बनारस SIR में गजब कारनामा, विश्वनाथ धाम के लिए ध्वस्त हो चुके मकान और वोटरों का नाम भी मौजूद
बनारस में एसआईआर के बाद जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में ऐसा कारनामा हुआ है जो शायद कहीं नहीं हुआ होगा। यहां विश्वनाथ धाम बनाने के लिए ध्वस्त हो चुके मकान अब भी एसआईआर में शामिल हुए हैं। यहां रहने वालों नाम भी सूची में दर्ज है।

बनारस में उल्टी गंगा बहती है। यह कहावत नहीं एक सच्चाई है। यह सच्चाई वोटर लिस्ट के लिए हुए विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) में भी दिखाई दी है। जो शायद कहीं नहीं हुआ, वह बनारस में हो गया है। ड्राफ्ट सूची में बड़ी संख्या में नाम कटने का मामला मंगलवार से ही छाया हुआ है। करीब तीन करोड़ लोगों का नाम कट जाना हैरान कर रहा है। इसके पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। बनारस में इसका उल्टा हुआ है। यहां काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण के लिए ध्वस्त कर दिए गए मकानों में रहने वालों का नाम भी नई सूची में है। यानी मकान का अस्तित्व नहीं है। इसमें रहने वाले भी यहां नहीं रहते हैं। इसके बाद भी नई सूची में मकान नंबर भी है और रहने वालों का नाम भी है। यह खुलासा बुधवार को स्थानीय लोगों के ऑनलाइन मतदाता सूची की खोजबीन में हुआ।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, एसआईआर के बाद मंगलवार को जारी ड्राफ्ट सूची में उन लोगों की भी मौजूदगी दिखाई दे रही हैं जिन भवनों का अब अस्तित्व नहीं है। तात्कालिक रूप से ऐसे दो भवन चिह्नित किए गए हैं। कालिका गली स्थित भवन संख्या डी-8/34 में रंजू झा और साक्षी झा को मतदाता के रूप में सूचीबद्ध दिखाया गया है। वहीं लाहौरी टोला स्थित भवन संख्या डी-1/59 में तीन लोग दीपक मिश्र, सूरज मिश्र और राजकुमार के नाम मतदाता सूची में दर्ज हैं। बताया गया कि ये तीनों पहले उक्त भवन में किराए पर रहते थे, लेकिन अब उनका आवास कहीं और है। दोनों ही भवनों का काशी विश्वनाथ धाम परियोजना में विलय हो चुका है।
इतना ही नहीं, जिन भवनों का अस्तित्व अब भी बना हुआ है और जहां एक दर्जन से अधिक मतदाता निवास करते हैं, वहां रहने वाले अधिकांश लोगों के नाम मतदाता सूची से गायब पाए गए हैं। जबकि संबंधित मतदाताओं का कहना है कि उन्होंने एसआईआर फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारियां समय से उपलब्ध कराई थीं। इस बारे में एडीएम (प्रशासन)/ उप जिला निर्वाचन अधिकारी बिपिन कुमार ने कहा कि इसकी जांच कराई जाएगी। ऐसे लोगों को चिह्नित करके फॉर्म-8 भरवाने के बाद उनका नाम निवास स्थान वाले बूथों पर स्थानांतरित किया जाएगा।

लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर हैं।
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