Hindi NewsUttar-pradesh NewsSonbhadra News20 Years Imprisonment for Man Convicted of Rape of 7-Year-Old Girl in Sonbhadra
बालिका से दुष्कर्म के दोषी को 20 वर्ष की कठोर कैद

बालिका से दुष्कर्म के दोषी को 20 वर्ष की कठोर कैद

संक्षेप: Sonbhadra News - सोनभद्र में एक विशेष न्यायाधीश ने 7 वर्षीय बालिका के साथ दुष्कर्म के मामले में दोषी छोटे को 20 वर्ष की कठोर कैद की सजा सुनाई। इसके अलावा, 20,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है, जिसमें से 15,000 रुपये पीड़िता को मिलेंगे। यह घटना 21 मई 2021 को हुई थी।

Tue, 11 Nov 2025 10:01 PMNewswrap हिन्दुस्तान, सोनभद्र
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सोनभद्र, संवाददाता। अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की अदालत ने मंगलवार को करीब चार वर्ष पूर्व घर के समीप नाले के पास खेल रही सात वर्षीय बालिका के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में दोषसिद्ध पाकर दोषी को 20 वर्ष के कठोर कैद की सजा सुनाई। उसके ऊपर 20 हजार रूपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं अर्थदंड की धनराशि में से 15 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी। अभियोजन पक्ष के मुताबिक रामपुर बरकोनिया थाने में पीड़िता की मां ने तहरीर दी थी। आरोप लगाया था कि 21 मई 2021 को शाम सात बजे थाना क्षेत्र निवासी छोटे ने उसके सात वर्षीय बालिका को घर के समीप नाले के पास अकेला पाकर उसके साथ जबरन दुष्कर्म कर रहा था।

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बेटी के चीखने चिल्लाने की आवाज सुनकर वहां बेटे के साथ पहुंची तो वह कहीं शिकायत करने पर जान मारने की धमकी देते हुए भाग गया। पुलिस ने जांच करने की बात कही। एसपी को रजिस्टर्ड डाक से सूचना दिया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। तब कोर्ट में धारा 156(3) सीआरपीसी के तहत प्रर्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई थी। कोर्ट के दो जुलाई 2021 के आदेश के अनुपालन में रामपुर बरकोनिया पुलिस ने सात जुलाई को एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दिया। पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने छोटे के विरुद्ध कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया था। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्को को सुनने, सात गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दोषी छोटे को 20 वर्ष की कठोर कैद एवं 20 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील दिनेश प्रसाद अग्रहरि, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और नीरज कुमार सिंह ने बहस की।