
आतंकियों के स्लीपिंग मॉड्यूल की तलाश के लिए यूपी में एसआईटी गठित, पुलिस कमिश्नर करेंगे नेतृत्व
फरीदाबाद में विस्फोटकों की बरामदगी और दिल्ली में ब्लास्ट ने शामिल आतंकियों के यूपी से सीधे कनेक्ट को देखते हुए अब इनके स्लीपिंग मॉड्यूल की तलाश तेज हो गई है। कानपुर में इसके लिए एसआईटी का गठन कर दिया गया है। यहां के पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल खुद इसका नेतृत्व करेंगे।
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर रही डॉ. शाहीन दिल्ली धमाके में गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने शहर में स्लीपिंग मॉड्यूल की तलाश तेज कर दी है। इसके लिए कमिश्नरेट पुलिस ने एसआईटी गठित कर दी है। इस टीम का नेतृत्व खुद पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल करेंगे। टीम हर एंगल पर काम करेगी। आतंक के नेटवर्क को खंगाला जाएगा। साथ ही कानपुर में रह रहे 50 पाकिस्तानियों की तलाश और उनकी गतिविधियों को भी जांचा जाएगा। कश्मीर से आने वाले डॉक्टरों, छात्रों, कपड़े बेचने वाले, व्यापारियों और घूमने आने वालों के मूवमेंट पर भी नजर रखी जाएगी।
देश में कहीं बम धमाका होता है तो उसके तार कानपुर से जुड़ ही जाते हैं। दिल्ली में हुए धमाके में डॉ. शाहीन का भी नाम जुड़ रहा है। चूंकि शाहीन जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में कई वर्षों तक काम कर चुकी है, ऐसे में यहां उसके संपर्क, दोस्त और पहचान वालों पर पुलिस व जांच एजेंसियों की नजर है। इसी कड़ी में पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने एक विशेष जांच टीम बनाई है।
कमिश्नर के नेतृत्व वाली इस टीम में डीसीपी क्राइम, डीसीपी सेंट्रल, डीसीपी ईस्ट, डीसीपी साउथ और एडीसीपी एलआईयू को शामिल किया गया है। यह जांच टीम कानपुर में रहने वाले पाकिस्तानी मूल के लोगों, रोहिंग्या, संदिग्धों, कश्मीर से आए डॉक्टरों, आईआईटी, एचबीटीयू और यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले छात्रों और शहर में कपड़ा बेचने वाले व्यापारी व फेरीवालों की जांच शुरू करेगी। एलआईयू ने इसका डाटा जुटाना शुरू कर दिया है।
50 पाकिस्तानियों में 34 महिलाएं
जानकार बताते हैं कानपुर में पाकिस्तानी मूल के 50 लोग लंबे समय से रह रहे हैं। हालांकि एलआईयू उनकी गतिविधियों पर नजर रखती है। अब नये सिरे से इनकी जांच की जाएगी। सूत्र बताते हैं कि इनमें अधिकतर महिलाएं हैं। जानकार बताते हैं कि 34 महिलाएं हैं जो यहां शादी करके परिवार के साथ रह रही हैं। कई वर्षों पूर्व यह लोग यहां आए थे।
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल के अनुसार कानपुर में कश्मीर से आए लोग, रोहिंग्या समेत अन्य संदिग्धों की जांच पड़ताल के लिए विशेष जांच कमेटी बनाई गई है। ग्रांउड लेवल पर इनकी जांच करने के निर्देश दिए गए हैँ।

लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर हैं।
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