
हादसे के बाद डीजीएमएस की टीम ने जिले में डाला डेरा
Sonbhadra News - बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र में हुए हादसे की जांच के लिए खान सुरक्षा निदेशालय (डीजीएमएस) की टीम ने दो दिनों से डेरा डाला है। टीम ने खदानों की सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी कारणों की जांच की। पिछले शनिवार को खदान में पत्थर धसकने से सात मजदूरों की मौत हो गई थी। खनन क्षेत्र में सन्नाटा पसरा हुआ है।
ओबरा, हिन्दुस्तान संवाद। बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र में हुए हादसे की जांच के लिए खान सुरक्षा निदेशालय (डीजीएमएस) की टीम दो दिनों से जिले में डेरा डाले हुए है। टीम मौके पर जाकर हादसे की गहनता से जांच कर रही है। खान सुरक्षा निदेशायल की टीम ने बुधवार एवं गुरुवार को दुर्घटना वाली खदान सहित आस पास के खदानों की सुरक्षा व्यवस्था को देखा। इसके अलावा टीम ने खदानों की गहराई, खदानों में आने जाने वाले मार्गों, मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था, खदानों में सीढ़ीनुमा कटान, मशीनरियों की तैनाती सहित घटना की तकनीकी कारणों आदि का स्थलीय अवलोकन किया। टीम में शामिल एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि दुर्घटना वाली खदान में रेस्क्यू के दौरान मै पूरे समय खदान में नीचे मौजूद रहा।

दुर्घटना वाली खदान को बंद करने का निर्देश लगभग डेढ़ माह पूर्व दे दिया गया था। उन्होंने साफ कहा कि मेरी नजर में दुर्घटना वाली खदान अवैध थी। बता दें कि बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र में स्थित कृष्णा माइनिंग वर्क्स में बीते शनिवार की शाम खदान में ड्रिलिंग के दौरान पत्थर का बड़ा भाग धसकने से नीचे दबकर हुई सात मजदूरों की मौत के बाद पूरे खनन क्षेत्र में सन्नाटा पसरा हुआ है। वही बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र मे काम करने वाली सभी मशीनें जहां तहा खड़ी पड़ी है। यही नहीं किसी बड़ी कार्यवाही की आशंका में पूरे खनन क्षेत्र में क्रशर भी पूरी तरह से बंद पड़े है। हालांकि खनन व्यवसाई हुई इस दुर्घटना से काफी मर्माहत भी है। दुर्घटना के एक सप्ताह बाद भी हादसा वाली खदान के मुहाने पर अभी भी पुलिस फोर्स की तैनाती रखी गई है।

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