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18 अप्रैल, 2021|11:32|IST

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अज्ञात वाहन की चपेट में आने से वन दरोगा की मौत

अज्ञात वाहन की चपेट में आने से वन दरोगा की मौत

स्थानीय थानांतर्गत ओबरा-बग्घानाला रोड पर शारदा मंदिर के समीप एक अज्ञात वाहन की चपेट में आने से बाइक सवार ओबरा वन प्रभाग में वन दरोगा के पद पर तैनात तेज प्रताप सिंह की मौत हो गई। वाहन फरार हो गया। तेज प्रताप मूलरूप से आजमगढ़ जिले के निवासी थे।

तेज प्रताप सिंह(55) पुत्र सुभकरन सिंह, निवासी हरैया, जिला आजमगढ़ किसी काम से शुक्रवार की सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे के आसपास बाइक से चोपन जा रहे थे। शारदा मंदिर से कुछ दूरी पर जब वह पहुंचे थे तभी एक अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दिया। टक्कर से उनके सिर पर गंभीर रूप से चोट आई और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद वहां जुटी भीड़ में से किसी ने ओबरा थाना को सूचना दी। कुछ ही देर में वहां पहुंची पुलिस ने अज्ञात वाहन की तलाश की। लेकिन, उसका कुछ पता नहीं चला। पुलिस ने शव को पीएम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। तेज प्रताप अपने पीछे पत्नी दो पुत्री और दो पुत्र छोड़ गए हैं। इस समय उनकी बड़ी बेटी के रिश्ते की बात चल रही थी। सूचना पर परिवार आजमगढ़ से रवाना हो चुका है। विभागीय सूत्रों के अनुसार वन सुरक्षा दल के सदस्य रहे तेज प्रताप सिंह को धमकियां मिल रहीं थीं। इस सम्बन्ध में उन्होंने अपने उच्चाधिकारियों को अवगत भी कराया था। उधर, दोपहर बाद पुलिस अधीक्षक आशीष श्रीवास्तव ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।

हत्या को लेकर भी हो रही चर्चा

ओबरा। तेज प्रताप सिंह की मौत को लेकर क्षेत्र में दबे जुबान से हत्या की भी चर्चा हो रही है। तेज प्रताप सिंह वन विभाग के इंफोर्समेंट विंग से जुडे़ हुए थे। इस विंग के सदस्यों ने पिछले कुछ दिनों से बालू का अवैध खनन करने वालों की नाक में दम कर रखा है। ओबरा और जुगैल थाना क्षेत्र में रात में चोरी-छिपे हो रहे बालू के अवैध खनन को लेकर टीम ने काफी कार्रवाई भी की है। क्षेत्र में चर्चा है कि कहीं बालू खनन के अवैध करोबार से जुड़े लोगों का तो वह शिकार नहीं हुए हैं। हालांकि पुलिस इस आशंका से इंकार कर रही है।

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  • Web Title:Forest Officer died in an accident