Sonbhadra News: मेडिकल कॉलेज में मेडिसिन की ओपीडी पहुंची 500 के करीब
Sonbhadra News: मेडिकल कॉलेज में मेडिसिन की ओपीडी पहुंची 500 के करीबर पेट दर्द के मरीजों की बढ़ी संख्या, अस्पताल में सुबह से उमड़ रही भीड़ फोटो कैप्सन:12-म्योरपुर सीएचसी

Sonbhadra News: सोनभद्र, संवाददाता। मौसम के बदलते मिजाज का असर अब लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है। कभी बारिश तो कभी उमस और तापमान में हो रहे उतार-चढ़ाव के बीच मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इन दिनों मरीजों की भारी भीड़ उमड़ रही है। मेडिसिन विभाग की ओपीडी प्रतिदिन साढ़े चार सौ से पांच सौ मरीजों तक पहुंच गई है। मेडिकल कॉलेज में करीब एक माह पहले मेडिसिन विभाग की ओपीडी में प्रतिदिन ढाई से तीन सौ मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे थे। लेकिन मौसम में बदलाव के साथ मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। वर्तमान में पहले की तुलना में करीब दोगुने मरीज मेडिसिन विभाग की ओपीडी में पहुंच रहे हैं। इससे सुबह से ही पंजीकरण काउंटर, चिकित्सकों के कक्ष और दवा वितरण केंद्रों पर मरीजों व तीमारदारों की भीड़ नजर आ रही है। मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों में उल्टी-दस्त और वायरल बुखार से पीड़ित लोगों की संख्या अधिक है। इसके अलावा सिर दर्द, पेट दर्द और कमजोरी की शिकायत लेकर भी बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। मौसम में बदलाव और खानपान में लापरवाही को देखते हुए चिकित्सक लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। मेडिसिन विभाग में तीन चिकित्सक मरीजों का परीक्षण कर उन्हें उपचार और आवश्यक परामर्श दे रहे हैं। इसके बावजूद मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण ओपीडी में भीड़ बनी हुई है। ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों से भी बड़ी संख्या में लोग बेहतर उपचार की उम्मीद लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंच रहे हैं。
स्वास्थ्य पर मौसम के प्रभाव
मेडिकल कॉलेज के आसिस्टेंड प्रोफेसर व फिजिशियन डा.राहुल सिंह ने लोगों से मौसम के इस दौर में खानपान और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की अपील की है। उन्होंने पर्याप्त मात्रा में साफ पानी पीने की सलाह दी है। दूषित पानी से होने वाली बीमारियों से बचने के लिए पानी को उबालकर या अन्य सुरक्षित तरीके से शुद्ध करने के बाद इस्तेमाल करने की सलाह दी। कहा बाहर और खुले में रखे खाद्य पदार्थों के सेवन से बचना चाहिए। बासी भोजन और अस्वच्छ खानपान से भी पेट संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। घर का ताजा और स्वच्छ भोजन करने के साथ ही हाथों की साफ-सफाई पर ध्यान देना जरूरी है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति
लगातार हो रही बारिश और मौसम में बदलाव के कारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र म्योरपुर में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। इन दिनों प्रतिदिन करीब 400 मरीज उपचार के लिए सीएचसी पहुंच रहे हैं। बुखार, सर्दी-जुकाम, खांसी, उल्टी-दस्त, पेट दर्द और कमजोरी से पीड़ित मरीजों की संख्या अधिक देखी जा रही है। मौसम में उतार-चढ़ाव और जलभराव के कारण वायरल, जलजनित एवं मच्छरजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. शिशिर श्रीवास्तव ने बताया कि बरसात के मौसम में लोगों को स्वास्थ्य के प्रति विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। साफ पानी का सेवन करें और आसपास स्वच्छता बनाए रखें। बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर जांच कराएं। शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संजीव बिंद ने कहा कि बारिश के दिनों में बच्चों को संक्रमण से बचाने के लिए विशेष सावधानी जरूरी है। बच्चों को दूषित पानी और खुले खाद्य पदार्थों से बचाएं तथा तेज बुखार या उल्टी-दस्त होने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें। वहीं डॉ. पल्लवी सिन्हा ने मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए घरों के आसपास पानी जमा न होने देने और मच्छरदानी के प्रयोग की सलाह दी।


