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साल दर साल लागत बढ़ी मगर ओवरब्रिज अधूरा का अधूरा

सीतापुर, संवाददाता। वाह रे-वाह सरकारी मशीनरी। इसके तो खेल ही निराले हैं। सीतापुर-लखीमपुर हाइवे...

साल दर साल लागत बढ़ी मगर ओवरब्रिज अधूरा का अधूरा
हिन्दुस्तान टीम,सीतापुरSat, 02 Dec 2023 10:25 PM
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सीतापुर, संवाददाता। वाह रे-वाह सरकारी मशीनरी। इसके तो खेल ही निराले हैं। सीतापुर-लखीमपुर हाइवे पर पूर्वोत्तर रेलवे की क्रॉसिंग 73-ए पर ओवर ब्रिज स्वीकृत आठ बरस हो गए। बावजूद इसके ये ओवरब्रिज बनकर तैयार नहीं पाया। वो आज भी अधूरा है, हालांकि महंगाई का हवाला देते हुए इसकी लागत दो बार जरूर बढ़ गई। संशोधन के बाद अब ओवरब्रिज की लागत बढ़कर 75.88 करोड़ से अधिक हो गई है।

पहले लखनऊ वाया सीतापुर-लखीमपुर राज्य मार्ग पर टू लेन था, लेकिन वर्ष 2015 में तत्कालीन अखिलेश सरकार ने टू-लेन हाइवे का चौड़ीकरण कराकर उसे फोर लेन में तब्दील कराया था। इससे फोर लेन हाइवे पर लोगों को आवागमन की बेहतर सुविधाएं मिलने लगेगी, लेकिन इस हाइवे पर सीतापुर जनपद में पूर्वोत्तर रेलवे के ऐशबाग-वाया सीतापुर-मैलानी रेल खंड पर तीन क्रॉसिंगें बिजवार, मलुही और हरगांव पड़ती है। ये क्रॉसिंग रोजाना कई-कई घंटे बंद रहती थी,जिसकारण क्रॉसिंग के दोनों तरफ वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग जाती है और वहां पर जाम में फंसकर मुसाफिर हलकान नजर आते हैं। पूर्वोत्तर रेलवे के ऐशबाग-मैलानी रेल खंड की बिजवार, मलुही और हरगांव क्रासिंग पर ओवरब्रिज का प्रस्ताव बनाकर शासन को मंजूरी को भेजा था, वर्ष 2016 में मंजूरी मिलने के बाद कार्यदायी संस्था सेतु निगम ने एक संग प्रस्तावित क्रॉसिंगों पर ओवरब्रिज का निर्माण शुरू करा दिया था, मलुही और बिजवार रेलवे क्रॉसिंगों के ओवरब्रिज चार साल यानी 2020 में तैयार हो गए थे। अब उन पर ट्रैफिक भी फर्राटे भर रहा है, लेकिन हरगांव क्रॉसिंग पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज आठ बरस बाद भी बनकर तैयार न हो सका। ये आज भी अधूरा है। हालांकि महंगाई का हवाला देते हुए लगातार इसकी लागत जरूर बढ़ रही है।

फिर बढ़ गई ओवरब्रिज की लागत : पूर्वोत्तर रेलवे की हरगांव क्रॉसिंग 73-ए पर ओवर ब्रिज निर्माण के लिए वर्ष 2015-2016 में 4649.83 लाख मंजूर हुए थे। बजट अवमुक्त होने के बाद कार्यदायी संस्था सेतु निगम ने जोर-शोर से कार्य शुरू किया, लेकिन मुकर्रर अवधि में वो ओवरब्रिज बना न सका। ऐसे में महंगाई को देखते हुए चार साल बाद यानी वर्ष 2020 में लागत संशोधन के जरिए 6258.62 लाख व जीएसटी की गई, फिर भी ओवरब्रिज पूरा न हो सका। जबकि ओवरब्रिज के दोनों सिर खड़े हुए साल भर से ज्यादा हो चुका है। केवल क्रॉसिंग पर दोनों सिरे ज्वाइंट होने हैं, मगर वो किए नहीं जा सके। महंगाई का जिक्र करते हुए ओवरब्रिज लागत जरूर संशोधित हो रही है। अभी हाल ही में बीते 28 नवंबर को ओवरब्रिज की लागत दूसरी बार फिर संशोधित कर दी गई। अब यह लागत बढ़कर 7588.35 लाख हो गई है।

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