सामुदायिक वनाधिकार दावे को लेकर ग्रामीणों का कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन
Sonbhadra News - सोनभद्र में ग्रामीणों ने सामुदायिक वनाधिकार दावों के निस्तारण में देरी के खिलाफ कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि 2018 और 2022 में दाखिल दावों का न तो निस्तारण हुआ और न ही कोई ठोस कार्रवाई की गई है।

सोनभद्र, संवाददाता। सामुदायिक वनाधिकार दावे के निस्तारण में हो रही देरी और पूर्व में दाखिल दावों पर कार्रवाई न होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने सोमवार को कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। ग्राम स्तरीय वनाधिकार समिति के बैनर तले पहुंचे ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए शीघ्र कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि जनपद के विभिन्न गांवों की तरफ से वर्ष 2018 और 2022 में वनाधिकार अधिनियम के तहत सामुदायिक दावा फार्म संबंधित तहसीलों के माध्यम से जिला प्रशासन को सौंपे गए थे, लेकिन वर्षों बीत जाने के बावजूद इन दावों का न तो निस्तारण हुआ और न ही कोई ठोस कार्रवाई की गई।
प्रदर्शन में शामिल ग्रामीणों ने बताया कि रॉबर्ट्सगंज, दुद्धी, घोरावल और ओबरा तहसील क्षेत्र के दर्जनों गांवों ने सामुदायिक वनाधिकार के लिए विधिवत आवेदन किया था। बावजूद इसके, फाइलें लंबित पड़ी हैं, जिससे ग्रामवासियों को अपने परंपरागत वन अधिकारों से वंचित रहना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वन विभाग और प्रशासनिक स्तर पर उदासीनता बरती जा रही है। यदि समय रहते सामुदायिक वनाधिकार को मान्यता नहीं दी गई तो ग्रामीणों के समक्ष आजीविका और संरक्षण दोनों का संकट गहरा जाएगा। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही सामुदायिक वनाधिकार दावों पर निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। प्रशासन की ओर से ज्ञापन प्राप्त कर मामले पर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। इस मौके पर शुभलाल सिंह गोंड़, महेन्द्र चेरो, कैलाश, भगवंती, नान्हक, पानकुंवर, शीला, नंदू, किसमतिया, पार्वती देवी, नन्हकी, जवाहर लाल, शांति आदि रहे।
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