अहंकार और अधर्म का अंत निश्चित

Apr 09, 2026 05:06 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, सोनभद्र
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Sonbhadra News - अनपरा में संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के दौरान कथावाचक श्याम जी उपाध्याय ने राजा पृथु के आदर्श शासन और राजा वेन के अंत का उदाहरण दिया। उन्होंने भगवान की निष्काम भक्ति और धर्मपथ पर चलने की महत्वता बताई। कथा में भारी भीड़ जुटी और भजनों पर श्रोताओं ने आनंद लिया।

अहंकार और अधर्म का अंत निश्चित

अनपरा,संवाददाता। अहंकार और अधर्म का अंत निश्चित होता है। धर्मपूर्ण भक्तिमय जीवन जीने वाला राजा पृथु आदर्श शासक राज्य को कल्याणकारी बनाता है जबकि अहंकार में डूबे राजा वेन का बुरा अंत होता है। अनपरा कालोनी शिवमंदिर प्रागंण में संगीतमय श्रीमद्भागवत के दौरान श्रीकृष्ण जन्म और बाललीलाओं का संदर्भ सुनाते वृंदावन से आये कथावाचक श्याम जी उपाध्याय ने कहा कि भगवान की निष्काम भक्ति और धर्मपथ पर चलने से ही जीवन सफल होता है।भौतिक सुख सुविधा की तुलना में भगवत ध्यान और भजन उच्चतर शांति प्रदान करते है। इतना समझ लीना अब प्रभु से मिलन होगा ...जैसे भजनों पर झूम रहे श्रोताओं ने जमकर जयकारें लगाये।

देर शाम तक चली भागवत कथा में भारी संख्या में भारी भीड़ जुटी। प्रसाद वितरण और आरती संग कथा के चौथे दिन का समापन हुआ। मंदिर समिति के तमाम कार्यकर्ता पदाधिकारी व्यवस्था में लगे रहे।

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