बाप को टुकड़ों में काटने वाले बेटे ने बरामद कराया हाथ, लखनऊ में कल नीले ड्रम में मिली थी आधी लाश
यूपी की राजधानी लखनऊ में बाप को टुकड़ों में काटने वाले बेटे ने हाथ बरामद कराया है। पुलिस टीम पैर की तलाश में लगी है। बेटे ने अपने कारोबारी पिता की गोली मारकर हत्या कर दी थी। वारदात करने के बाद हाथ और पैर काट-काटकर फेंक लगा दिया था। आधी लाश नीले ड्रम छिपा दिया था।

राजधानी लखनऊ में शराब और पैथालॉजी कारोबारी मानवेंद्र सिंह पिता की हत्या के आरोपी बेटे अक्षत प्रताप सिंह की निशानदेही हाथ बरामद कर लिया गया है। हत्यारोपी बेटे को लेकर पुलिस उसके घर पहुंची है। घटनास्थल का दोबारा मौका मुआयना कर रही है। इंस्पेक्टर आशियाना छत्रपाल और उनकी टीम ने पैर बरामदगी के लिए अभी भी लगी है। इसके अलावा पुलिस बेटे से पूछताछ कर रही है। दरअसल, सोमवार को आशियाना सेक्टर एल में दिल को दहला देने वाली घटना सामने आई। शराब और पैथालॉजी कारोबारी मानवेंद्र सिंह (45) की उनके बेटे अक्षत ने ही गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात करने के बाद हाथ और पैर काट-काटकर फेंक लगा दिया था। बाकी धड़ घर में ही नीले ड्रम में छिपा दिया। उसे भी एसिड से जलाने की तैयारी थी। मौके पर एक गैलेन में 20 लीटर एसिड भी मिला है। पुलिस ने धड़ कब्जे में ले लिया। हाथ पैर की तलाश कर रही। बेटे अक्षय प्रताप सिंह को हिरासत में ले लिया है।
पुलिस उपायुक्त मध्य विक्रांत वीर समेत अन्य अफसर मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। मौके से साक्ष्य संकलन किए। डीसीपी का दावा है कि बेटे ने ही विवाद के बाद 20 फरवरी को मानवेंद्र सिंह को लाइसेंसी रायफल से गोली मारी थी। घटना के समय घर में मौजूद छोटी बहन कृति को धमकाया था कि अगर उसने किसी को कुछ बताया तो वह उसे भी मार देगा। प्राथमिक पूछताछ में पता चला है कि मानवेंद्र बेटे पर नीट की तैयारी करने का दबाव बना रहे थे। इसलिए उसने उनकी हत्या कर दी।
मोहल्ले में सबके करीबी थे मानवेंद्र, हर व्यक्ति की करते थे मदद
शराब कारोबारी मानवेंद्र सिंह की हत्या से मोहल्ले के लोग हतप्रभ हैं। वो मोहल्ले में सबके करीबी थे। पूरे मोहल्ले में उनकी किसी से अनबन नहीं थी। हर किसी से हसंकर बोलते थे। बड़े और छोटे का आदर करते थे। लोगों की मदद के लिये हमेशा आगे रहते थे। मोहल्ले में कई बार भागवत, रामलीला समेत कई धार्मिक आयोजन कराएं। होली व दीपावली व दूसरे त्योहार भी सभी के साथ मिलकर मनाते थे। मोहल्ले में होने वाले हर आयोजन में हाथ मदद के साथ हाथ बंटाते थे। घटना की जानकारी मिलते ही मोहल्ले के पुरुष, महिला एवं बच्चे सभी घर के सामने देर रात तक जमा रहे। हर कोई मानवेन्द्र की तारीफ ही कर रहा था। ऐसी घटना के बाद मोहल्ले में किसी को भरोसा नहीं हो रहा है कि उनके अपने बेटे अक्षय प्रताप उर्फ राजा पर ही हत्या का आरोप लगेगा।
बेटे का हर शौक पूरा करते थे मानवेन्द्र
