डीपी में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और कवर पर ‘ब्रह्मोस’ का फोटो, देश के दुश्मनों को CM योगी की कड़ी चेतावनी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट की प्रोफाइल तस्वीर बदलकर ऑपरेशन सिंदूर का लोगो लगाया है।

CM Yogi Order: ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर पूरा देश भारतीय सेना एवं सशस्त्र बलों के अदम्य साहस और पराक्रम को नमन कर रहा है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट की प्रोफाइल तस्वीर बदलकर ऑपरेशन सिंदूर का लोगो लगाया है। मुख्यमंत्री योगी ने अपनी डीपी में ‘सिंदूर’ और कवर फोटो में ‘ब्रह्मोस मिसाइल’ को स्थान देकर दुश्मनों को मजबूत संदेश दिया है।
एक साल पहले भारत ने दिया था करारा जवाब
सात मई 2025 की वह रात देश कभी नहीं भूल सकता, जब भारतीय थलसेना, वायुसेना और नौसेना ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान में मौजूद नौ आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया था। यह कार्रवाई पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में की गई थी। उसी रात भारत सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ऑपरेशन सिंदूर की तस्वीर साझा करते हुए “जस्टिस इज़ सर्वड” लिखा था। पूरी दुनिया ने भारत की सैन्य क्षमता और आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई को देखा।
पीएम मोदी समेत भाजपा के शीर्ष नेताओं ने बदली डीपी
ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने भी अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल तस्वीर बदल कर ऑपरेशन सिंदूर के प्रति सम्मान प्रकट किया। देशभर में आम नागरिक भी इस अभियान से जुड़ी तस्वीरों और प्रतीकों को सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं।
योगी के कवर फोटो में साफ दिखा ‘ब्रह्मोस’ का संदेश
मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया अकाउंट पर डीपी में ऑपरेशन सिंदूर की तस्वीर के अलावा एक स्पष्ट रणनीतिक संदेश भी नजर आई। उनकी कवर फोटो में ब्रह्मोस मिसाइल को प्रमुखता से दिखाया गया, जिसे भारत की सबसे ताकतवर सुपरसोनिक मिसाइलों में गिना जाता है। इसे पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार की आतंकवाद के खिलाफ आक्रामक नीति के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।
लखनऊ में बन रही ब्रह्मोस, रक्षा उत्पादन का केंद्र बनता यूपी
पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर कहर बनकर टूटने वाली ब्रह्मोस मिसाइल का उत्तर प्रदेश से खास संबंध है। अब इसका उत्पादन लखनऊ में किया जा रहा है, जो राज्य के लिए गर्व का विषय है। उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के जरिए रक्षा उत्पादन क्षेत्र में तेजी से उभर रहा है। योगी सरकार लगातार यह संदेश देती रही है कि उत्तर प्रदेश अब सिर्फ कृषि और संस्कृति का प्रदेश नहीं, बल्कि रक्षा उत्पादन और आत्मनिर्भर भारत का भी बड़ा केंद्र बन रहा है।
योगी पहले भी दे चुके हैं सख्त संदेश
मुख्यमंत्री कई मंचों से ब्रह्मोस मिसाइल और भारत की सैन्य ताकत का उल्लेख करते रहे हैं। हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा था कि “ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक सैन्य अभियान नहीं था, बल्कि यह भारत के उस संकल्प की घोषणा थी कि आतंक का जवाब अब कूटनीति की मेज़ पर नहीं, बल्कि दुश्मन के दरवाज़े पर दिया जाएगा।” उनके इस बयान को पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत की बदली रक्षा नीति और आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस के रूप में देखा जा रहा है।
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही तस्वीरें
ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर बदली गई डीपी और कवर फोटो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। समर्थक इसे राष्ट्रवाद और सैन्य सम्मान का प्रतीक बता रहे हैं, जबकि राजनीतिक गलियारों में भी योगी आदित्यनाथ के इस डिजिटल संदेश की चर्चा हो रही है।
लेखक के बारे में
Dinesh Rathourदिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट
पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर
यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका
(डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर
आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और
डिजिटल माध्यमों से पहचाना है।
लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में कार्यरत दिनेश दिनेश, खबरों के पीछे की राजनीति और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स (वायरल
वीडियो) को बारीकी से विश्लेषण करने के लिए जाने जाते हैं।
पत्रकारिता का सफर
हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब
एक साल तक काम किया। इसके बाद वह कानपुर में ही दैनिक जागरण से जुड़े। 2012 में मुरादाबाद हिंदुस्तान जब लांच हुआ तो
उसका हिस्सा भी बने। करीब दो साल यहां नौकरी करने के बाद दिनेश राजस्थान पत्रिका से जुड़ गए। सीकर जिले में दिनेश ने
करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में
प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी
है।


