Sonbhadra News: जिला अस्पताल में 300 रुपये लेकर बनाया जा रहा मेडिकल प्रमाण पत्र
Sonbhadra News: जिला अस्पताल में 300 रुपये लेकर बनाया जा रहा मेडिकल प्रमाण पत्र जिला अस्पताल में 300 रुपये लेकर बनाया जा रहा मेडिकल प्रमाण पत्र जिला अस्पताल में 300
Sonbhadra News: सोनभद्र, संवाददाता। राजकीय मेडिकल कालेज से संबंद्ध जिला संयुक्त चिकित्सालय में मंगलवार को मेडिकल फिटनेश प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर 300 रुपये वसूले जाने का मामला सामने आया है। ओबरा तहसील क्षेत्र के परसोई गांव निवासी एक छात्र ने आरोप लगाया है कि आईईआरटी, प्रयागराज में डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश के लिए आवश्यक मेडिकल प्रमाण पत्र बनवाने के दौरान अस्पताल के भीतर ही उससे रुपये लिए गए और जिला संयुक्त चिकित्सालय की मुहर-ठप्पे और हस्ताक्षर के साथ मेडिकल प्रमाण पत्र बनाकर दे दिया गया। मामले के सामने आने के बाद अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
मामले का विवरण
परसोई गांव निवासी संजय कुमार आईईआरटी प्रयागराज में डिप्लोमा पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने के लिए आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने जिला संयुक्त चिकित्सालय पहुंचा था। छात्र का आरोप है कि अस्पताल परिसर में मेडिकल प्रमाण पत्र बनवाने की बात कही और इसके एवज में 300 रुपये लिए। रुपये लेने के बाद अस्पताल के भीतर ही मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र पर जिला संयुक्त चिकित्सालय की मुहर और संबंधित चिकित्सक के हस्ताक्षर कर दिए गए। छात्र के अनुसार उसे यह जानकारी नहीं थी कि जिला अस्पताल से इस तरह के मेडिकल प्रमाण पत्र के नाम पर रूपये लिए जाते हैं। प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने की जल्दबाजी में उसने रुपये देकर प्रमाण पत्र बनवा लिया। जबकि जिला संयुक्त चिकित्सालय से मेडिकल प्रमाण पत्र जारी करने पर पहले से रोक लगी हुई है। ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि यदि अस्पताल से मेडिकल प्रमाण पत्र जारी करने पर रोक है, तो फिर अस्पताल के भीतर यह प्रमाण पत्र कैसे तैयार हुआ और उस पर अस्पताल की मुहर व हस्ताक्षर कैसे लगाए गए। इससे अस्पताल परिसर में दलालों की सक्रियता और अस्पताल की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
सूत्रों की माने तो अस्पताल में तरह के प्रमाण पत्र पहले भी बनाए जा चुके हैं। मामले में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा.डीके सिंह ने कहा कि जिला संयुक्त चिकित्सालय से मेडिकल प्रमाण पत्र जारी करने पर रोक लगी हुई है। यहां से कोई भी मेडिकल फिटनेश प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जाता है। यदि अस्पताल परिसर में किसी दलाल या अन्य व्यक्ति ने रुपये लेकर इस प्रकार का प्रमाण पत्र तैयार कराया है तो पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।
कोट:
जिला अस्पताल से मेडिकल प्रमाण पत्र जारी करने पर रोक लगी हुई है। यदि अस्पताल परिसर में किसी ने रुपये लेकर इस प्रकार का प्रमाण पत्र बनवाया है तो यह गंभीर मामला है। पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होगी।
- डा.डीके सिंह, सीएमएस।


