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सीतापुर

शाम को हुई रिमझिम बारिश, पारा लुढका

हिन्दुस्तान टीम,सीतापुरPublished By: Newswrap
Sun, 13 Jun 2021 11:30 PM
शाम को हुई रिमझिम बारिश, पारा लुढका

मौसम का मिजाज

पिछले एक सप्ताह से रुक-रुक बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें

जलभराव और कूडे़ के ढेर सड़ने से बीमारी फैलने का खतरा

सीतापुर। पिछले एक सप्ताह से जिले में रुक-रुक कर बारिश हो रही है, जिससे आमजन के साथ ही मेंथा किसानों की पेरशानी बढ़ गई है। खेतों में पानी भर जाने से मेंथा की पौध सड़ने की कगार पर है, अगर बारिश नहीं रुकी और धूप नहीं निकली तो किसानों का लाखों रुपये का नुकसान हो जाएगा। वहीं जगह-जगह जलभराव के साथ ताल-तलैया भी भर गए हैं। रविवार को पूरादिन आसमान में बादल छाए रहे और शाम करीब पांच बजे रिमझिम बारिश हुई, जिससे तापमान में करीब सात डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। लेकिन उमस ने लोगों को गर्मी का एहसास कम नहीं होने दिया। घरों में कैद लोग उमस से परेशान रहे। जिले का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। हवाओं की रफ्तार करीब 11 किमी प्रति घंटा रही। बच्चों ने घरों की छतों पर पहुंचकर रिमझिम बारिश का आनन्द उठाया।

मौसम विभाग ने दो-तीन दिन में मानसून आने की संभावना जताई थी, लेकिन जिले में करीब एक सप्ताह से लगातार रुक-रुक बारिश जारी है। इस बारिश से मेंथा फसल को काफी नुकसान पहुंचा है जबकि खरीफ फसलों को फायदा। गन्ना की फसल के लिए यह बारिश अमृत समान है, क्योंकि किसानों को सिंचाई से छुटकारा मिला है। इसके अलावा शहर में नगर पालिका के सफाई दावों की पोल खुल गई। कई स्थानों पर जलभराव के चलते बीमारियां फैलने की आशंका बनी है। वहीं सफाई कर्मियों द्वारा डम्प किया गया कूड़ा मोहल्लों में सड़ने लगा है, जिससे उठने वाली दुर्गंध से आसपास के लोग परेशान हैं। शहर के शास्त्रीनगर, तरीनपुर सहित अधिकांश मोहल्लों में सफाई कर्मी सफाई करने के बाद कूड़ा खाली प्लाटों में डाल देते हैं, जिसको कई-कई सप्ताह तक नहीं उठाया जाता। इसके अलावा बारिश से जर्जर सड़कों पर कीचड़ हो गया है। शहर में कुछ सड़कें ऐसी हैं, जहां जरा सी बारिश होने पर पैदल निकलना दूभर हो जाता है, जैसे शास्त्रीनगर की डामरीकृत सड़क। अगर तापमान की बात करें तो पिछले दिनों की अपेक्षा पारा लुढका है, लेकिन उमस बरकरार है। मौसम के जानकार आगे भी बारिश की संभावना जता रहे हैं।

बिजली ट्रिपिंग ने लोगों को किया बेहाल:

बारिश ऊपर से बिजली की बेरुख। दिन में बार-बार बिजली ट्रिपिंग से कूलर पंखा आदि बंद हो गए, जिससे लोगों का उमस से हाल बेहाल रहा। यही हाल ग्रामीण इलाकों का भी है। कई इलाकों में घंटो बिजली गायब रही, जिससे पानी की किल्लत से लोगों को दो चार होना पड़ा। सब्मर्सिबल न चलने से हैंडपम्पों का सहारा लेना पड़ा।

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