गेहूं खरीद में लापरवाही पर केंद्र प्रभारियों पर गिरेगी गाज
Sonbhadra News - सोनभद्र में सहायक आयुक्त देवेंद्र कुमार सिंह ने गेहूं क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने लापरवाही पर केंद्र प्रभारियों को चेतावनी दी और कहा कि जिम्मेदार अधिकारियों को हटा दिया जाएगा। चोपन और जुगैल केंद्रों पर किसानों की संख्या कम पाई गई। अधिकारियों को अधिक किसानों से संपर्क करने और खरीद प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

सोनभद्र, संवाददाता। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक देवेंद्र कुमार सिंह ने शुक्रवार को चोपन एवं जुगैल स्थित गेहूं क्रय केंद्रों का निरीक्षण कर खरीद व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान खरीद में शिथिलता पाए जाने पर उन्होंने केंद्र प्रभारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए स्पष्ट कहा कि लापरवाही बरतने वाले केंद्र प्रभारियों को प्रभार से हटाने की कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान एडीसीओ ओबरा अवधेश सिंह एवं एडीसीओ घोरावल डॉ. सुरेश भी मौजूद रहे। चोपन बीपैक्स केंद्र पर 37 किसानों से कुल 1431 कुंतल गेहूं खरीद दर्ज पाई गई। निरीक्षण के समय किसान निधिलाल के 80 कुंतल गेहूं की तौल चल रही थी।
केंद्र प्रभारी रामअनंत ने बताया कि अब तक केवल 245 कुंतल गेहूं की डिलीवरी हो सकी है। टोकन रजिस्टर में मात्र 48 किसानों के नाम दर्ज पाए जाने पर सहायक आयुक्त ने नाराजगी जताते हुए निर्देश दिया कि अधिक से अधिक किसानों से संपर्क कर उनका टोकन दर्ज किया जाए तथा एक ही किसान से बार-बार खरीद करने के बजाय ज्यादा किसानों से नियमानुसार खरीद सुनिश्चित की जाए। वहीं जुगैल केंद्र पर 30 किसानों से 1785 कुंतल गेहूं खरीद पाई गई, जबकि डिलीवरी शून्य रही। केंद्र प्रभारी उमाशंकर यादव ने इसकी जानकारी दी। इस पर सहायक आयुक्त ने जिला प्रबंधक पीसीएफ को तत्काल डिलीवरी व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समिति की तरफ से रबी अभियान के दौरान 500 से अधिक किसानों को उर्वरक उपलब्ध कराया गया, जबकि टोकन रजिस्टर में केवल 34 किसानों के नाम दर्ज होना गंभीर लापरवाही दर्शाता है। उन्होंने अधिकारियों को क्षेत्र भ्रमण कर अधिक किसानों का पंजीकरण कराने और खरीद प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। इससे पूर्व विकास भवन में आयोजित उर्वरक केंद्र प्रभारियों की बैठक में सहायक आयुक्त ने खरीफ मांग की वसूली 30 मई तथा रबी मांग की वसूली 30 जून तक शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बिना फार्मर आईडी किसी भी किसान को उर्वरक नहीं दिया जाएगा तथा पीओएस मशीन के बिना एक बोरी उर्वरक का वितरण भी नहीं होगा। नगद अथवा चेक किसी भी माध्यम से बिक्री निर्धारित प्रारूप के अनुसार ही की जाएगी। इस मौके पर एडीसीओ दुद्धी अजय कुमार, जिला प्रबंधक पीसीएफ रोहित गुप्ता, वरिष्ठ सहायक इबरार अहमद, महेश मौर्य, सचिव रामअनंत, उमाशंकर यादव, रामकृत, हेमनाथ यादव, वासुदेव यादव, सहायक सांख्यिकीय अधिकारी आलोक शेखर, शोएब आदि रहे।
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