया।





