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अभिभावकों ने बच्चों के लिए बना दिया लकड़ी का पुल

बारिश में टूटी पुलिया के मरम्मत न होने पर म्योरपुर ब्लाक के रिहंद जलाशय के किनारे ग्राम पंचायत पिण्डारी के नगराज के ग्रामीणों ने बच्चों को स्कूल आने जाने में हो रही परेशानियों को देखते हुए खुद 40 मीटर लंबा लकड़ी का पुल बना दिया। पुल टूट जाने से उनके बच्चे स्कूल जाने से वंचित हो रहे थे। 
म्योरपुर ब्लॉक के रिहंद जलाशय किनारे के ग्राम पंचायत पिण्डारी के नगराज गांव के ग्रामीणों ने बरसात में पास की बिच्छी नदी पर बने पुल के टूटने पर मरम्मत न कराये जाने के कारण 40 मीटर लंबी लकड़ी का पुल बना कर जिला प्रशासन और जन प्रतिनिधियों को आइना दिखा दिया है। ग्रामीणों ने सप्ताह भर पहले गांव की बैठक की, जिसमें गांव के सवा सौ छात्रों के एक माह से स्कूल न जा पाने और अन्य कार्य बाधित होने को लेकर चिंता जताई गई। क्योंकि, गांव से पिण्डारी जाने वाले रास्ते का पुलिया टूट जाने से महीने भर से बच्चें घर बैठ गए थे। 
बुजुर्गों की सलाह पर ग्रामीणों ने मजबूत और टिकाऊ लकड़ी इकट्ठा किया और पुलिया के निर्माण शुरू किया, जिसमें गांव के सभी लोगों ने मेहनत कर पसीना बहाया और मंगलवार को पुल बन कर तैयार हो गया। गांव के इंद्रदेव यादव, राम प्रीत, रवि चंद, ज्ञान चंद, साधु राम, सुरेश, बनवारी लाल, सत्ती राम ने बताया कि कई बार ब्लॉक के अधिकारियों और नेताओं से गुहार लगाया पर सबने आश्वासन दिया कि अब बरसात बाद ही कोई काम हो सकेगा। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई को लेकर हम लोगों ने यही विकल्प चुना और उस पर अमल भी किया। 
छात्र सुरेश, बबलू, सुनीता ने बताया कि हम लोगों की पढ़ाई छूट जाने से घर पर गाय बकरी चराना पड़ रहा था। अब हम सब स्कूल जा सकेंगे। हम बच्चों को गांव के लोगों ने बहुत बड़ा तोहफा दिया है। मामले को लेकर लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता देवपाल वर्मा का कहना है कि पुलिया की मरम्मत बरसात बाद दिसम्बर तक ही संभव है। अभी नदी में पानी है। 

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  • Web Title:Wooden bridge made for parents