मानवेन्द्र बेटे का हर शौक पूरा करते थे। महंगा मोबाइल से लेकर बाइक व कार खरीदकर दी। इसके बावजूद बेटे ने पिता जैसे रिश्ते को कलंकित कर दिया। पास में खड़़ी महिलाओं ने कहा कि हमारा तो घर आना जाना था। मानवेन्द्र का व्यवहार सरल और सौम्य था। कभी किसी से ऊंची आवाज में बात तक नहीं की। बच्चों का बड़ा ख्याल रखते थे।
बच्चों की खातिर नहीं की दूसरी शादी
मानवेन्द्र के दोस्तों व आस पास के लोगों ने बताया कि पत्नी की मौत के बाद सभी ने दूसरी शादी करने के लिये कई बार कहा, लेकिन बच्चों के खातिर दूसरी शादी करने से मना कर दिया। मानवेन्द्र लोगों से यही कहते थे कि दूसरी शादी करने पर बच्चों की सही से देखभाल नहीं हो पाएगी। अब शादी नहीं करनी है। दूसरी पत्नी बेटी और बेटे के साथ भेदभाव करेगी। परिवार बिगड़ जाएगा। अब इन्हीं बच्चों के सहारे जीवन कट जाएगा।
मां का रो-रोक बुरा हाल
बेटे का शव देख बुजुर्ग मां और पिता बिलख पड़े। पिता ने खुद को संभाल लिया, लेकिन मां लगातार रोयी जा रही थी। रिश्तेदारों एवं मोहल्ले के लोगों ने मां को संभाला। कुछ देर बाद मां बेसुध हो गई। पड़ोसी उन्हें लेकर अपने घर गए। वहां भी लगातार रोए जा रही थी। हर कोई संभाल रहा था, लेकिन वह एक ही रट लगाए थी कि बेटा ये क्या हो गया? मेरा बेटा चला गया। मैं बेटे से नहीं मिल पायी। मानवेन्द्र के रिटायर दरोगा पिता ने कहा कि पोता पढ़ने में होनहार था। ऐसा कदम उसने क्यों उठाया? यही बात सोचकर परेशान हूं।
लेखक के बारे में
Deep Pandeyदीप नरायन पांडेय लाइव हिन्दुस्तान में पिछले आठ सालों से यूपी की खबरें करते हैं। डिजिटल, टीवी और प्रिंट जर्नलिज्म में 15 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले दीप नरायन पांडेय वरिष्ठ पत्रकार हैं। दीप अब डिजिटल मीडिया के जाने माने नाम बन गए हैं। दीप हिंदी भाषा की डिजिटल पत्रकारिता के नए आयामों को बेहतर समझते हैं। यूपी की राजनीति के साथ क्राइम की खबरों पर अच्छी पकड़ है। सामाजिक, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और हेल्थ पर भी लिखते हैं। दीप पाठकों की पसंद को समझने और उसी तरह से न्पूज प्रस्तुत करने में माहिर हैं। दीप सरल भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुंचाते हैं। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने-लिखने में भी रुचि रखते हैं। मास कम्युनिकेशन में बीए और एमए दीप नरायन पांडेय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गोंडा के रहने वाले हैं। दीप ने पत्रकारिता की शुरुवात लखनऊ से की। टीवी चैनल से करियर का आगाज करने वाले दीप इसके बाद प्रिंट अमर उजाला लखनऊ में भी रहे। हिन्दुस्तान प्रिंट में वाराणसी, गोरखपुर, फिर लखनऊ में कार्य के दौरान विभिन्न जिलों के डेस्क इंचार्ज रहे हैं। यूपी विधानसभा चुनाव 2012, 2017, 2022, लोकसभा चुनाव, पंचायत चुनावों के दौरान बेहतर कवरेज कर चुके हैं।
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