क्रय केंद्रों पर 30737 मीट्रिक टन धान पड़ा डंप
Sonbhadra News - सोनभद्र में धान क्रय केंद्रों पर 35 फीसदी धान डंप पड़ा है, जिससे किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। धीमी उठान गति के कारण कई किसानों को अपनी उपज बिचौलियों को बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। केंद्रों पर भंडारण की जगह खत्म हो रही है, जिससे खरीद प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
सोनभद्र, संवाददाता। जिले में धान क्रय केंद्रों पर अब तक हुई कुल खरीद का करीब 35 फीसदी धान डंप पड़ा है। धीमी गति से धान का उठान होने के चलते किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इससे कई केंद्रों पर जगह का अभाव पैदा हो गया है। ठंड में कई दिनों से रूके किसान परेशान होकर अपने ऊपज को बिचौलियों को देने के लिए मजबूर हो रहे हैं। जनपद में लक्ष्य के सापेक्ष करीब 86 प्रतिशत से अधिक की खरीद पूरी कर ली गई है। जिले में एक नवंबर से धान की खरीद शुरू की गई है। शासन की तरफ से 84 केंद्रों के माध्यम से एक लाख तीन हजार एमटी खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
खरीद को लेकर पांच एजेंसिया नामित की गई है। इस बार राइस मिलर्स से अनुबंध लेट में शुरू होने से कोन, कचनरवा, राबर्ट्सगंज मंडी समिति, घोरावल समेत कई क्रय केंद्रों पर धान डंप पड़ा है। धान का उठान धीमी गति से होने से खरीद प्रभावित हो रही है। निर्धारित लक्ष्य एक लाख तीन हजार मीट्रिक टन के सापेक्ष अब तक 88750 मीट्रिक टन धान की ही खरीद हो सकी है। मिलरों की तरफ से अपेक्षित उठान न होने के कारण क्रय केंद्रों पर 30737 मीट्रिक टन धान डंप पड़ा हुआ है, जबकि 58 हजार मीट्रिक टन धान कुटाई के लिए राइस मिलर्स को भेजा गया है। कई केंद्रों पर धान का ढेर लग जाने से स्थिति चिंताजनक हो गई है और इसका सीधा असर किसानों तथा खरीद प्रक्रिया पर पड़ रहा है। अनुबंध लेट में होने से कुटाई देरी में शुरू हुई। इस वजह से जहां खरीद प्रभावित हो रही है, वहीं राइस मिलर्स के यहां जगह न होने से धान का उठान नहीं कर रहे हैं। क्रय केंद्रों पर डंप धान का उठान कराने के लिए राइस मिलर्स को सख्ती से कहा गया है। गोदामों की सीमित क्षमता के चलते कई स्थानों पर भंडारण की जगह पूरी तरह भर चुकी है। परिणामस्वरूप नए धान की आवक होने पर क्रय केंद्रों को खरीद रोकने या सीमित करने की मजबूरी झेलनी पड़ रही है। इससे किसानों को बार-बार केंद्रों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। धान क्रय केंद्रों पर मौजूद किसानों का कहना है कि वे समय से धान लेकर पहुंच रहे हैं, लेकिन गोदामों में जगह न होने के कारण उन्हें इंतजार कराया जा रहा है। कुछ स्थानों पर किसानों को वापस लौटना पड़ रहा है, जिसके बाद वह बिचौलियों को औने-पौने दाम पर धान बेचने के लिए मजबूर हो गए हैं। नगवां ब्लाक के वैनी हाट शाखा पर दो तौल मशीन लगाकर किसानों की खरीद की जा रही है। केंद्र पर पहुंचने वाले किसानों से खरीद की जा रही है। हाट शाखा पर 4400 एमटी लक्ष्य के सापेक्ष करीब तीन हजार मीट्रिक टन से अधिक की खरीद की जा चुकी है। करीब 550 से अधिक किसानों का धान केंद्रों पर खरीदा गया है। इसमें से लगभग किसानों के खाते में धनराशि भी चली गई है। हाट शाखा के केंद्र प्रभारी दिवाकर गर्ग ने बताया कि केंद्र पर पहुंचने वाले सभी किसानों की धान खरीद की जा रही है। किसी भी किसानों को वापस नहीं किया जा रहा है। शासन के क्रय नीति के अनुसार ही खरीद की जा रही है। मिलर्स को केंद्रों से धान उठाने के निर्देश दिए गए हैं। खरीद के सापेक्ष मिलरों की तरफ से धान का उठान किया जा रहा है। केंद्र प्रभारियों को मिलरों से संपर्क करके धान उठाने के लिए कहा गया है। अगर किसी स्तर से लापरवाही पाई गई तो संबंधित केंद्र प्रभारी के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। - अमित कुमार चौधरी, डिप्टी आरएमओ।
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