BHU में पद्मश्री डॉक्टर लाहिड़ी से मारपीट से सियासी पारा चढ़ा, जांच के लिए समिति बनी

लाइव हिन्दुस्तान, वाराणसी, कार्यालय संवाददाता
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बीएचयू अस्पताल में फेमस डॉक्टर पद्मश्री प्रोफेसर टीके लाहिड़ी के साथ कथिक रूप से मारपीट के मामले में सामाजिक और सियासी पारा चढ़ गया है। योगी के मंत्री के निर्देश पर जांच के लिए समिति बना दी गई है। 

Dr TK Lahiri
बीएचयू के फेमस डॉक्टर पद्मश्री टीके लाहिड़ी से मारपीट के आरोपों से खलबली मची है (फाइल फोटो)

वाराणसी में बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में कार्डियोथोरेसिक सर्जन रहे पद्मश्री प्रो. टीके लाहिड़ी के साथ वार्ड में मारपीट के आरोप ने हलचल मचा दी है। इससे सोशल मीडिया पर सामाजिक-सियासी पारा चढ़ गया है। इस बीच, योगी के मंत्री रवींद्र जायसवाल ने लाहिड़ी से मिलने के बाद मामले की जांच का निर्देश दिया है। जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है। इसमें बीएचयू के चीफ प्रॉक्टर, आईएमएस निदेशक और डीसीपी काशी को रखा गया है। कांग्रेस और सपा के प्रतिनिधि भी अस्पताल पहुंचे और मामले की जानकारी लेने के साथ डॉ.लाहिड़ी का हाल जाना।

प्रो. लाहिड़ी की कोलकाता में रहने वाली बहन ने बीएचयू एवं अस्पताल प्रशासन को ई-मेल भेजकर कॉर्डियोथोरेसिक विभाग के डॉ. अरविंद पांडेय के खिलाफ शिकायत की है। इसके बाद मेडिकल बोर्ड ने जांच शुरू कर दी थी। अब समिति बना दी गई है। इस बीच, आईएमएस निदेशक एवं अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक ने अस्पताल में प्रो. लाहिड़ी का हालचाल लिया और मारपीट की घटना से इनकार किया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी स्पष्टीकरण जारी कर आरोप का खंडन किया है।

85 वर्षीय प्रो. टीके लाहिड़ी गत आठ माह से अस्पताल के कॉर्डियोथोरेसिक विभाग में भर्ती हैं। वह टीबी एवं डिमेंशिया से ग्रसित हैं। उनका इलाज डॉ. अरविंद पांडेय की ही निगरानी में चल रहा है। प्रो. लाहिड़ी की बहन केतकी ने एक सितम्बर की दोपहर में भेजे गए ई-मेल में आरोप लगाया कि सुबह डॉ. डॉ.अरविंद ने उन्हें थप्पड़ मारा और गाली भी दी।

उनका यह भी कहना था कि वहां खड़े एक कर्मचारी ने डॉ. पांडेय को रोकने की कोशिश की थी। सोशल मीडिया में मामला आने के बाद पूर्व से गठित मेडिकल टीम रविवार की सुबह अस्पताल पहुंची और प्रो. लाहिड़ी का हाल जाना। आईएमएस निदेशक प्रो. एसएन संखवार और चिकित्सा अधीक्षक प्रो. पुनीत भी वार्ड पहुंचे और प्रो. लाहिड़ी से बातचीत की। वहां की व्यवस्था भी देखी। सोशल मीडिया पर आमजन और राजनेता बीएचयू की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

पुलिस ने चीफ प्रॉक्टर से ली जानकारी

बीएचयू से रिटायर कार्डियोथोरेसिक सर्जन पद्मश्री डॉ. टीके लाहिड़ी से कथित तौर पर मारपीट का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने स्वत: संज्ञान लिया। एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार ने बताया कि चीफ प्रॉक्टर से बात की गई। उनकी ओर से बताया गया है कि शिकायत के क्रम में आंतरिक स्तर पर जांच कराई जा रही है। एसीपी ने बताया कि पूरे मामले में नजर रखी जा रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से शिकायत मिलने पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। बताया कि चीफ प्रॉक्टर से कहा गया है कि जैसी भी जांच रिपोर्ट आती है, इसकी जानकारी दी जाए। बीएचयू प्रशासन अगर किसी तरह की पुलिस कार्रवाई चाहता है तो तत्काल अवगत कराया जाए। उन्होंने बताया कि लंका पुलिस को भी इस बारे में सचेत रहने के निर्देश दिए गए हैं।

अधिवक्ता ने लंका थाने में दी तहरीर

अधिवक्ता दीपक राय ‘कान्हा’ ने लंका थाने में तहरीर दी है। आरोप लगाया है कि कार्डियोथोरेसिक सर्जन पद्मश्री डॉ. टीके लाहिड़ी के साथ डॉ. अरविंद पांडेय ने मारपीट की। मारपीट से उनके चेहरे और आंख में गंभीर चोट आई है। मुकदमा दर्ज कर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है।

प्रो. लाहिड़ी मेरे गुरु, आरोप गलत: डॉ. अरविंद पांडेय

डॉ. अरविंद पांडेय ने कहा कि प्रो. लाहिड़ी मेरे गुरु हैं। मैं उनके साथ मारपीट के बारे में सोच भी नहीं सकता हूं। वह थूक रहे थे। मैंने बस मुंह की तरफ हाथ बढ़ाकर रोकने का प्रयास किया। पिछले आठ महीने से उनकी सेवा कर रहा हूं। वार्ड में शौच कर देते हैं तो मैं उसे भी साफ कराता हूं। पीटने और गाली देने का आरोप बेबुनियाद और गलत है।

