बोले सीतापुर : बड़े-बड़े दावे लेकिन छोटी-छोटी समस्याओं का भी समाधान नहीं
संक्षेप: Sitapur News - शहर की किराना मंडी में व्यापारियों और ग्राहकों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। अतिक्रमण, बिजली के लटकते तार और जल निकासी की कमी से बाजार की स्थिति गंभीर हो गई है। बारिश के दौरान हालात और बिगड़ जाते हैं। ऑनलाइन खरीदारी की बढ़ती प्रवृत्ति ने भी व्यापारियों की परेशानियों को बढ़ाया है।
शहर की किराना मंडी में कारोबारी और आने वाले खरीददारों की विभिन्न समस्याओं को लेकर आपके अपने हिन्दुस्तान समाचार पत्र ने बोले सीतापुर में खबर का विस्तार से प्रकाशन किया था। जिसमें शहर की किराना मंडी में कारोबारी और खरीदार दोनों को मुश्किलों को उजागर किया गया था। इसके बावजूद आज भी कारोबारी और ग्राहकों को तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिम्मेदारों की अनदेखी की वजह से लोग बदइंतजामी का दंश झोल रहे हैं। किराना मंडी में जल निकासी का उचित इंतजाम नहीं है। वहीं सबसे बड़ी समस्या बाजार की सड़कों पर अतिक्रमण की है। अतिक्रमण के बाद सड़क पर ठेले वालों का कब्जा रहता है और फिर ग्राहकों के दोपहिया वाहन खड़े रहते हैं।

ऐसे में जाम हमेशा लगा रहता है। वहीं बाजार में फैले बिजली के तारों की मरम्मत न होने के कारण सभी नीचे लटक रहे हैं। कारोबारियों का कहना है इससे ग्राहक बाजार में नहीं आते। जब तक समस्याओं का निराकरण नहीं होता तब तक कारोबार प्रभावित रहेगा। किराना मंडी ही नहीं आस-पास के बड़े इलाके के लाखों लोग अपनी रसोई की जरूरतों के लिए इसी किराना मंडी पर निर्भर हैं। इसके बावजूद भी शहर की किराना मंडी अव्यवस्थाओं के मकड़जाल में उलझ कर रह गई है। सकरी गलियों में स्थित यह बाजार अतिक्रमण का दंश तो सालों से झेल ही रही है। बिजली की लटकते तारों और बारिश में बाजार में भरने वाला पानी इस समस्या को और भी गंभीर बनाए हुए है। नहीं सुधरे मंडी के हालात : बरसात के दिनों में हालात और भी बदतर हो जाते हैं। किराना मंडी में कारोबारियों और मंडी आने वाले ग्राहकों की तमाम परेशानियो कों उजागर करते हुए अपने बोले सीतापुर पेज पर विस्तार के साथ समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें कारोबारियों और खरीददारों दानों ने अपनी दिक्कतों को खुल कर साझा किया था। इसके बावजूद आज तक बाजार के हालात में कोई खास बदलाव नहीं हुआ है। आज भी यहां कारोबारी और खरीददार प्रशासन की बदइंतजामी की वजह से परेशानियों को झेलने पर मजबूर हैं। कारोबारियों के मुताबिक इस मंडी में जाम में फंस जाना आम बात है। ऐसे में कारोबारियों को ढ़ेरों मुश्किलों का सामना तो करना ही पड़ता है, साथ ही साथ उनका कारोबार भी प्रभावित होता है। बावजूद इसके इस ओर किसी भी जिम्मेदार ने अभी तक कोई ध्यान नहीं दिया है। स्थाई दुकानों के कब्जे के अलावा ठेले से हालात बद्तर : किराना बाजार में करीब 200 से अधिक किराना की दुकानें हैं। सकरी गलियों में स्थित इस बाजार में तमाम दूसरी दुकानें भी हैं। यहां पर इन दुकानदारों ने स्थायी व अस्थायी तौर पर अतिक्रमण कर रखा हैं, इसके अलावा ठेले वालों ने भी यहां पर अतिक्रमण कर रखा है। जो लोगों की मुश्किलों में और इजाफा कर रहा है। अतिक्रमण के चलते इस बाजार की चौड़ी सड़कें बेहद पतली हो गईं हैं। इस