संस्कृत में संवाद, गीत, नाटक प्रस्तुत कर छात्रों ने किया प्रतिभा का प्रदर्शन
Siddhart-nagar News - 16 एसआईडीडी 13: सिद्धार्थ विवि कपिलवस्तु में गुरुवार को आयोजित कार्यक्रम में छात्र-छात्राएं संस्कृत में संवाद, गीत, नाटक प्रस्तुत कर छात्रों ने किया प

सिद्धार्थनगर, निज संवाददाता। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु के कला संकाय अंतर्गत संस्कृत विभाग में गुरुवार को त्रैमासिक सरल संस्कृत संभाषण कक्षा का समापन सत्र उत्साहपूर्ण माहौल में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्रों ने संस्कृत में संवाद, गीत, नाटक व अनुभव कथन प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।संस्कृत विभाग द्वारा वर्तमान शैक्षिक सत्र में संस्कृत दिवस (श्रावणी पूर्णिमा) को वार्षिकोत्सव के रूप में मनाते हुए 28 अगस्त 2025 को इस त्रैमासिक संभाषण कक्षा का शुभारंभ किया गया था। सम एवं विषम सेमेस्टर के साथ-साथ संचालित इस कक्षा में विभाग के लगभग 40 छात्रों सहित अन्य विभागों के विद्यार्थियों को संस्कृत वार्तालाप के महत्वपूर्ण बिंदुओं का प्रशिक्षण दिया गया।
इससे विद्यार्थियों में संस्कृत बोलने का आत्मविश्वास बढ़ा और व्यवहारिक अभ्यास को नई दिशा मिली। समापन समारोह में डॉ. सच्चिदानंद चौबे ने कहा कि संस्कृत प्रत्येक भारतवासी के जीवन, संस्कार और व्यवहार में रची-बसी भाषा है। डॉ. जय सिंह यादव ने कहा कि विभाग ने संभाषण कक्षा चलाकर संस्कृत भाषा के प्रति व्याप्त जटिलता के भ्रम को दूर किया है। डॉ. धर्मेन्द्र कुमार और सहयोगी शिक्षकों ने अत्यंत प्रभावी ढंग से प्रशिक्षण दिया है। अध्यक्षता कर रहीं प्रो. नीता यादव ने कहा कि संस्कृत को देववाणी कहा जाता है और छात्रों ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से इस स्वरूप को सजीव कर दिया। संस्कृत विभाग प्रभारी डॉ. धर्मेन्द्र कुमार ने अतिथियों का स्वागत किया। स्नातक के छात्र कुशल त्रिपाठी, आशीष कुमार और सानिया अंसारी ने संस्कृत में अपने अनुभव साझा किए। छात्रों ने वैद्य-रोगी संभाषण की प्रस्तुति देकर उपस्थित लोगों की सराहना बटोरी। इस अवसर पर आनंद कुमार, डॉ.सुजाता यादव, डॉ. आभा द्विवेदी, ममता, रवि मद्धेशिया, साकेत मिश्र आदि मौजूद रहे।
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