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29 जनवरी, 2020|2:18|IST

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बंटने के साथ ही फटने लगे स्वेटर

बंटने के साथ ही फटने लगे स्वेटर

जिले के परिषदीय स्कूलों में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं को महीने भर पहले मिला स्वेटर अब फटने लगा है। इससे स्वेटर आपूर्ति की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। जिले में ई टेंडर के माध्यम से हुई खरीदारी के बाद महीने भर में ही स्वेटर के फट जाने से कमीशन का बड़ा खेल करने के आरोप लगने लगे हैं।

जिले के परिषदीय स्कूलों में पढ़ रहे नौनिहालों की सेहत से बेसिक शिक्षा विभाग ठंड के इस मौसम में एक बार फिर खेल शुरू कर दिया है। आधा दिसंबर बीत जाने के बाद नौनिहालों को वितरण किए गए स्वेटर अब फटने लगा है। इससे स्वेटर की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। 14 ब्लॉकों में ई टेंडर के माध्यम से की गई आपूर्ति में महीने भर के भीतर ही स्वेटर फट जाने से कमीशन का बड़ा खेल नजर आ रहा है। लोग दबी जुबान से ठेकेदार व विभाग पर गुणवत्ता विहीन स्वेटर को लेकर खेल खेलने का आरोप लगा रहे हैं। कड़ाके की ठंड में देर से वितरण हुए स्वेटर के महीने भर के भीतर फटने से अभिभावक भी नाराज हैं। अभिभावकों का आरोप है कि पहले तो नवबंर माह में वितरण होने वाला स्वेटर आधा दिसंबर बीत जाने के बाद किया गया और अब महीना बीता नहीं की स्वेटर फटने लगा है। इसके चलते छात्रों की सेहत बिगड़ने का डर है। खराब किस्म के स्वेटर आपूर्ति होने में विभागीय खेल नजर आ रहा है। प्रधानाध्यापक भी स्वेटर की गुणवत्ता को लेकर नाराज हैं।

स्वेटर की गुणवत्ता जानने के लिए टास्क फोर्स गठित है। यह विद्यालयों पर जाकर गुणवत्ता को चेक करेगी। इसके बाद रिपोर्ट आ जाने पर 25 प्रतिशत पैसे में कटौती कर रिपोर्ट ऊपर अधिकारियों को भेज दी जाएगी।

डॉ. सूर्यकांत त्रिपाठी, बीएसए

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  • Web Title: Sweaters burst as soon as they were distributed