
दुष्कर्म के दोषी को 10 वर्ष की कठोर कैद
Sonbhadra News - सोनभद्र में अपर सत्र न्यायाधीश ने एक दोषी को 10 वर्ष की कठोर कैद और एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। पीड़िता ने आरोप लगाया था कि 17 सितंबर 2019 को शादी का झांसा देकर उसे बहला फुसलाकर भगा लिया गया और उसके साथ दुष्कर्म किया गया।
सोनभद्र, संवाददाता। अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी/सीएडब्ल्यू अर्चना रानी की अदालत ने शनिवार को युवती को बहला फुसलाकर भगा ले जाने व उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में दोषसिद्ध पाकर दोषी को 10 वर्ष की कठोर कैद की सजा सुनाई। एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर छह माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बितायी अवधि सजा में समाहित होगी। अर्थदंड की संपूर्ण धनराशि एक लाख रुपये पीड़िता को मिलेगी। अभियोजन पक्ष के मुताबिक जुगैल थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता ने 28 फरवरी 2020 को जुगैल थाने में दी तहरीर दी थी। आरोप लगाया था कि 17 सितंबर 2019 को शादी का झांसा देकर उसे बहला फुसलाकर सिंटू उर्फ सुरेंद्र कुमार, निवासी खेवंधा, थाना जुगैल भगा ले गया और उसके साथ करीब पांच माह तक दुष्कर्म करता रहा।

जब उसने कोर्ट मैरिज कराने के लिए कहने लगी तो उसने इनकार कर दिया। इस बात को लेकर पंचायत भी हुई थी, लेकिन रखने को तैयार नहीं हुआ और उसे भगा दिया। तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने विवेचना किया। पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने चार्जशीट दाखिल किया था। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान और पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दोषी सिंटू उर्फ सुरेंद्र कुमार को 10 वर्ष की कठोर कैद व एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील सत्यप्रकाश त्रिपाठी ने बहस की।

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