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सीतापुर

शिशु के लिए अमृत समान है स्तनपान: डॉ. गैरोला

हिन्दुस्तान टीम,सीतापुरPublished By: Newswrap
Thu, 05 Aug 2021 03:02 AM
शिशु के लिए अमृत समान है स्तनपान: डॉ. गैरोला

स्तनपान सप्ताह

गर्भवती और धात्री महिलाओं को किया जा रहा है जागरूक

जिले में सात अगस्त तक मनाया जाएगा विश्व स्तनपान सप्ताह

सीतापुर। जिले में एक से सात अगस्त तक विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया जा रहा है। इसे मनाने का उद्देश्य लोगों में स्तनपान के प्रति जागरूकता लाना है। इस वर्ष इसकी थीम ‘स्तनपान सुरक्षा की जिम्मेदारी, साझा जिम्मेदारी तय की गई है। स्तनपान बच्चे के लिए अमृत के समान होता है। यह शिशु का मौलिक अधिकार भी है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. मधु गैरोला ने बताया कि मं का दूध शिशु के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए बहुत ही जरूरी है। यह शिशु को निमोनिया, डायरिया और कुपोषण के जोखिम से भी बचाता है। इसलिए बच्चे को जन्म के एक घंटे के भीतर मां का पहला पीला गाढ़ा दूध अवश्य पिलाना चाहिए। मां का दूध बच्चे को रोगों से लड़ने की ताकत प्रदान करता है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि मां का दूध बच्चे में रोग प्रतिरोधक क्षमता पैदा करता है, इसीलिए इसे बच्चे का पहला टीका भी कहा जाता है। छह माह तक शिशु को ऊपर का दूध या आहार कुछ भी नहीं देना चाहिए क्योंकि इससे संक्रमण का खतरा रहता है। मां के दूध में शिशु के लिए पौष्टिक तत्वों के साथ पर्याप्त पानी भी होता है, इसलिए छह माह तक शिशु को मां के दूध के अलावा कुछ भी न दें। ध्यान रहे कि रात में मां का दूध अधिक बनता है, इसलिए मां रात में अधिक से अधिक स्तनपान कराए।

कोविड उपचाराधीन भी करा सकती हैं स्तनपान:

सीएमओ ने बताया कि कोविड उपचाराधीन और संभावित मां भी स्तनपान करा सकती हैं। बस उसे प्रोटोकाल का पालन करते हुए स्तनपान कराना है। वह स्तनपान से पहले हाथों को अच्छी तरह से साफ कर लें और नाक व मुंह को मास्क से अच्छी तरह से ढककर ही दूध पिलाएं। बच्चे को ऐसे में स्तनपान से वंचित करने से उसका पूरा जीवन चक्र प्रभावित हो सकता है।

दमा, एलर्जी व संक्रमण से बचाता है मां का दूध:

जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी राजकुमार ने बताया कि मां का दूध शिशु के लिए जहां सर्वोत्तम पोषक तत्व है वहीं यह सर्वोच्च मानसिक विकास में भी सहायक है। यह शिशु को दमा, एलर्जी और संक्रमण के साथ दस्त-निमोनिया से सुरक्षा प्रदान करता है। शिशु को ठंडा होने से बचाता है।

स्तनपान कराने से मां को भी विविध फायदे:

अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेंद्र साही ने बताया कि मां को भी स्तनपान कराने से फायदे होते हैं। शिशु को स्तनपान कराना मां के लिए एक प्राकृतिक गर्भनिरोधक का काम करता है। स्तनपान कराने से जन्म के पश्चात बच्चेदानी के जल्दी सिकुड़ना, रक्तस्राव एवं एनीमिया से बचाव होता है। मां में मोटापा कम करने और शरीर को सुडौल बनाने में सहायक होता है। साथ ही स्तन व अंडाशय के कैंसर से बचाव भी होता है।

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