
चकबंदी में अनियमितता को लेकर ग्रामीणों का प्रदर्शन
Sonbhadra News - सोनभद्र के मारकुंडी गांव के ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान उधम सिंह के नेतृत्व में चकबंदी में अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने पारदर्शी चकबंदी की मांग की और आरोप लगाया कि चकबंदी विभाग द्वारा...
सोनभद्र। चकबंदी में अनियमितता को लेकर मारकुंडी गांव के ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान उधम सिंह के नेतृत्व में गुरुवार को कलक्टे्रट पर प्रदर्शन किया। अपर जिलाधिकारी न्यायिक को ज्ञापन सौंपकर गांव में पारदर्शी तरीके से चकबंदी कराए जाने ओर अबतक हुई कार्यवाही के अखिलेखों को सार्वजनिक किए जाने की मांग की। इस दौरान ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि चकबन्दी विभाग द्वारा खतौनी, वरासत व नामान्तरण जैसी कार्यवाहियों में मनमाने तरीके से रुपये की वसूली की जा रही है। बताया कि खतौनी लेने के लिए 500 से 1000 रुपये और वरासत एवं दाखिल-खारिज के नाम पर 10 से 12 हजार रुपये तक की मांग की जा रही है।

विरोध करने पर अधिकारियों द्वारा जहां शिकायत करनी हो करो जैसी बातें कही जा रही हैं। आरोप लगाया कि चकबन्दी के दौरान नाप-जोख की प्रक्रिया पारंपरिक और गैर-वैज्ञानिक तरीके से की जा रही है, जहां जंजीर से भूमि की नाप की जानी चाहिए, वहां अहलकार पैरों से नाप कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह प्रक्रिया चकबन्दी की पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करती है। उन्होंने बताया कि अब तक हुई चकबन्दी कार्यवाही से संबंधित अभिलेख न तो ग्रामवासियों के साथ साझा किए गए हैं और न ही भूमि की शिनाख्त कराई गई है। यहां तक कि सरकारी विभागों, तालाब, पहाड़, नदी, बांध और परती भूमि की शिनाख्त भी नहीं कराई गई है, जिससे गांव की भौगोलिक स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार विभाग को इस संबंध में अवगत कराया गया, पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी न्यायिक को सौंपकर चकबन्दी प्रक्रिया में व्याप्त अनियमितताओं की जांच कर पारदर्शी तरीके से चकबन्दी कार्यवाही कराए जाने और अबतक हुए कार्यों के अभिलेख ग्राम पंचायत में खुली बैठक में साझा किए जाने की मांग की। इस मौके पर तिलकधारी, छोटेलाल, दीपक, शंकर, लालधारी, रामसूरत, ललिता, सुशीला, सीता, आरती, पूनम, शांति आदि मौजूद रहे।

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