बांबे-मद्रास छोड़ कानपुर आईआईटी में टॉपर महरुफ ने लिया दाखिला, जेईई में हासिल की है 32वीं रैंक
मुंबई-मद्रास जैसे हाईफाई आईआईटी को छोड़कर जेईई में 32वीं रैंक हासिल करने वाले छात्र महरुफ ने कानपुर आईआईटी में दाखिला लिया है। महरुफ के फैसले से आईआईटी कानपुर भी गदगद है। संस्थान को छह साल बाद टॉप-100 रैंकर्स में से कोई छात्र मिला है।

सोशल मीडिया पर वायरल जुड़वा भाइयों ने आखिरकार आईआईटी कानपुर को चुन लिया है। जेईई एडवांस्ड में आल इंडिया 32वीं रैंक प्राप्त करने वाले महरुफ अहमद खान ने अपने जुड़वा भाई के साथ पढ़ने के लिए आईआईटी बांबे और आईआईटी मद्रास को दरकिनार कर आईआईटी कानपुर में प्रवेश लिया है। दोनों भाइयों ने कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में दाखिला लिया है। महरुफ के भाई मसरुर की जेईई एडवांस्ड में आल इंडिया 169वीं रैंक आई है। जुड़वा भाइयों की पसंद ने आईआईटी कानपुर में भी छह साल के टॉप-100 रैंकर्स के प्रवेश के सूखे को खत्म कर दिया है।
आईआईटी कानपुर में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में दाखिला लेने वाले महरुफ और मसरुर ने पिछले दस वर्षों में नया रिकॉर्ड बनाया है। 2015 के बाद पहली बार 32वीं रैंक वाले अभ्यर्थी ने प्रवेश लिया है। वहीं, इन जुड़वा भाइयों की कहानी भी रोमांचित है। भुवनेश्वर के रहने वाले जुड़वा भाइयों के पिता डॉ. मंसूर अहमद खान पेशे से चिकित्सक हैं और आईआईटी भुवनेश्वर में डिस्पेंसरी प्रभारी हैं। मां डॉ. जीनत बेगम भी स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं, जिन्होंने बेटों की तैयारी के लिए अपनी नौकरी छोड़कर तीन साल तक कोटा में रही।
दोनों भाइयों के हाईस्कूल-इंटर में भी आए थे समान अंक
दोनों भाइयों ने जेईई मेंस में 99.99 परसेंटाइल प्राप्त किया था। हालांकि जेईई एडवांस्ड में महरुफ ने आल इंडिया 32 और मसरुर ने 169वीं रैंक प्राप्त की है। दोनों भाइयों के हाईस्कूल और इंटर में भी लगभग समान अंक थे। दोनों भाई प्राथमिक से लेकर अब तक की पढ़ाई संग कर रहे हैं। आईआईटी में भी वे साथ पढ़ना चाहते थे। जिसको लेकर महरुफ ने 32वीं रैंक लाकर आईआईटी बांबे का भी ऑफर ठुकरा कर दूसरे आईआईटी का विकल्प चुनने का फैसला लिया। इस बात से मसरुर काफी भावनात्मक नजर आए।
दोनों ने कंप्यूटर साइंस में लिया प्रवेश
जुड़वा भाइयों ने कानपुर में कंप्यूटर साइंस में प्रवेश लिया है। संस्थान के डीन स्टूडेंट अफेयर्स प्रो. प्रतीक सेन ने कहा कि यह संस्थान के लिए काफी गर्व की बात है कि टॉप 32वीं रैंक पाने वाले छात्र ने दाखिला लिया है। उन्होंने कहा कि सीट अलॉट कर ली है। वह अपने जुड़वां भाई के साथ प्रवेश लेगा।
बंद हुई ब्राइट माइंड स्कॉलरशिप
आईआईटी कानपुर में 32वीं रैंक वाले छात्र ने इस साल प्रवेश लिया है। वहीं, संस्थान की ओर से टॉप 100 रैंकर्स को दी जाने वाली ब्राइट माइंड्स स्कॉलरशिप को इस वर्ष बंद कर दिया गया है। इस स्कॉलरशिप में चयनित छात्रों को हर साल तीन लाख रुपये की स्कॉलरशिप दी जाती थी। प्रो. प्रतीक सेन ने कहा कि पिछले पांच साल तक टॉप रैंकर का इंतजार किया गया लेकिन किसी छात्र के न आने पर स्कॉलरशिप बंद की गई है।
पिछले वर्षों में इन टॉप रैंकर्स ने लिया था प्रवेश
वर्ष टॉप रैंक (प्रवेश लेने वाले)
2016 113
2017 107
2018 103
2019 95
2020 111
2021 115
2022 107
2023 124
2024 120
2025 147


