Sonbhadra News: जुगैल में पांच मोबाइल टॉवरों से मिलेगी डिजिटल उड़ान
Sonbhadra News: जुगैल में पांच मोबाइल टॉवरों से मिलेगी डिजिटल उड़ानइल टॉवरों से मिलेगी डिजिटल उड़ान - डीएम के प्रयास से जुगैल में अतिरिक्त तीन टॉवरों को मिली मंजूरी

Sonbhadra News: सोनभद्र, संवाददाता। जिले के दूरस्थ और लंबे समय से मोबाइल नेटवर्क की समस्या से जूझ रहे जुगैल क्षेत्र के ग्रामीण जल्द ही नेटवर्क से जुड़ जाएंगे। जिला प्रशासन के प्रयास से पिपरा, गरदा और जोरावा में बीएसएनएल के 4-जी मोबाइल टॉवर स्थापित किए जाएंगे। इन तीन नए टॉवरों की मंजूरी के साथ ही जुगैल ग्राम पंचायत में निर्बाध मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध कराने के लिए कुल पांच टॉवर स्थापित करने का रास्ता साफ हो गया है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के निर्देश पर टॉवर स्थापना की प्रक्रिया तेज कर दी गई है.
टॉवर स्थापना की प्रक्रिया
डीएम ने बताया कि जिले के नेटवर्क विहीन क्षेत्रों में संचार सुविधा मजबूत करने के लिए पहले 25 मोबाइल टॉवर स्वीकृत किए गए थे। इनमें से 22 टॉवरों की स्थापना का कार्य शुरू हो चुका है। तीन टॉवर वन विभाग से संबंधित औपचारिकताओं के कारण लंबित हैं, जिन पर भी जल्द काम शुरू होने की उम्मीद है। जुगैल में तीन नए टॉवरों की स्वीकृति के बाद जिले में कुल टॉवरों की संख्या बढ़कर 28 हो गई है। जिलाधिकारी ने बताया कि क्षेत्रफल की दृष्टि से जुगैल जिले की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत है। भौगोलिक परिस्थितियों के कारण यहां के कई इलाकों में मोबाइल नेटवर्क की सुविधा बेहद कमजोर है। ग्रामीण लंबे समय से इस समस्या के समाधान की मांग कर रहे थे। इसको देखते हुए बीएसएनएल के अधिकारियों से लगातार समन्वय किया गया। सामान्य तौर पर एक ग्राम पंचायत में अधिकतम दो मोबाइल टॉवर लगाए जाने का प्रावधान है, लेकिन जुगैल की जरूरत को देखते हुए बीएसएनएल के डीजी स्तर पर वार्ता कर अतिरिक्त टॉवरों की आवश्यकता से अवगत कराया गया। इसके बाद पिपरा, गरदा और जोरावा में तीन अतिरिक्त 4-जी टॉवर लगाने की स्वीकृति प्रदान की गई.
समस्या का समाधान
वर्षों पुरानी समस्या का होगा समाधान
जुगैल क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क की कमी लंबे समय से ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई थी। नेटवर्क न होने के कारण लोगों को फोन करने या इंटरनेट उपयोग के लिए गांव से दूर ऊंचे स्थानों पर जाना पड़ता था। आपात स्थिति में परिजनों, पुलिस, एंबुलेंस और अन्य सेवाओं से संपर्क करना भी मुश्किल होता था। विद्यार्थियों की ऑनलाइन पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी प्रभावित होती थी, जबकि किसान, व्यापारी और युवा डिजिटल सेवाओं से वंचित रह जाते थे.
डिजिटल विकास की राह
इंटरनेट की पहुंच से विकास की मुख्यधारा से जुड़ेंगे ग्रामीण
मोबाइल टॉवर लगने के बाद क्षेत्र में संचार और इंटरनेट सेवाओं में व्यापक सुधार की उम्मीद है। बेहतर नेटवर्क से विद्यार्थियों को ऑनलाइन शिक्षा, युवाओं को रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं की जानकारी, किसानों को कृषि व मौसम संबंधी सूचनाएं तथा आमजन को सरकारी योजनाओं और ऑनलाइन सेवाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा। बैंकिंग, डिजिटल भुगतान और ई-गवर्नेंस जैसी सेवाएं भी सुलभ होंगी। आपात स्थिति में पुलिस, एंबुलेंस और स्वास्थ्य सेवाओं से तत्काल संपर्क संभव हो सकेगा। बेहतर नेटवर्क से क्षेत्र के लोग शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और डिजिटल सेवाओं के जरिए मुख्यधारा से जुड़ सकेंगे.


