भगवान बुद्ध के विचार ने भारत को बनाया विश्व गुरू
Sonbhadra News - सोनभद्र में बौद्ध महोत्सव का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का आरंभ ध्वजारोहण और राष्ट्रगान से हुआ। मुख्य अतिथि भंते बुद्ध ज्योति ने बुद्ध और सम्राट अशोक के आदर्शों की चर्चा की। अतिथि बबलू बिंद ने कहा कि सम्राट अशोक के माध्यम से बुद्ध का विचार विश्व में फैला। आदिवासी छात्रों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
सोनभद्र, संवाददाता। प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी बौद्ध विरासत की ऐतिहासिक धरती मऊ कला सोनभद्र में गुरुवार को बौद्ध महोत्सव का आयोजन किया गया। आयोजन की शुरूआत अतिथियों ने ध्वजारोहण व राष्ट्रगान से किया। इस दौरान मुख्य अतिथि परम पूज्य भंते बुद्ध ज्योति ने कहा कि भगवान बुद्ध एवं सम्राट अशोक के महान आदर्श पर गौरवशाली भारत स्थपित हुआ। इसमें ना कोई शोषक था ना कोई शोषित सभी मनुष्य थे। मानवीय हृदय और मानवी संवेदना शीलता थी। समता, स्वतंत्रता, न्याय बंधुत्व का बोलबाला था ना कोई अमीर था ना कोई गरीब सबकी नजर में भारतवर्ष एक परिवार एवं देशवासी उसके सदस्य थे।
विशिष्ट अतिथि बबलू बिंद ने कहा कि प्रियदर्शी सम्राट अशोक के माध्यम से भगवान बुद्ध का विचार पूरी दुनिया में पहुंचा तब भारत को विश्व गुरु के रूप में जाना गया। मुख्य संरक्षक पूर्व विधायक अविनाश कुशवाहा ने कहा कि सम्राट अशोक ने कहा था कि समस्त प्रजा मेरी संतान है। ऐसे ही भारत वर्ष की परिकल्पना बाबा साहब डॉक्टर बीआर अंबेडकर द्वारा रचित भारतीय संविधान के द्वारा राष्ट्र के मनुष्यों ने किया है। कार्यक्रम को डॉक्टर वीरेंद्र सिंह, कृपाशंकर चौहान, रामनरेश, पूजा आदि ने संबोधित किया। बुद्ध महोत्सव कार्यक्रम में आदिवासी छात्र-छात्राओं द्वारा सामाजिक बुराइयों के खिलाफ सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संचालन रवि मौर्य एवं सहसंचालक कपिजल मौर्य ने किया। इस मौके पर संस्थापक अध्यक्ष सुजीत कुमार मौर्य, नामवर कुशवाहा, सूबेदार कुशवाहा, श्रीनाथ धांगर, अनिल मौर्य, बुद्धिनाथ मौर्या, संजय कुशवाहा, राम सिंह यादव, राधारमन सिंह आदि मौजूद रहे।

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