मंडी में दुकानदारों ने लंबे समय से रास्ते पर अतिक्रमण कर रखा है। दुकानदारों ने अपनी-अपनी दुकानों के आगे फुटपाथ से लेकर रास्ते तक अतिक्रमण कर अपनी दुकान का सामान सजा कर रख रहे हैं। इसके साथ ही दुकान के आगे दुकानदारों और खरीददारों की बाइक खड़ी हो जाती हैं। इसके अलावा बीच सड़क पर ठेलिया और गाड़ियों को खड़ाकर सामान को चढ़ाने-उतारने का काम किया जाता है। अतिक्रमण और जाम की इस समस्या के चलते ग्राहक भीड़ में आना नहीं चाहते। कारोबारियों ने बताया कि इस बाजार में हर दिन जाम लगता है। कपड़े, सूखे मेवे, मसालें, फल, सब्जी और चाट के ठेलों सहित फुटपाथ की दर्जनों दुकानों के अतिक्रमण से किराना और थोक कारोबारियों को अपना व्यवसाय करने में तमाम मुश्किलें पैदा कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि प्रशासन का डंडा चलना जरूरी है। ऑन लाइन बाजार का बढ़ता चलन बढ़ा रहा है कारोबारियों की मुश्किलें : राशन से लेकर रसोई की दूसरी तमाम जरूरतों को पूरा करने के लिए हर एक व्यक्ति किराना दुकानों और किराना बाजार पर निर्भर है। आनलाइन खरीदारी के बढ़ते चलन ने भी किराना मंडी के कारोबारियों की परेशानियों में और इजाफा कर दिया है। पहले ही ढेरों समस्याओं से ग्रस्त किराना मंडी है, ऐसी हालत में भी यहां व्यापार करने वाले किराना व्यापारी शहर की जरूरतों की जिम्मेदारी का लंबे समय से निभा रहे है। लोगों का मोह स्थानीय किराना बाजार भंग होने लगा है। जिसके चलते लोग ऑन लाइन खरीददारी की ओर रुख कर रहे है। किराना मंडी में अतिक्रमण ग्राहकों का आना हुआ कम किराना मंडी के मुख्य मार्ग पर अतिक्रमण भी किराना कारोबारियों के परेशानी का सबब बना हुआ है। किराना बाजार के मुख्य मार्ग पर तमाम दुकानदारों ने अपनी दुकानें आगे बढ़ा कर पटरी ही समाप्त कर दी है। जिसके चलते ग्राहकों को अपने वाहन खड़े करने दिक्कत होती है। जिस वजह से तमाम ग्राहकों ने बाजार की ओर रुख करना ही बंद कर दिया है। इसके अलावा छुट्टा जानवर भी बाजार में व्यापारियों और ग्राहकों के लिए परेशानी की वजह है। किराना व्यापारियों द्वारा बार-बार अनुरोध के बाद भी स्थानीय प्रशासन किराना व्यापारियों की समस्याओं पर गौर नहीं कर रहा है। शहर की किराना मंडी का इतिहास बहुत पुराना है। लंबे समय से यह किराना मंडी शहर के लोगों की जरूरतों को पूरा कर रही है। बावजूद इसके यह मंडी सुविधाओं को लेकर प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार है। आज हालत ये हैं, कि पूरी किराना मंडी बिजली के तारों के मकड़जाल में उलझी है। बिजली के तारों का जाल इतना नीचे है कि दुकानों में समान लेकर आने वाले वाहनों को हमेशा ही हादसे का डर लगा रहता है। मंडी में पेयजल व शौचालय की व्यवस्था नहीं शहर की किराना मंडी में दो सैकड़ा से अधिक किराना कारोबारी है। प्रति दिन हजारों ग्राहक अपनी जरूरतों का सामान खरीदने के लिए इस मंडी तक आते है। इतनी बड़ी किराना मंडी होने के बावजूद यहां पेयजल और शौचालय की उचित व्यवस्था नही है। यहीं नहीं इस किराना मंडी में स्वच्छता अभियान का भी कोई असर नहीं है। जिसके चलते इसके चारों ओर गंदगी की भरमार रहती है। मंडी में पीने के साफ पानी और शौचालय की भी कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। जिसके चलते यहां के कारोबारी और ग्राहक हर कोई परेशान