
प्रबन्धक को पुलिस ने उठाया,भड़के कोयला अधिकारी
Sonbhadra News - एनसीएल बीना परियोजना के सहायक प्रबन्धक सुमित बरनवाल को शक्तिनगर पुलिस ने उनके आवास से उठाया, जिससे कोयला अधिकारियों में रोष फैल गया। कोल माइन्स आफिसर्स एसोसिएशन ने प्रबंधन को सूचित करते हुए उनकी तत्काल रिहाई की मांग की। पुलिस ने बाद में पूछताछ के बाद उन्हें घर वापस भेज दिया।
अनपरा,संवाददाता। एनसीएल बीना परियोजना के उत्खनन विभाग में कार्यरत सहायक प्रबन्धक सुमित बरनवाल को उनके आवास से शुक्रवार शाम लगभग आठ बजे अचानक शक्तिनगर पुलिस द्वारा उठा लिए जाने से कोयला अधिकारी भड़क गये। कोल माइन्स आफिसर्स एसोसिएशन बीना शाखा ने तत्काल मामले की सूचना परियोजना प्रबन्धन को देते हुए तत्काल अधिकारी को रिहा करने की मांग की। शनिवार सुबह आपातकालीन बैठक कर पुलिस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निन्दा करते हुए पुलिस प्रशासन को आगाह किया कि इस प्रकार की मनमानी बर्दाश्त नही होगी। प्रतिक्रिया देख हरकत में आयी पुलिस ने सुबह लगभग दस बजे अधिकारी को पूछताछ के बाद घर वापस भेज दिया जिसके बाद मामला कुछ शांत हुआ।

पुलिस का कहना है कि बीना वर्कशाप में बीते आठ नवम्बर को हुई डंम्पर इंजन चोरी के मामले में सम्बन्धित अधिकारियों से पूछताछ की जा रही है। इसके विपरीत शनिवार सुबह भारी संख्या में एकत्र कोयला अधिकारियों का आरोप था कि प्रबन्धन द्वारा चोरी में शामिल रहे एनसीएल कर्मियों और सुरक्षा कर्मियों के खिलाफ तहरीर दे प्राथमिकी पहले ही दर्ज करा दी है। चोरी में शामिल नामजद आरोपियों और उनसे इंजन खरीदने वाले कबाड़ चोरों से पूछताछ की जगह निरपराध अधिकारियों का उत्पीड़न करने का प्रयास हो रहा है जो कतई उचित नही है। बीते आठ नवम्बर को बीना वर्कशाप से डंपर का इंजन एनसीएल कर्मियों ने गेट पास बनवा कर चोरी कर लिया।इसका वीडियो वायरल हुआ तो प्रबन्धन हरकत में आया। 17 नवम्बर को एनसीएल ड्राइवर नवीन कुमार और रामसजीवन को निलम्बित कर जांच बैठा दी। 20 नवम्बर को सुरक्षा निरीक्षक महेन्द्र कुमार पाल ने शक्तिनगर पुलिस को तहरीर दे रामसजीवन और सुरक्षा गार्ड धनकुमार यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी। इस बीच महज रामसजीवन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने पर 21 नवम्बर को प्रबन्धक मासं मौ शहबाज संग एचएमएस नेता अभिषेक सिंह से कार्यालय में जमकर गाली गलौच व विवाद हुआ । आरोप था कि अधिकारी अपने -अपने चहेतों को बचाने में लगे है। इसकी एफआईआर भी 21 नवम्बर को ही करायी गयी। क्षेत्राधिकारी पिपरी अमित कुमार का कहना है कि खदान में हुई चोरी में पुलिस को भ्रामक जानकारी दी जा रही है। पहले कहा गया कि इंजन मिल गया और बाद मे बताया कि इंजन नही मिला। पुलिस को आशंका है कि पूर्व में भी इस प्रकार की बंदर बांट होती रही है जिसे अब छिपाने का प्रयास हो रहा है।

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