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28 नवंबर, 2020|2:20|IST

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सोनभद्र में पहुंचे हाथी, कोडार के जंगल में डाला डेरा

सोनभद्र में पहुंचे हाथी, कोडार के जंगल में डाला डेरा

1 / 2पड़ोसी प्रदेश छत्तीसगढ़ के झापर के जंगलों से निकल कर हाथियों का झुण्ड रविवार की तड़के सोनभद्र के बीजपुर थाना क्षेत्र के कोडार के जंगल में पहुंच गया है। हाथियों के आने की सूचना से कोडार गांव के लोगों में...

सोनभद्र में पहुंचे हाथी, कोडार के जंगल में डाला डेरा

2 / 2पड़ोसी प्रदेश छत्तीसगढ़ के झापर के जंगलों से निकल कर हाथियों का झुण्ड रविवार की तड़के सोनभद्र के बीजपुर थाना क्षेत्र के कोडार के जंगल में पहुंच गया है। हाथियों के आने की सूचना से कोडार गांव के लोगों में...

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पड़ोसी प्रदेश छत्तीसगढ़ के झापर के जंगलों से निकल कर हाथियों का झुण्ड रविवार की तड़के सोनभद्र के बीजपुर थाना क्षेत्र के कोडार के जंगल में पहुंच गया है। हाथियों के आने की सूचना से कोडार गांव के लोगों में दहशत है। उधर, वन विभाग की टीम भी सूचना मिलते ही कोडार गांव पहुंच गई है। हाथियों पर लगातार निगरानी बनाए हुए है।शनिवार की रात हाथियों का एक दल छत्तीसगढ़ के झापर के जंगल में मौजूद था। हालांकि इसकी सूचना पर सोनभद्र वन विभाग की टीम भी सतर्क थी। सूचना मिली कि हाथियों का एक अन्य दल बीजपुर थाना क्षेत्र के कोडार गांव की ओर शनिवार की रात में ही पहुंच गया। बताते हैं कि रात में ही हाथियों ने कोडार गांव में जंगल के पास सुग्रीव वैश्य के खेत में खड़ी फसल को नुकसान भी पहुंचाया। वन विभाग के वाचर रमजान खान की मानें तो दर्जन भर हाथी कोडार के जंगल में शनिवार की आधी रात के आसपास पहुंच गए थे। इसमें से कुछ गांव की ओर से आने की कोशिश किए। लेकिन, उन्हें ग्रामीणों की मदद से जंगल में खदेड़ दिया गया । उधर, जरहा रेंज के डिप्टी रेंजर बालमुकुंद मिश्रा ने बताया कि रविवार की सुबह हाथी नेमना और कोडार के जंगल में नाले के पास देखे गए हैं। अभी गांव की ओर नहीं आए हैं। उन पर लगातार नजर रखी जा रही है। इसके लिए वन विभाग की एक टीम मुस्तैद है।

झापर में छह किसानों के फसलों को पहुंचायी क्षति

बभनी। छत्तीसगढ़ के जंगलों से भटक आए हाथियों का दल शनिवार की रात को सोनभद्र की सीमा से सटे छत्तीसगए़ के चरचरी के जंगल से निकल कर बगल के गांव झापर में रात के पहुंच गया। वहां सात किसानों के खेत में लगी धान की फसल से अपनी भूख मिटाई। इस दौरान खेतों में हाथियों की आवाजाही से इन सात किसानों का खेत पूरी तरह से बर्बाद हो गया। गनीमत रहा कि हाथियों का दल गांव की ओर नहीं आया। फिर भी हाथियों के भय से झापर और चरचरी गांव के लोग जगे रहे। वन विभाग की टीम भी लगातार इन हाथियों पर निगरानी बनाए रही। जिसके कारण हाथी गांवों की ओर नहीं आ सके। जानकारी के अनुसार 15 हाथियों के झुण्ड में कुछ छोटे बच्चे भी शामिल हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दिन भर हाथी जंगलों में छिपे रह रहे हैं। लेकिन, रात होते ही गांव की ओर रुख कर जा रहे हैं। गांव के बाहर की ओर लगी किसानों की फसलों को खा रहे हैं। यदि गांव में पहुंच जाते हैं तो उत्पात मचाने लग जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि छत्तीसगढ़ शासन हम लोगों के फसल और मकान के नुकसान की क्षतिपूर्ति तत्काल कर रही है। उत्तर प्रदेश की सरकार ऐसा नहीं कर रही है। वहां तो पिछले साल हुए नुकसान की भरपाई अब तक नहीं की गई है। छत्तीसगढ़ के रघुनाथ नगर परिक्षेत्र के वन क्षेत्राधिकारी राम शरन राम ने बताया कि झापर में सात किसानों की फसल हाथियों ने बर्बाद की है। फिलहाल हाथी झापर के जंगल में हैं।

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  • Web Title:Elephant arrived in Sonbhadra camped in Kodar forest