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बिजली वितरण कंपनियों की दुर्दशा के लिए सरकार जिम्मेदार

नेशनल कोआर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इम्प्लाइज एंड इंजीनियर्स के आह्वान पर बिजली कर्मचारियों एवं इंजीनियरों का एक राष्ट्रीय कन्वेंशन दो अगस्त...

बिजली वितरण कंपनियों की दुर्दशा के लिए सरकार जिम्मेदार
Newswrapहिन्दुस्तान टीम,सोनभद्रMon, 01 Aug 2022 12:30 AM
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अनपरा,संवाददाता। नेशनल कोआर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इम्प्लाइज एंड इंजीनियर्स के आह्वान पर बिजली कर्मचारियों एवं इंजीनियरों का एक राष्ट्रीय कन्वेंशन दो अगस्त को दिल्ली के कॉ्स्टिटट्यूशन क्लब में आयोजित किया गया है। सम्मेलन में इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2022 के बिजली उपभोक्ताओं, पावर सेक्टर और बिजली कर्मचारियों पर पड़ने वाले दूरगामी प्रतिगामी प्रभाव पर विस्तृत चर्चा होगी और केंद्र सरकार के विचार हेतु एक प्रस्ताव पारित किया जाएगा। सम्मेलन में इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2022 के विरोध में राष्ट्रव्यापी आन्दोलन की घोषणा की जायेगी।ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के चेयरमैन शैलेंद्र दुबे ने बताया कि प्रधानमंत्री के वक्तव्य से बिल्कुल स्पष्ट हो गया है कि सरकारी क्षेत्र की बिजली वितरण कंपनियां सरकार की गलत नीति का शिकार है और यदि सरकार समय से सब्सिडी और बिजली बिलों का भुगतान करें तो बिजली कंपनियों के समक्ष कोई वित्तीय संकट नहीं है ।अत: इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2022 के जरिए बिजली वितरण के निजीकरण का प्रस्ताव वापस लिया जाना चाहिए और सरकारी क्षेत्र की बिजली वितरण कंपनियों को बिना सरकारी हस्तक्षेप के स्वतंत्र रूप से कार्य करने का अवसर दिया जाना चाहिए। सम्मेलन में यूपी समेत देश के सभी प्रांतों से बिजली कर्मचारी और इंजीनियर सम्मिलित होंगे। राष्ट्रीय सम्मेलन में यह भी तय किया जाएगा कि यदि केंद्र सरकार बिजली कर्मचारियों और उपभोक्ताओं से विस्तृत चर्चा किए बिना इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2022 को संसद में जोर जबरदस्ती से पारित कराने की कोशिश करती है तो देश भर के तमाम 27 लाख बिजली कर्मचारी और इंजीनियर आंदोलन करने हेतु बाध्य होंगे। आंदोलन की विस्तृत रूपरेखा और रणनीति राष्ट्रीय सम्मेलन में घोषित की जाएगी।

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