यूपी सरकार की फ्री कोचिंग में पढ़ने वाले अभ्यर्थियों का कमाल, छह लोगों का यूपीएससी में चयन

Dinesh Rathour लाइव हिन्दुस्तान, लखनऊ
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समाज कल्याण मंत्रालय द्वारा गोमती नगर स्थित भागीदारी भवन में संचालित आवासीय कोचिंग से निशुल्क प्रशिक्षण और मार्गदर्शन प्राप्त कर रहे 2 अभ्यर्थियों और यहां अभ्युदय योजना के अंतर्गत मॉक इंटरव्यू देने वाले 4 अभ्यर्थियों का चयन सिविल सेवा परीक्षा (यूपीएससी)-2025 में हुआ है।

यूपी सरकार की फ्री कोचिंग में पढ़ने वाले अभ्यर्थियों का कमाल, छह लोगों का यूपीएससी में चयन

UPSC Result 2025: यूपी सरकार की मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग योजना ने एक बार फिर अपने प्रभावशाली परिणामों से प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। समाज कल्याण मंत्रालय द्वारा गोमती नगर स्थित भागीदारी भवन में संचालित आवासीय कोचिंग से निशुल्क प्रशिक्षण और मार्गदर्शन प्राप्त कर रहे 2 अभ्यर्थियों और यहां अभ्युदय योजना के अंतर्गत मॉक इंटरव्यू देने वाले 4 अभ्यर्थियों का चयन सिविल सेवा परीक्षा (यूपीएससी)-2025 में हुआ है। सभी चयनित अभ्यर्थियों को समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)श्री असीम अरुण ने बधाई दी है। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ का प्रयास है कि हर मेधावी युवा को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन और संसाधन उपलब्ध हों।

समाज कल्याण विभाग के उपनिदेशक श्री आनंद कुमार सिंह ने बताया कि भागीदारी कोचिंग स्थित आवासीय कोचिंग से विमल कुमार को 107वीं और विपिन देव यादव को 316वीं रैंक मिली है। वहीं भागीदारी भवन आवासीय कोचिंग एवं मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अंतर्गत मॉक इंटरव्यू में शामिल मानसी को 444वीं, महेश जायसवाल को 590वीं, अदिति सिंह को 859वीं और तनीषा सिंह को 930वीं रैंक मिली है।

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विषय विशेषज्ञों और वरिष्ठ अधिकारियों का मार्गदर्शन

समाज कल्याण मंत्रालय द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए भागीदारी भवन में आवासीय कोचिंग का संचालन किया जा रहा है। यहां सिविल सेवा मुख्य परीक्षा के साथ ही इंटरव्यू के लिए विशेष सत्र आयोजित किए जाते हैं, जहां विषय विशेषज्ञों और वरिष्ठ आईएएस और पीसीएस अधिकारियों द्वारा अभ्यर्थियों को मार्गदर्शन प्रदान किया जाता है।

निशुल्क आवास और अध्ययन सामग्री की सुविधा

वहीं इन अभ्यर्थियों को निशुल्क आवासीय सुविधा ,भोजन, पुस्तकालय, ऑनलाइन और ऑफलाइन क्लासेज की सुविधा उपलब्ध करवाई जाती है।

शामली की बेटी आस्था जैन ने नौवां स्थान प्राप्त कर लहराया परचम

वहीं दूसरी ओर शामली की बेटी आस्था जैन ने यूपीएससी में ऑलओवर 9 वीं रैंक प्राप्त कर फिर से सफलता का परचम लहराकर आईएएस बनने की जिद्द पूरी की है। कांधला कस्बे में कनफेक्शनरी की दुकान करने वाले अजय जैन की यह होनहार बेटी पहले भी दो बार यूपीएससी में सफलता प्राप्त पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी है। इससे वह वह 131 और 186 वीं रैंक प्राप्त कर चुकी है। वह अब आंधप्रदेश में हैदराबाद में आईपीएस की ट्रेनिंग ले रही है। आस्था के पिता अजय जैन का कहना है उसका आईएसएस बनने का था। बेटी ने आज उसे भी पूरा कर दिखाया है।

नगर के मौहल्ला सरावज्ञान निवासी अजय जैन एक सामान्य व्यापारी है। उनकी नगर के लक्ष्मी नारायण मंदिर के समीप एक कनफैक्शनरी की दुकान है। उनके यहां तीन पुत्रियां तथा एक पुत्र है,। आस्था जैन दूसरे नंबर पर है। वर्ष 2018-19 में शामली के स्कॉटिश इंटरनेशनल स्कूल से कक्षा 12 में आस्था जैन ने सीबीएसई में आल इंडिया मेरिट में नौवां स्थान प्राप्त किया था। इसके बाद से दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक के साथ साथ यूपीएससी की तैयारी करती रही है। सेल्फ पढ़ाई के साथ ही कुछ समय दिल्ली में भी कोचिंग ली थी।

हैदराबाद में कर रहीं थी आईपीएस की ट्रेनिंग

पहली बार वर्ष 2024 ही यूपीएससी में 131 वां स्थान प्राप्त किया था, जिसके बाद आस्था को हैदराबाद कैडर में आईपीएस की ट्रेनिंग के लिए भेज दिया गया था, किन्तु आस्था का सपना आईएएस बनने का था, जिसके चलते आस्था ने एक बार फिर प्रयास किया किन्तु उसका इस बार भी सपना पूरा नही हो पाया तथा उसे 186 वीं रैंक पर संतोष करना पडा। इसके बाद भी आस्था ने अपना विश्वास एवं हौंसला बनाए रखा। अपने तीसरे प्रयास में आस्था ने पूरे भारत में 9वीं रैंक हासिल की। आस्था जैन ने के माता ममता जैन ने बताया कि उनकी पुत्री ने अपनी प्रारम्भिक परीक्षा नगर में ही करने के बाद उन्होंने हाईस्कूल व इण्टरमीडिएट की परीक्षा शामली के स्कॉटिस स्कूल से की थी। उनका शुरू से ही यूपीएससी क्रेक करने का सपना था। आस्था ने सेल्फ और ऑनलाइन पढ़ाई भी की। अपने स्तर पर किताबों का चयन किया। आस्था जैन के यूपीएससी में चयन के बाद पूरे नगर में खुशी की लहर है। नगर वासी उनके पिता को बधाई देने आ रहे है। माता-पिता से प्रोत्साहन मिलने के बाद सेल्फ स्टडी से ही आस्था जैन ने यूपीएससी क्रैक किया है।

Dinesh Rathour

लेखक के बारे में

Dinesh Rathour

दिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका (डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और डिजिटल माध्यमों से पहचाना है।
लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में कार्यरत दिनेश दिनेश, खबरों के पीछे की राजनीति और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स (वायरल वीडियो) को बारीकी से विश्लेषण करने के लिए जाने जाते हैं।

पत्रकारिता का सफर
हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब एक साल तक काम किया। इसके बाद वह कानपुर में ही दैनिक जागरण से जुड़े। 2012 में मुरादाबाद हिंदुस्तान जब लांच हुआ तो उसका हिस्सा भी बने। करीब दो साल यहां नौकरी करने के बाद दिनेश राजस्थान पत्रिका से जुड़ गए। सीकर जिले में दिनेश ने करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी है।

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