
बहुचर्चित सोयेपुर शराब कांड में 16 आरोपी कोर्ट से दोषमुक्त, 28 लोगों की हुर्ह थी मौत
यूपी की जहरीली शराब पीने से 28 जान जाने वाले सोयेपुर कांड में अदालत ने सोमवार को 16 आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।चार आरोपियों की मृत्यु हो जाने के कारण उनके खिलाफ कार्यवाही पहले ही समाप्त कर दी गई थी।
यूपी के वाराणसी में बहुचर्चित सोयपुर शराब कांड में बड़ा फैसला सुनाते हुए विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट सुशील कुमार खरवार की अदालत ने सोमवार को 16 आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। वहीं, विचारण के दौरान चार आरोपियों की मृत्यु हो जाने के कारण उनके खिलाफ कार्यवाही पहले ही समाप्त कर दी गई थी। इस कांड में 28 लोगों की मौत हुई थी।
दोषमुक्त किए गए लोगों में बचाऊ जायसवाल उर्फ विजय जायसवाल, राघवेंद्र उर्फ गबड़ू जायसवाल, सारिका गुप्ता, शिवभजन गुप्ता उर्फ बबलू, गोपाल राजभर उर्फ बिल्ली, राजकुमार जायसवाल, महेश जायसवाल, नवल चौहान, भोनू जायसवाल, अनिल पाण्डेय, संजय जायसवाल, विक्की उर्फ विकास जायसवाल, अल्लू उर्फ बब्लू जायसवाल, सुनील पाल चौहान, राहुल सिंह और राजेश प्रसाद गुप्ता शामिल हैं। अदालत में विचारण के दौरान आरोपी जवाहर लाल जायसवाल, अंबू देवी, शम्भू सिंह और महेंद्र कुमार जायसवाल की मृत्यु हो जाने के चलते उनके खिलाफ सुनवाई समाप्त कर दी गई थी। बचाऊ जायसवाल, राघवेंद्र, सारिका गुप्ता और शिवभजन गुप्ता की ओर से अधिवक्ता अनुज यादव, बृजपाल सिंह यादव, नरेश यादव और संदीप यादव ने अदालत में पक्ष रखा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी मुकदमा दिनेश राजभर ने 17 फरवरी 2010 को कैंट थाने में तहरीर दी थी। तहरीर में आरोप लगाया गया था कि 16 फरवरी 2010 को गांव की कमला देवी का दाह संस्कार करने के बाद उसके पिता लालजी राजभर अपने गांव के अन्य लोगों के साथ गोपाल, राजकुमार और महेश जायसवाल के यहां शराब पीने गए थे। आरोप था कि नवल चौहान, भोनू जायसवाल और अंबू देवी द्वारा लाई गई शराब में विषैला पदार्थ मिलाकर बेचा गया, जिसे पीने से रात में लालजी राजभर, शिवचरण राजभर और लक्ष्मीना देवी सहित कुल 28 लोगों की मौत हो गई थी। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष आरोपों को ठोस साक्ष्यों के साथ सिद्ध नहीं कर सका, जिसके चलते अदालत ने सभी 16 आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।