रहता है। शौचालय के अभाव में महिला ग्राहकों को यहां आने में ढेरों मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इन सब अव्यवस्थाओं से बचने कि लिए तमाम महिला ग्राहक बाजार आने से कतराने लगी हैं। जिसका सीधा असर यहां के कारोबार पर पड़ रहा है। इन्हीं अव्यवस्थाओं के चलते शहर के तमाम किराना व्यापारी दूसरे कारोबार की ओर रुख करने को विवश हो रहे है। तमाम कारोबारियों का कहना है, कि बजार में व्यवस्थाओं को दुरूस्त किया जाए तो कारोबार फिर से रफ्तार पकड़ सकता है। बिजली के लटकते तारों से हादसे का बना रहता अंदेशा बाजार के लगभग हर खंभे पर बिजली के तारों का ढेर लगा है। एक खंभे से दूसरे खंभे तक लटकते बिजली के तारों से हर समय दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। जगह-जगह झूलते बिजली के तार यहां के दुकानदारों और ग्राहकों दोनों के लिए आफत बने हुए हैं। कम ऊंचाई पर लटकने के कारण इस तारों से हर समय हादसे का डर लगा रहता है। बाजार में जगह-जगह लटते बिजली के तार हादसे को न्यौता देते नजर आ रहे हैं। यहां राहगीरों से लेकर वाहन चालकों तक को संभल कर चलना पड़ता है। व्यापारियों ने बताया कि संबंध में विभागीय अधिकारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है लेकिन विभागीय अधिकारियों के कानों पर जूं नहीं रेंगती है। बिजली विभाग अभी तक इन तारों को बदलने के साथ इनकी व्यवस्था ठीक से नहीं कर सका है। ऐसे में कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। किराना बाजार की गलियों में घूमते ठेले वाहन सवार ग्राहकों के लिए परेशानी का सबब बने हैं। कई बार इन्हें लेकर दुर्घटनाएं भी घट जाती है। अब बाजार में आवारा जानवरों की समस्या से काफी हद तक निजात मिल चुकी है। लेकिन दुकानदारों और ठेले वालों के अवैध कब्जों के बाद आने वाले ग्राहक की बाइक आदि खड़े कर देते हैं। जिसके चलते मंडी आने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। हमारी भी सुनिए तमाम दुकानदारों ने सड़क पर दोनों तरफ अतिक्रमण कर लिया है। जिसके चलते छोटे वाहन को भी बाजार के अंदर परेशानी होती है। फिर भी जिम्मेदार अनजान बने हुए हैं।-आकाश बाजार में बिजली के तार इतने नीचे लटक रहे कि कभी हादसा हो सकता है। शिकायत के बाद भी अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। - मुरली लोगों ने ऑन लाइन शापिंग शुरू कर दी है। वहीं बाजार में कई समस्याओं के चलते ग्राहक नहीं आते। समस्या दूर हो तो ग्राहकों की संख्या बढ़े।- कमलेश बाजार में पीने के पानी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। जिससे दुकानदारों व ग्राहकों को परेशानी उठानी पड़ती है। - लल्लन राठौर बोले जिम्मेदार वार्डों की जो समस्या है उसका निराकरण के लिए सभासद के प्रस्तावों पर निर्णय लिए जाते हैं। मंडी जैसे घने बाजार में जगह की कमी के चलते कुछ सुविधाएं नहीं मुहैया हो पा रही है। सफाई व्यवस्था के लिए वार्डवार सफाईकर्मी तैनात है उसकी निगरानी भी रखी जा रही है। सभासद अगर कोई अलग से प्रस्ताव लाते हैं तो उस पर भी विचार किया जाएगा। अतिक्रमण हटाने का अभियान भी चलता है। वैभव त्रिपाठी, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका सीतापुर प्रस्तुति: अविनाश दीक्षित

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