DA Image
हिंदी न्यूज़   ›   उत्तर प्रदेश  ›  सीतापुर  ›  कहीं व्यवस्थाओं का टोटा, कहीं चिकित्सक ही नहीं

सीतापुरकहीं व्यवस्थाओं का टोटा, कहीं चिकित्सक ही नहीं

हिन्दुस्तान टीम,सीतापुरPublished By: Newswrap
Tue, 01 Jun 2021 03:01 AM
करीब 45 लाख की आबादी वाले जिले में स्वास्थ सेवाओं को राहत की दरकार है।
1 / 2करीब 45 लाख की आबादी वाले जिले में स्वास्थ सेवाओं को राहत की दरकार है।
करीब 45 लाख की आबादी वाले जिले में स्वास्थ सेवाओं को राहत की दरकार है।
2 / 2करीब 45 लाख की आबादी वाले जिले में स्वास्थ सेवाओं को राहत की दरकार है।

करीब 45 लाख की आबादी वाले जिले में स्वास्थ सेवाओं को राहत की दरकार है। जिले में 20 सीएचसी के अलाव 49 पीएचसी हैं। इनमें से कई स्वास्थ्य केन्द्रों पर संसाधन की कमी हैं। कुछ ऐसे भी हैं, जहां फार्मासिस्ट ही बड़ी आबादी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हो रही है। बीते दिनों लोगों को बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ा है। ऐसे में पांच स्थानों पर हिन्दुस्तान ने पड़ताल की है, प्रस्तुत है रिपोर्ट-

फार्मासिस्ट के सहारे अकबरपुर पीएचसी:

अकबरपुर पीएचसी, समय करीब 02 बजे। पीएचसी पर केवल एक स्वास्थ्यकर्मी की तैनाती है। फार्मासिस्ट के सहारे ही ग्रामीणों को संतोष करना पड़ता है। बड़ी आबादी वाले इलाके में ये समस्या डेढ़ वर्ष से है। रविवार दोपहर करीब ढाई बजे कई मरीज दवा लेने आए थे। स्वास्थ्य केन्द्र पर ताला लटकता हुआ मिला। हेमंत कुमार को बुखार आ रहा था। लल्लन के शरीर में तेज दर्द था। दो महिलाएं भी अपने बच्चों को लेकर आई थीं, लेकिन गेट पर लटकते हुए ताले को देखकर उन्हें लौटना पड़ा। ग्रामीण बताते हैं कि करीब डेढ़ वर्ष से यहां चिकित्सक की तैनाती नहीं हुई है। ऐसे में उन्हें लंबी दौड़ लगानी पड़ती है।

चिकित्सकों की तैनाती पर अल्ट्रासाउण्ड सुविधा नहीं

बिसवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, समय करीब 11 बजे। खांसी, जुकाम और बुखार के मात्र तीन मरीज मिले। कोरोना की जांच डॉ. कामरान द्वारा की जा रही थी। इमरजेंसी में डॉ. कैलाश चंद्रा तैनात मिले। फार्मासिस्ट इंद्रजीत राय मौजूद थे। सीएचसी अधीक्षक ने बताया कि कुल आठ चिकित्सकों की तैनाती है। ग्रामीण क्षेत्र की एक बड़ी आबादी से जुड़ा होने के कारण कोरोना काल में 450 गर्भवती महिलाओं को भर्ती किया गया। इनका प्रसव भी स्वास्थ्य केन्द्र पर हुआ। अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं है। एक्सरे की सुविधा मरीजों को मिल रही है।

सीएचसी हरगांव पर 337 कोरोना के टेस्ट

हरगांव इलाका पड़ोसी जनपद खीरी से लगा हुआ है। कई बार यहां पड़ोसी जनपद के मरीज भी आ जाते हैं। समय करीब 1 बजे। सोमवार को इमर्जेन्सी सुविधा जारी थी। एक दुर्घटना में घायल सहित सात लोगों का उपचार हुआ। कोरोना की जांच हो रही थी। डॉ. शिवम मौजूद थे। पूछने पर बताया कि 117 लोगों की आरटीपीसीआर जांच हो चुकी है। 220 एण्टीजेन टेस्ट हुए हैं। तीस दिनों के भीतर 210 गर्भवती महिलाएं भर्ती हुई हैं। सभी का सफलता पूर्वक प्रसव कराया जा चुका है। एक्सरे की सुविधा तो है लेकिन अल्ट्रासाउण्ड मशीन नहीं है। केन्द्र पर अधीक्षक सहित कुल पांच चिकित्सकों की तैनाती है। फार्मासिस्ट आदित्य प्रकाश पाण्डेय, तस्लीन अख्तर मौजूद मिले।

एक्सरे-अल्ट्रासाउण्ड की सुविधा नदारद

कमलापुर । सीएचसी कसमण्डा, समय करीब 11 बजे। एक एक 37 मरीज आ चुके थे। सभी को बुखार और उल्टी दस्त की शिकायत थी। दो गर्भवती महिलाएं भी मिलीं। इन्हें अल्ट्रासाउण्ट कराना था, सेण्टर पर इसका अभाव था। एक्सरे मशीन भी नदारद है। यहां पांच चिकित्सकों की तैनाती है। तीन सफाईकर्मी, तीन फार्मासिस्ट और चार वार्डबाय के सापेक्ष एक सफाईकर्मी, दो फार्मासिस्ट और एक वार्डब्वाय नियुक्त है। ओडीपी बंद है लेकिन इमर्जेन्सी सुविधाएं जारी हैं।

दरवाजे टूटे, टंकियों से हो रहा रिसाव

नैमिष एडिशनल सीएचसी को खुद सेहत की दरकार है। यहां अधिकतर कमरे जर्जर हैं। इस भवन के भूमि तल पर कुल सैंतीस कमरे बने हुए हैं। जिनमें एक्स रे रूम, पैथोलॉजी, टेक्नोलॉजी रूम, आयुष समेत ऑपरेशन थियेटर तक बना हुआ है। सोमवार समय करीब 11 बजे। सात मरीज मौजूद मिले। इन्हें इमर्जेन्सी सुविधा दी गई। 11 लोगों के स्टाफ में छह लोग मौजूद मिले। दो चिकित्सकों के अलावा फार्मासिस्ट, एक्सरे टेक्नीशियन, वार्ड ब्वाय और सफाईकर्मी शामिल थे।

संबंधित खबरें