डॉ.लाहिड़ी का मुद्दा गंभीर है : कांग्रेस

प्रो. टीके लाहिड़ी के साथ आईसीयू में बद्सलूकी और थप्पड़ मारने के आरोप को कांग्रेस ने गंभीर करार दिया है। इस मामले में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय के निर्देश पर महानगर कांग्रेस अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल रविवार को बीएचयू पहुंचा। उन्होंने प्रो. लाहिड़ी के स्वास्थ्य की जानकारी ली। चौबे ने कहा कि यदि परिजनों के आरोप सही हैं तो इतनी गंभीर घटना आईसीयू जैसी संवेदनशील जगह पर कैसे हुई और जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं हुई? पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच जरूरी है। जांच में यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषी व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। प्रतिनिधिमंडल में चंचल शर्मा, रोहित दूबे, प्रिंस चौबे और आयुष पटेल शामिल रहे।

सपा ने भी दर्ज कराया विरोध

वाराणसी। प्रो. लाहिड़ी के साथ कथित अभद्रता के मामले में सपा ने भी विरोध दर्ज कराया है। रविवार को भेलूपुर स्थित पार्टी के महानगर कार्यालय में अध्यक्ष दिलीप डे की मौजूदगी में बैठक हुई। महानगर अध्यक्ष ने कहा कि यह अत्यंत गंभीर मामला है। उनके साथ इस कृत्य के लिए दोषी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कदम उठज्ञए जाने चाहिए। उसकी अविलंब गिरफ्तारी होनी चाहिए। बैठक में डॉ. सूबेदार सिंह, डॉ. बहादुर सिंह यादव, योगेंद्र यादव, डॉ. दीपक वर्मा महेंद्र सिंह यादव, अजहर अली सिद्दीकी, राजेश यादव , रजत बाल्मीकि, विवेक जोसफ, आरती यादव मौजूद रहे।

बीएचयू के छात्रों ने किया प्रदर्शन

बीएचयू के छात्रों ने परिसर स्थित विश्वनाथ मंदिर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने प्रो. लाहिड़ी को न्याय दिलाने की मांग की। वहीं दूसरी ओर से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) बीएचयू इकाई के प्रतिनिधिमंडल ने प्रो. लाहिड़ी से मुलाकात की। इकाई अध्यक्ष पल्लव सुमन ने कहा कि आरोपी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए। सहमंत्री जया यादव प्रो. लाहिड़ी को सुरक्षा व्यवस्था देने की मांग की है।

क्या बोले निदेशक और एमएस

आईएमएस निदेशक प्रो. एसएन संखवार के अनुसार प्रो. टीके लाहिड़ी के साथ मारपीट नहीं हुई है। मैंने खुद जाकर हालचाल लिया है। डॉ. अरविंद पिछले आठ माह से सेवा कर रहे हैं। जो भी आरोप लग रहा है वह गलत है। हमारी टीम लगातार निगरानी कर रही है। वहीं, अस्पताल के एमएस प्रोफेसर पुनीत के अनुसार मारपीट का आरोप गलत है। बहन की शिकायत के बाद एक टीम जांच के लिए गई थी। मारपीट नहीं हुई है। अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारी ही उनकी सेवा कर रहे हैं।

उधर, वाराणसी के कमिश्नर एस राजलिंगम ने कहा कि बीएचयू से जांच रिपोर्ट मंगाई थी, इसमें मारपीट की घटना सामने नहीं आई है। आंतरिक मेडिकल टीम की जांच में भी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। यहीं रिपोर्ट भी आगे भी भेज दी जाएगी।

बीएचयू ने जारी किया स्पष्टीकरण

बीएचयू प्रशासन ने इस बीच स्पष्ट किया है कि प्रो. लाहिड़ी के साथ सर सुंदरलाल अस्पताल में कथित मारपीट और दुर्व्यवहार प्रकरण की शिकायत बीएचयू के कुलपति, आईएमएस निदेशक और चिकित्सा अधीक्षक को ई-मेल पर प्राप्त हुई थी। चिकित्सा अधीक्षक (एमएस) ने तीन सितम्बर को ह्रदय रोग, सामान्य मेडिसिन, मनोचिकित्सा, वृद्धावस्था रोग, न्यूरोलोजी, क्रिटिकल केयर और, टीबी और छाती रोग के विशेषज्ञ चिकित्सकों से डॉ. लाहिड़ी के स्वास्थ्य की जांच का आदेश जारी किया। विशेषज्ञ चिकित्सकों की रिपोर्ट के अनुसार डॉ लाहिड़ी उम्र जनित शारीरिक और मानसिक बीमारियों के चलते अपने उपचार, नित्यकर्म तथा साफ-सफाई में भी आनाकानी करते रहते हैं। जनवरी में भर्ती होने के बाद अस्पताल के चिकित्साधिकारी और कर्मचारी निरंतर उनका ध्यान रख रहे हैं और उनका इलाज किया जा रहा है। बीएचयू प्रशासन उनके स्वास्थ्य के प्रति अत्यधिक गंभीर है और इसीलिए विशेष चिकित्सीय निगरानी में रखा गया है।

Yogesh Yadav

लेखक के बारे में

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योगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।

पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।

बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।

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