रीचार्ज के दो घंटे के भीतर नहीं आई बिजली तो मुआवजा, क्या है प्रीपेड स्मार्ट मीटर का नियम

Mar 16, 2026 02:54 pm ISTYogesh Yadav लाइव हिन्दुस्तान, लखनऊ, विशेष संवाददाता
share

रीचार्ज के दो घंटे के भीतर बिजली नहीं आई तो मुआवजा मिले। यह कहना है उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा का। उन्होंने बताया कि  रिचार्ज के बाद भी बिजली नहीं आने पर मुआवजा का नियम पहले से है।

रीचार्ज के दो घंटे के भीतर नहीं आई बिजली तो मुआवजा, क्या है प्रीपेड स्मार्ट मीटर का नियम

स्मार्ट मीटरिंग लागू होते ही यूपी के लाखों प्रीपेड बिजली मीटर ग्राहकों की बत्ती गुल हो चुकी है। बड़ी संख्या में लोगों ने रिचार्ज भी करा लिया लेकिन बिजली नहीं शुरू हो सकी है। लोग बिजली दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। इसे लेकर राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने ऐसे स्मार्ट मीटर कनेक्शन धारकों को मुआवजा दिए जाने की मांग की है, जिनके कनेक्शन रीचार्ज के बाद भी नहीं जुड़े। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि कनेक्शन न जुड़ने पर 50 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मुआवजे का नियम है।

अवधेश ने कहा कि स्मार्ट मीटरिंग लागू होने के बाद बकायेदारों के कनेक्शन खुद कट गए। तमाम उपभोक्ताओं ने तत्काल बिल जमा कर दिया, लेकिन उसके बाद भी उनके कनेक्शन नहीं जुड़ सके। ऐसे सभी उपभोक्ता मुआवजे के हकदार हैं। नियमों में दो घंटे के भीतर कनेक्शन जोड़ने की बाध्यता है। हालांकि, तमाम उपभोक्ताओं के साथ ऐसा नहीं हुआ।

पूर्वांचल, मध्यांचल, दक्षिणांचल, पश्चिमांचल और केस्को में 14 मार्च को शाम 5:30 तक 1,13,862 स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के कनेक्शन नेगेटिव बैलेंस की वजह से कट गए थे। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 16,263 मामलों में रीचार्ज के बाद कनेक्शन जोड़ने की प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन 2,909 उपभोक्ताओं का कनेक्शन जुड़ नहीं सका। इन्हें मुआवजा दिया जाना चाहिए। उपभोक्ता परिषद ने कनेक्शन खुद न जुड़ पाने के वजहों की जांच करवाने की मांग की है।

प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं को भी मिले विकल्प

राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष और राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि बकायेदारों को एक बार 40 प्रतिशत बकाया भुगतान करने के बाद तीन समान किस्तों में भुगतान का विकल्प है। यही विकल्प स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं को भी मिलना चाहिए। पावर कॉरपोरेशन से इस संबंध में मांग की गई है, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ है। नियामक आयोग में याचिका दायर की जाएगी और आदेश जारी करवाए जाएंगे।

नियामक आयोग पहुंचेगा मामला

प्रदेश में 50 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं के स्मार्ट प्रीपेड मीटर खाते का बैलेंस नेगेटिव है। इन उपभोक्ताओं को किस्तों में भुगतान की सुविधा दिए जाने का मामला सोमवार को नियामक आयोग में पहुंचेगा। आयोग से मांग की जाएगी कि प्रीपेड मीटर के उपभोक्ताओं को उसी तरह किस्तों में भुगतान का विकल्प दिया जाए, जैसी सहूलियत पोस्टपेड मीटर उपभोक्ताओं को मिलती है।

केंद्र सरकार की रिवैंप डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) के तहत प्रदेश भर के सभी बिजली उपभोक्ताओं के पुराने मीटरों को स्मार्ट मीटरों से बदला जा रहा है। पुराने मीटर पोस्टपेड थे। जब मीटर बदलकर स्मार्ट लगाए गए, तो वे पहले पोस्टपेड की तरह काम कर रहे थे। पहले से पोस्टपेड का बकाया, मीटर बदलने के बाद काफी समय तक बिल न दिए जाने और तमाम अन्य वजहों से स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ता बकायेदार हो गए। जैसे ही इनके मीटर प्रीपेड मोड में बदले गए तो उपभोक्ताओं के खातों में रकम नेगेटिव दिखाई देने लगी है। तमाम ऐसे उपभोक्ता हैं, जिनके खातों में एक लाख रुपये तक की रकम बकाया है। ऐसे उपभोक्ताओं को किस्तों में भुगतान दिए जाने की मांग हो रही है।

स्मार्ट मीटर में नेगेटिव बैलेंस की वजह से कनेक्शन कटने पर बकाये का 50 प्रतिशत भुगतान करने पर भी तीन दिन के लिए बत्ती जोड़ी जाएगी। पावर कॉरपोरेशन ने रविवार को आदेश जारी करते हुए साफ किया है कि इन तीन दिनों में पूरा रीचार्ज न करने या बैलेंस पॉजिटिव न होने पर कनेक्शन कट जाएगा।

50 प्रतिशत बकाया जमा करने पर तीन दिन का विकल्प

कॉरपारेशन ने यह भी स्पष्ट किया है कि बकाया का 50 प्रतिशत जमा करके तीन दिन के लिए कनेक्शन जुड़वाने का विकल्प केवल एक बार का है। जिनमें से 70.50 लाख मीटर प्रीपेड मोड में काम कर रहे हैं। पावर कॉरपोरेशन ने 13 मार्च से स्मार्ट मीटरिंग व्यवस्था शुरू कर दी है, जिसकी वजह से नेगेटिव बैलेंस वाले उपभोक्ताओं के कनेक्शन स्वत: कट जा रहे हैं। बीते दो दिनों में ऋणात्मक खातों की वजह से कनेक्शन कटने और उनके स्वत: न जुड़ पाने में आ रही दिक्कतों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

Yogesh Yadav

लेखक के बारे में

Yogesh Yadav

योगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।

पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।

बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।

और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News और Kanpur News के साथ-साथ UP Board Result, UP Board 10th Result, UP Board 12th Result और UP News अपडेट हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।