Hindi NewsUP NewsSohrab was feared from Lucknow to Delhi challenged the SSP and committed three murders in an hour
SSP को चुनौती देकर एक घंटे में की थीं तीन हत्याएं, कुख्यात सोहराब का लखनऊ से दिल्ली तक था खौफ

SSP को चुनौती देकर एक घंटे में की थीं तीन हत्याएं, कुख्यात सोहराब का लखनऊ से दिल्ली तक था खौफ

संक्षेप:

पत्नी की बीमारी के नाम पर तिहाड़ जेल से पैरोल पर बाहर आने के बाद से फरार लखनऊ के गैंगस्टर सोहराब को दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया है। 20 साल पहले सोहराब का खौफ लखनऊ से दिल्ली तक के कारोबारियों में फैला हुआ था। एसएसपी को चुनौती देकर उसने एक घंटे में तीन हत्याएं की थीं।

Nov 20, 2025 07:17 am ISTYogesh Yadav लाइव हिन्दुस्तान, लखनऊ, विशेष संवाददाता
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दिल्ली की तिहाड़ जेल से पैरोल पर बाहर आने के बाद से फरार लखनऊ के गैंगस्टर कुख्यत सोहराब को पुलिस ने कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया है। वर्ष 2005 में तत्कालीन एसएसपी आशुतोष पाण्डेय को मोबाइल पर चुनौती देकर एक घंटे में तीन हत्याएं करने वाले सीरियल किलर भाइयों सलीम, सोहराब और रुस्तम की दहशत लखनऊ से दिल्ली तक थी। यही वजह थी कि सोहराब के फरार होने पर व्यापारियों के साथ ही उसके विरोधियों में भी डर देखा गया। लखनऊ के कैंट के कई बड़े व्यापारी उसके एक फोन पर रकम पहुंचा देते थे। लखनऊ कमिश्नरेट पुलिस के लिए भी सोहराब की फरार रहना चुनौती बना हुआ था।

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फरारी के दौरान सोहराब ने अपने घर वालों से मोबाइल से बात ही नहीं की। माना जा रहा हे कि किसी करीबी की मुखबिरी पर ही दिल्ली पुलिस ने उसे कोलकाता से गिरफ्तार किया। वर्ष 2004 में रमजान के महीने में इनके सबसे छोटे भई शहजादे की हुसैनगंज में हत्या कर दी गई थी। इसका बदला ही उसने सीरियल किलिंग कर लिया था।

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दिनों दिन दहशत बढ़ती गई थी

सीरियल किलर सलीम, सोहराब व रुस्तम की दहशत लगातार बढ़ती जा रही थी। इन लोगों ने दिल्ली में दिनदहाड़े एक ज्वेलरी शोरूम में डकैती डाली थी। लखनऊ में उसके गिरोह की मुखबिरी कर रहे स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी सैफी की हत्या इन लोगों ने करवा दी थी। कुछ व्यापारियों ने सोहराब के फोन पर वसूली देने से मना कर दिया था। तीनों भाईयों को पता चला कि भाजपा पार्षद पप्पू पाण्डेय ने वसूली देने से मना किया था। इस पर तीनों ने 29 सितम्बर वर्ष 2013 को अमीनाबाद में पप्पू की हत्या करवा दी।

पेशी पर रोक लगा दी थी कोर्ट ने, होने लगी वीडियो कांफ्रेंसिंग

सीरियल किलर भाईयों की दहशत बढ़ने से व्यापारी सबसे ज्यादा खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे थे। पुलिस भी इनके नेटवर्क के सामने कुछ नहीं कर पा रही थी। ये लोग साठगांठ से वकील के जरिए कोर्ट में इस तरह से पेशी की तारीख डलवाते थे कि वह हर दूसरे-तीसरे दिन ट्रेन से दिल्ली से लखनऊ आते रहते थे। बाद में कोर्ट ने सीरियल किलर भाईयों को तिहाड़ जेल से पेशी आने पर रोक लगा दी थी।

इसके बाद इनकी पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए होने लगी। एक समय था जब सलीम की पत्नी अंजुम आरा छावनी परिषद की अध्यक्ष तक बन गई थी। हालांकि बाद में सलीम और अंजुम में अलगाव हो गया था। तब सलीम ने उसकी हत्या करवाने की साजिश भी रची थी। कहा यहां तक जा रहा कि अपनी दहशत फिर से कायम करने को लेकर ही सोहराब ने फरार होने की साजिश भी रची थी पर एसटीएफ ने इसका भण्डाफोड़ कर दिया था।