48 घंटे बाद भी दर्जनों गांवों की बहाल नहीं हुई बिजली आपूर्ति
सोनभद्र में बुधवार की शाम आई आंधी ने तबाही मचाई, जिससे सैकड़ों गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। 48 घंटे बीत जाने के बावजूद बिजली बहाल नहीं हो सकी, जिससे पेयजल संकट और गर्मी से लोग परेशान हो रहे हैं। ग्रामीणों ने अधिकारियों से शीघ्र विद्युत आपूर्ति बहाल करने की मांग की है।
सोनभद्र, संवाददाता। जिले में बुधवार की शाम आई आंधी ने जमकर तबाई मचाई। आंधी के कारण सैकड़ों बिजली के खंभे और दर्जनों ट्रांसफार्मर धराशाई हो गए थे। इससे सैकड़ों गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी। शुक्रवार को भी दर्जनों गांवों की बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी। इससे लोगों को पेयजल को लेकर काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल रहे। कोन क्षेत्र में बुधवार की शाम आई तेज आंधी-तूफान से विद्युत व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। इस दौरान कई स्थानों पर बिजली के पोल, खंभे और तार गिर जाने से कोन, रामगढ़, निगाई, नौडीहा, सलैयाडीह, हर्रा, डोमा, मिश्री, खेतकटवा, कचनरवा, लाल बिजौरा तथा मीटिहिनिया किशुनपुरवा समेत दो दर्जन से अधिक गांवों की विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई।
48 घंटे बीत जाने के बाद भी शुक्रवार शाम तक आपूर्ति सुचारु नहीं हो सकी, जिससे भीषण गर्मी में ग्रामीणों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। लगातार बिजली न रहने से लोगों को सबसे अधिक परेशानी पेयजल संकट और मोबाइल चार्जिंग को लेकर उठानी पड़ रही है। बिजली गुल होने से घरों में लगे समरसेबल और पानी की मोटर बंद पड़े हैं, जिससे पीने के पानी की किल्लत गहरा गई है। वहीं मोबाइल फोन बंद होने से लोगों का आपसी संपर्क भी प्रभावित हो रहा है। दिनभर उमस भरी गर्मी और रात में अंधेरे के कारण छोटे बच्चों, बुजुर्गों एवं महिलाओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि लगातार दो दिनों से बिजली न रहने के कारण घरेलू कार्यों के साथ-साथ दुकानदारों और छोटे व्यापारियों का कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। लोगों ने विभागीय अधिकारियों से शीघ्र विद्युत आपूर्ति बहाल कराने की मांग की है। जेई गजेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि युद्ध स्तर पर कार्य कराया जा रहा है तथा शुक्रवार रात तक विद्युत आपूर्ति बहाल होने की पूरी संभावना है।करमा में बुधवार को शाम आये तुफान एवं इलाके मे हुई हल्की बारिश के बाद से बंद बिजली आपूर्ति शुक्रवार तक बहाल नहीं होने से हाहाकार मचा हुआ है। सबसे बड़ी किल्लत पीने के लिए पानी की हो गयी है। पीने के पानी की पूरी आपूर्ति बिजली ब्यवस्था पर निर्भर होने पीने के पानी के लिए लोग काफी परेशान हैं। कोई भी अधिकारी या कर्मचारी बिजली ब्यवस्था के बहाल होने की सही जानकारी नहीं दे पा रहे है।
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