
तैयारियां पूरी, आज घर-घर पूजे जाएंगे गणेश-लक्ष्मी
Sitapur News - सीतापुर में दीपावली पर्व पारंपरिक श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। श्रद्धालु गणेश, लक्ष्मी, सरस्वती और कुबेर की पूजा करेंगे। सभी तैयारियाँ पूरी हो चुकी हैं, लोग पूजा सामग्री की खरीदारी कर रहे...
सीतापुर, संवाददाता। अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने वाला दीपावली का पर्व सोमवार को जिले भर में पारंपरिक श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस मौके पर श्रद्धालु प्रथम पूज्यदेव भगवान गणेश, धन की प्रदाता मां लक्ष्मी, विद्या की देवी मां सरस्वती और वैभव प्रदान करने वाले भगवान कुबेर की आराधना करेंगे। इस पर्व को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शहर के विभिन्न चौक चौराहों पर गणेश-लक्ष्मी की प्रतिमा व पूजा सामग्री तथा फल की दुकानें सज गई है। पूजा सामान की खरीदी के लिए रविवार को लोगों की काफी भीड़ देखी गई। दीपावली को लेकर लोगों में उत्साह देखने को मिल रहा है।

लोग घरों से निकलकर खरीदी कर रहे हैं। दीपावली को लेकर लोगों ने सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली हैं। व्यापारिक प्रतिष्ठानों, सरकारी, गैर सरकारी कार्यालयों व घरों को बिजली की रंग बिरंगी झालरों से सजाया गया है। रविवार को शुभ मुहूर्त में लोग अपने घरों में गणेश लक्ष्मी व कुबेर की पूजा कर सुख समृद्धि, वैभव, एश्वर्य व धन धान्य की कामना करेंगे। इस दौरान श्रद्धालु फल, मेवा, मिष्ठान से भगवान गणेश, लक्ष्मी व कुबेर का भोग लगाएंगे। पूजा से पहले घरों से अलाय-बलाय निकाले जाने की परंपरा भी निभाई जाएगी। पूजा के बाद मिट्टी के दीयों और मोमबत्तियों से घर के आंगन से लेकर छतों को रोशन किया जाएगा। यह है दीपावली पूजन का मुहुर्त : शक्तिपीठ मां ललिता देवी मंदिर के प्रधान पुजारी एवं कालीपीठ के पीठाधीश्वर गोपाल शास्त्री ने बताया कि कार्तिक कृष्णपक्ष की अमावस्या 20 अक्टूबर की दोपहर 2.57 बजे से लग जाएगी। शाम 7.10 से रात 9.06 बजे तक वृष की स्थिर लग्न रहेगी। हस्त नक्षत्र का संचरण अत्यंत उत्तम है। इसमें पूजन करने से धन-धान्य की प्राप्ति होगी। इस बार दीपावली पर करीब 100 साल महालक्ष्मी राजयोग बन रहा है। यह विशेष फलदायाी योग है। इस साल दीपावली पर लक्ष्मी पूजा का सर्वोच्च शुभ मुहूर्त शाम 07 बजकर 08 मिनट से लेकर रात 08 बजकर 18 मिनट तक है। अनुसार मां लक्ष्मी के पूजन में कमलगट्टे का विशेष महत्व है। मां लक्ष्मी के पूजन में कमलगट्टे की माला से 'ओम श्रीं हृीं श्री कमले कमलालये प्रसीद-प्रसीद ओम श्रीं हृीं श्रीं महालक्ष्म्यै नम:' का 108 बार जाप करने से मां लक्ष्मी अतिशीघ्र प्रसन्न होती हैं। इसके साथ ही मां लक्ष्मी का मन में आह्वान करते हुए ''लक्ष्मीश्रोत व श्रीसूक्त'' का पाठ करना चाहिए। इसके अलावा ग्रहीय परिवर्तन को देखते हुए सबसे लक्ष्मी, गणेश, कुबेर के अलावा दूसरे देवताओं की भी पूजा करनी चाहिए। इससे हर भवबाधा से मुक्ति मिलती है।

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