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कंपोनेंट ब्लड सेपरेशन यूनिट को मिला लाइसेंस, मिलेगा प्लेटलेट्स व प्लाज्मा

सोनभद्र, संवाददाता। जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में लगाई गई कंपोनेंट ब्लड सेपरेशन...

कंपोनेंट ब्लड सेपरेशन यूनिट को मिला लाइसेंस, मिलेगा प्लेटलेट्स व प्लाज्मा
हिन्दुस्तान टीम,सोनभद्रTue, 14 May 2024 10:00 PM
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सोनभद्र, संवाददाता।
जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में लगाई गई कंपोनेंट ब्लड सेपरेशन यूनिट को औषधि विभाग की तरफ से लाइसेंस मिल गया है। सीएमओ डा.अश्वनी कुमार ने सोमवार को ब्लड बैंक में लगी मशीन का निरीक्षण किया। एक सप्ताह के अंदर मशीन को चालू करने का निर्देश दिया गया। जिसके बाद मरीजों को प्लेटलेट्स व प्लाज्मा के लिए महंगे दाम पर प्राइवेट हास्पिटलों का सहारा नहीं लेना पड़ेगा।

जिला अस्पताल में ब्लड बैंक तो पूर्व से संचालित है, लेकिन ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर यूनिट नहीं होने से प्लाज्मा व रक्त संबंधी अन्य जरूरतों के मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ती थी। ब्लड सेपरेशन मशीन करीब ढाई साल से आकर ब्लड बैंक में रखी गई है। उसे इंस्टाल भी कर दिया था। मशीन का कुछ हिस्सा आना शेष था वह भी आ चुका था। लेकिन लाइसेंस नहीं मिलने के चलते मशीन का संचालन नहीं हो सका था। जिससे मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा था। लेकिन अब औषधि विभाग की तरफ से लाइसेंस मिल जाने के बाद लोगों की परेशानी दूर हो सकेगी। सीएमओ ने बताया कि अगले सप्ताह तक मरीजों के लिए ब्लड सेपरेशन यूनिट शुरु कर दी जाएगी। इस यूनिट के शुरू होने से मरीजों को प्लाज्मा आसानी से मिल सकेगा। जिसके चलते मरीजों के परिजनों को इधर-उधर भटकना नहीं होगा। ब्लड से रेड सेल के अलावा प्लेटलेट्स तैयार किया जाएगा। इसके लिए यहां कार्यरत तीन लैब टेक्नीशियन को पूर्व में ही वाराणसी में प्रशिक्षण दिया गया है। उन्हें वहां मशीनों की पूरी जानकारी और ब्लड सेपरेशन करने की जानकारी दी गई। कंपोनेंट सेपेरेशन यूनिट बनने से ब्लड से प्लाज्मा व प्लेटलेट्स निकाला जा सकेगा। इससे डेंगू के गंभीर मरीजों को जरूरत के अनुसार रक्त मिल सकेगा और उनका आसानी से उपचार हो सकेगा। मरीजों को अब वाराणसी समेत अन्य शहरों का चक्कर नहीं प्लेटलेट्स व प्लाज्मा के लिए नहीं लगाना पड़ेगा।

जिले के सभी निजी और सरकारी अस्पतालों में मिलाकर करीब तीन सौ यूनिट खून की खपत है, जबकि रक्तदान करने वालों की संख्या काफी कम है। जनपद में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन लैब न होने से मरीजों व उनके तीमारदारों को वाराणसी समेत अन्य जगहों पर प्लेटलेट्स और प्लाज्मा के लिए दौड़ लगानी पड़ती है। प्लेटलेट्स के लिए लोगों को निजी अस्पताल में महंंगी कीमत देनी पड़ती थी। लेकिन लाइसेंस मिलने के बाद एक सप्ताह में यह समस्या दूर हो जाएगी। डेंगू आदि के गंभीर मरीजों को इलाज के लिए वाराणसी आदि जगहों पर जाने की जरूरत नहीं होगी। उन्हें आसानी से प्लेटलेट्स मिल सकेगा।

कंपोनेंट ब्लड सेपरेशन यूनिट को औषधि विभाग से लाइसेंस मिल गया है। सोमवार को मशीन का निरीक्षण किया गया। एक सप्ताह के अंदर मशीन को चालू करने का निर्देश दिया गया है। जिससे मरीजों को प्लेटलेट्स व प्लाज्मा ब्लड बैंक में ही मिलना शुरू हो जाए।

- डा.अश्वनी कुमार, सीएमओ।

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