12000 करोड़ के दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की खुलेगी पोल, सड़क धंसने के बाद SIT का गठन

वरिष्ठ संवाददाता, बागपत
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12000 करोड़ की लागत से बने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता पर उठे सवालों के बीच NHAI ने SIT बनाया है। एसआईटी 23 स्थानों पर तकनीकी ऑडिट कर सड़क की क्वालिटी चेक करेगी। मुजफ्फरनगर में बारिश के बाद सड़क धंसने के बाद ये फैसला लिया गया है।

दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे सड़क धंसी

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता पर सवाल उठने के बाद NHAI हरकत में आ गया है। एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता की जांच के लिए SIT गठित कर दी है। इसमें एनएचएआई के अधिकारी, पूर्व अधिकारी और प्राधिकरण के अधिकारी शामिल हैं। प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने बताया कि यह जांच दल रात के समय एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता की जांच करेगा, जिसके लिए अधिकतम छह घंटे का रूट डायवर्जन लागू रहेगा।

बागपत से होकर गुजर रहे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का निर्माण 12000 करोड़ की लागत से हुआ है। 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सहारनपुर पहुंचकर उद्घाटन किया था। उसी रोज केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इस पूरे एक्सप्रेसवे का कार से निरीक्षण किया था। वर्तमान में इस एक्सप्रेसवे से रोजाना 25 से 30 हजार वाहन फर्राटा भर रहे हैं। इस बीच मानसून की पहली बारिश के साथ ही एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे। पिछले दिनों मुजफ्फरनगर की सीमा में एक्सप्रेसवे की सड़क पर बड़े-बड़े गड्डे बन गए थे। एनएचएआई अधिकारियों में हड़कंप मच गया था।

कई ठेकेदारों के फर्म ब्लैकलिस्ट

आनन-फानन में एक्सप्रेसवे का निर्माण करने वाली कंपनी समेत कई को नोटिस जारी किए गए। कई ठेकेदारों की फर्मों को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया। इसके बाद गांगनौली समेत कई अन्य स्थानों पर एक्सप्रेस-वे किनारे बनाई गए मिट्टी के पुस्तों पर कटान होने से गहरे-गहरे गड्डे बन गए थे। एक्सप्रेसवे के किनारे पर लगी रेलिंग भी धंस गई है, जिससे वहां हादसों का खतरा बन गया था। सोशल मीडिया पर इनकी वीडियो भी वायरल हुई, जिसके बाद एनएचएआई हरकत में आ गया है। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता की जानकारी करने के लिए एसआईटी का गठन कर दिया है, जो रात में विशेष तकनीकी ऑडिट करेगी।

23 स्थानों का एसआईटी करेगी ऑडिट

एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर नरेंद्र सिंह ने बताया कि यह जांच दल एक्सप्रेसवे का तकनीकी ऑडिट करेगा, जिसके अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर कोर कटिंग और सड़क की परत की जाएगी। किनारे की लाइन, मध्य रेखा और सेंटर लाइन पर क्रस्ट कटिंग की जाएगी। कुल 23 स्थानों पर यह ऑडिट किया जाएगा। प्रत्येक स्थान से दो से तीन नमूने लिए जाएंगे, जिनका उद्देश्य राजमार्ग की गुणवत्ता एवं सड़क की परतों की संरचना का परीक्षण करना है। क्रस्ट कटिंग का कार्य रात्रि के समय समुचित यातायात डायवर्जन के साथ किया जाएगा। कोई भी डायवर्जन छह घंटे से अधिक नहीं रहेगा। इससे यातायात पर न्यूनतम प्रभाव सुनिश्चित होगा। इस जांच दल में एक स्वतंत्र तकनीकी ऑडिट एजेंसी, एनएचएआई का एक इंजिनियर, एक सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता (स्वतंत्र स्पेशलिस्ट के रूप में) और प्राधिकरण अभियंता का एक प्रतिनिधि शामिल रहेगा। बताया कि जांच में यदि कोई कमी पाई जाती है तो उसका सुधार संबंधित ठेकेदार की लागत एवं जोखिम पर तुरंत कराया जाएगा।

Pawan Kumar Sharma

लेखक के बारे में

Pawan Kumar Sharma

पवन कुमार शर्मा पिछले चार वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हैं। डिजिटल मीडिया में काम करते हुए वह उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, सरकारी योजनाओं और टूरिज्म से जुड़े मुद्दों पर नियमित रूप से लिखते हैं। इससे पहले पवन एबीपी न्यूज के साथ बतौर फ्रीलांसर काम कर चुके हैं। पवन ने नई दिल्ली स्थित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इससे पहले क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। ग्राउंड रिपोर्टिंग और अकादमिक समझ के साथ पवन तथ्यात्मक, संतुलित और पाठक-केंद्रित समाचार लेखन करते हैं।

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