सरायन नदी का स्वरूप लौटेगा, नौ जुलाई से पौधरोपण की तैयारी

हिन्दुस्तान, सीतापुर
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सीतापुर में वन विभाग द्वारा 'एक पेड़ मां के नाम 2.0' वृक्षारोपण अभियान की योजना बनाई जा रही है। इस अभियान का पहला चरण नौ जुलाई से शुरू होगा, जिसमें सरायन नदी के किनारों की सफाई और पौधरोपण किया जाएगा।...

सरायन नदी का स्वरूप लौटेगा, नौ जुलाई से पौधरोपण की तैयारी

एक पेड़ मां के नाम अभियान 2.0 के तहत जिले में बनेंगे कई विशिष्ट वन वन विभाग ने पवित्र धारा नाम की योजना को लेकर पूरी की तैयारियां सीतापुर, संवाददाता। जिले में वन विभाग की ओर से एक पेड़ मां के नाम 2.0 वृक्षारोपण अभियान की तैयारी है। जिसके तहत जिले भर में विशिष्ट वनों की स्थापना के साथ-साथ अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर बड़े पैमाने पर पौधरोपण की व्यापक योजना तैयार की गई है। इस महत्वाकांक्षी अभियान का पहला चरण नौ जुलाई से शुरू होने जा रहा है। जिसकी शुरुआत सरायन नदी के किनारों की साफ-सफाई और वहां पर पौधरोपण के साथ होगी।

पवित्र धारा नाम से चलाए जाने वाले इस अभियान में शहर के बीच से होकर गुजरी सरायन नदी के किनारे सौ हेक्टेयर भूमि पर पौधरोपड़ की तैयारी है। जिसके बाद एक बार फिर सरायन नदी के संरक्षण को लेकर आस जगी है। विभाग की कोशिश है कि अपना अस्तित्व खो चुकी सरायन नदी के गौरव के पल एक बार फिर से वापस लौटाए जाएं। विभाग का कहना है कि एक पेड़ मां के नाम 2.0 पौधरोपण अभियान पर्यावरण संरक्षण और जिले की हरियाली बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। वन विभाग का उद्देश्य केवल संख्या में पेड़ लगाना नहीं है, बल्कि ऐसे विशिष्ट वनों का निर्माण करना है जो जैव विविधता को बढ़ावा दें और स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करें। इन विशिष्ट वनों में विभिन्न प्रकार के देशी पौधों को लगाया जाएगा, जो न केवल हवा को शुद्ध करेंगे। बल्कि वन्यजीवों के लिए भी आवास प्रदान करेंगे। अभियान के पहले चरण में सरायन नदी के किनारों को प्राथमिकता दी गई है। नौ से 11 जुलाई तक चलने वाले पवित्र धारा अभियान में नदी के किनारों की साफ-सफाई कर उन्हें पौधरोपण के लिए तैयार किया जा रहा है। इस अभियान में सरायन नदी के किनारे करीब सौ हेक्क्टेयर भूमि पर पौधरोपण की योजना है। वन विभाग इस अभियान में समाज के तबकों को जोड़ने के लिए भी कोशिश कर रहा है। इससे न केवल नदी के सौंदर्य में वृद्धि होगी, बल्कि नदी के पारिस्थितिकी तंत्र को भी लाभ मिलेगा। भूमि कटाव रुकेगा और नदी के जल स्तर को बनाए रखने में भी मदद मिलेगी। इसके अलावा आने वाले समय में जिले के अन्य महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थानों, जैसे सरकारी भवन, स्कूल, अस्पताल, पार्क और सड़कों के किनारे भी व्यापक पौधरोपण किया जाएगा। प्रभागीय निदेशक वन नवीन खंडेलवाल ने बताया कि इस अभियान में जनभागीदारी को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। स्थानीय निवासियों, स्वयंसेवी संगठनों और स्कूल-कॉलेजों के छात्रों को भी पौधरोपण कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए प्रेरित किया जाएगा। एक पेड़ मां के नाम 2.0 अभियान का उद्देश्य वृक्षारोपण को एक भावनात्मक और सामाजिक आंदोलन बनाना है, जहां हर व्यक्ति अपनी मां के सम्मान में एक पेड़ लगाए। यह पहल न केवल पर्यावरण को लाभ पहुंचाएगी बल्कि लोगों में प्रकृति के प्रति प्रेम और जिम्मेदारी की भावना भी जागृत करेगी।

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