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21 अक्तूबर, 2020|1:09|IST

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कोरोना से एनसीएल कर्मी की मौत सें खफा कोयला कर्मियों ने जमकर मचाया हंगामा

कोरोना से एनसीएल कर्मी की मौत सें खफा कोयला कर्मियों ने जमकर मचाया हंगामा

निगाही परियोजना में कार्यरत एक एनसीएल कर्मी की गुरुवार तड़के कोरोना से मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। एनसीएल के नेहरू शताब्दी चिकित्सालय प्रबन्धन पर एम्बुलेंस समय पर न देने का आरोप लगाते हुए भारी संख्या में कोयला कर्मियों ने बीएमएस के नेतृत्व में चिकित्सालय में विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। निगाही परियोजना के कर्मचारियों ने खदान में काम ठप कर दिया । प्रबन्धन के साथ घंटों चली वार्ता में घटना की जांच का भरोसा महा प्रबन्धक कार्मिक एसएस हसन और सीएमएस नेहरू चिकित्सालय एसके भुवाल ने दिया जिसके बाद मामला शांत हो सका। एनसीएल के कोयला प्रभारी मुन्नीलाल, कोखमसंघ के महामंत्री अरूण दुबे ने बताया कि निगाही परियोजना अध्यक्ष 50 वर्षीय राजा राम मरावी कोरोना के गंभीर लक्षणो के आधार पर नेहरू हास्पिटल जयन्त में भर्ती कराये गए । भर्ती कराये जाने के बाद उनकी जांच की गई। वह कोरोना पॉज़िटिव आये । स्थिति गंभीर देखते हुए उन्हें रीवा रेफर कर दिया गया। दोपहर 3 बजे का रेफर होने के बाद एम्बुलेंस की व्यवस्था होने में देर लगी । एम्बुलेंस मिली तो ड्राइवर नहीं मिला । निगाही परियोजना से एक ड्राइवर बुलाया गया। एम्बुलेंस के साथ जाने के लिए नेहरू में जो संविदा टेक्नीशियन रखा गया था उसने भी साथ जाने से मना कर दिया । यह सब होते होते रात 9 बज गये । 6 घंटे विलम्ब से कोरोना मरीज को बाहर भेजा गया जिससे वह रीवा जाते समय रास्ते मे ही मरीज की मृत्यु हो गयी । श्रमिक संगठन बी एम एस के मुन्नीलाल , पी के सिंह ,मयाशंकर सिंह , बेचूलाल , अरुण कुमार दुबे , डी पी दुबे , परचन प्रसाद , राजकुमार आदि पदाधिकारियों के साथ घंटो वार्ता का दौर चला । अधिकारी संघ महासचिव सर्वेश सिंह भी वार्ता में शामिल हुए ।

संगठन के ये लगाएआरोप

निगाही में 8 दिन से खराब होने के बाद मरीज का कोविद टेस्ट नेहरू रेफर क्यो नही किया गया। 3 बजे नेहरू से बाहर रेफर करने के निर्णय के बाद रात 9 बजे बाहर भेजा जा सका ।आपातकालीन स्थिति में इतना अधिक समय ,हास्पिटल का चुनाव , एम्बुलेंस , ड्राइवर , टेक्नीशियन की व्यवस्था में क्यो ंलगा। कोरोना के किस- किस हास्पिटल में जगह खाली है इसकी जानकारी नेहरू को पहले से क्यों नही है ।कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि निजी प्रैक्टिस न करने का भत्ता लेने के बाद भी नेहरू के डॉक्टर बकायदे अपना निजी हास्पिटल तक चला रहे हैं ।कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि कोरोना जैसी महामारी में अधिकारियों के लिए विशेष व्यवस्था कर बाहर भेज जा रहा है दूसरी ओर कर्मचारियों को बाहर भेजने में विलम्ब सहित तमाम तरह की लापरवाही बरती जा रही है ।

वार्ता में यह बनी सहमति

घटना की जांच के लिए हाई पावर कमेटी बनाकर 10 दिन के भीतर रिपोर्ट के आधर पर दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी । कोरोना मरीज को बाहर ले जाने के लिए सर्वसुविधायुक्त एम्बुलेंस मय टेक्नीशियन हायर किया जाएगा । वाराणसी सहित अन्य शहरों में कोरोना हास्पिटल में एन सी एल कर्मियों के लिए सीट रिजर्व करने या खाली सीट की जानकारी पहले से सुनिश्चित करने की कार्यवाही की जाएगी । कोविड पॉजिटिव मरीज आकस्मिक रूप से किसी भी कोविड हास्पिटल में जा सकता है जिसका रिफर कोरम कम्पनी द्वारा पूरा किया जाएगा । ड्यूटी में रीवा जाने से से मना करने वाले संविदा टेक्नीशियन की सेवा समाप्ति की कार्यवाही की जाएगी ।

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  • Web Title:Coal workers fiercely create ruckus due to death of NCL worker from Corona