
अस्पताल संचालक व डॉक्टर पर केस
Sitapur News - सीतापुर में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की छात्रा कीर्ति की इलाज के दौरान मौत हो गई। पिता ने अस्पताल संचालक और डॉक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि लापरवाही के कारण बेटी का सही इलाज नहीं हुआ। स्वास्थ्य विभाग की जांच में भी अस्पताल की लापरवाही सामने आई थी। अस्पताल को बंद कर दिया गया है।
सीतापुर, संवाददाता। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की छात्रा कीर्ति की इलाज के दौरान हुई मौत के मामले में पिता ने अस्पताल संचालक और इलाज करने वाली महिला डॉक्टर के खिलाफ रामकोट थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि इनकी लापरवाही की वजह से बेटी का सही ढंग से इलाज नहीं हो पाया और उसकी जान चली गई। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस मामले में स्वास्थ्य विभाग की गठित टीम की जांच में भी अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही सामने आई थी। अस्पताल को बंद करा दिया गया है। कोतवाली देहात के धवरसारा कचनार निवासी मुनेंद्र सिंह ने रामकोट थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।
दर्ज एफआईआर में मुनेंद्र ने बताया कि उनकी बेटी कीर्ति (17) कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की छात्रा थी। उसे काशीराम कालोनी के सामने स्थित जीवन ज्योति हास्पिटल में 26 जनवरी को इलाज के लिए ले गए थे। आरोप है कि इलाज में लापरवाही के कारण बेटी की उसी रात मौत हो गई थी। पीड़ित के मुताबिक पुत्री को डॉ. तृप्ति वर्मा ने भर्ती किया था, लेकिन ठीक से इलाज नहीं किया। जिससे उसकी जान चली गई। भर्ती के दौरान कोई चिकित्सक देखने नहीं आया। अस्पताल में मौजूद चिकित्सक कहते रहे इलाज कर रहे हैं, लेकिन लापरवाही की जाती रही। आरोप लगाया कि बेटी की मौत के बाद अस्पताल संचालक राकेश कुमार शर्मा व अन्य कर्मचारियों ने लखनऊ को रेफर करने के बहाने बेटी के शव को घर भेजने की कोशिश की, लेकिन पीड़ित ने डीएम व सीएमओ से शिकायत कर दी। पिता ने बेटी की मौत के जिम्मेदार अस्पताल संचालक राकेश कुमार शर्मा व डॉ. तृप्ति वर्मा पर केस दर्ज कराया था।

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