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मिठवल सीएचसी पर रेबीज-स्नेक वेनम के वॉयल में खेल

सिद्धार्थनगर। हिन्दुस्तान टीम ब्लॉक स्तरीय स्वास्थ्य केंद्रों पर कार्यक्रमों को लेकर लगातार लापरवाही बरती...

मिठवल सीएचसी पर रेबीज-स्नेक वेनम के वॉयल में खेल
हिन्दुस्तान टीम,सिद्धार्थMon, 19 Feb 2024 04:45 PM
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सिद्धार्थनगर। हिन्दुस्तान टीम
ब्लॉक स्तरीय स्वास्थ्य केंद्रों पर कार्यक्रमों को लेकर लगातार लापरवाही बरती जा रही है। इस पर एक्शन लेने की बजाए जिम्मेदार लापरवाह अधीक्षकों को बचाने में जुटे हैं। मिठवल सीएचसी पर रेबीज व स्नेक वेनम के वायल में खेल किया जा रहा है। मरीजों को संबंधित समस्या के लिए इंजेक्शन के कितने डोज लग रहे हैं, इसकी सीएचसी पर कोई जानकारी दर्ज नहीं है। इंजेक्शन की सूचना दर्ज न होने पर वायल के बेचने का संदेह गहराने लगा है। इसकी पोल शनिवार को जिला स्तरीय अधिकारियों के निरीक्षण में खुली है। खेसरहा में भी जापानी इंसेफ्लाइटिस को लेकर लापरवाही सामने आई है।

जिला मलेरिया अधिकारी सुनील चौधरी व महामारी रोग विशेषज्ञ समीर सिंह शनिवार को मिठवल व खेसरहा सीएचसी के निरीक्षण पर थे। मिठवल सीएचसी पर निरीक्षण के दौरान जिला स्तरीय टीम ने रेबीज कंट्रोल प्रोग्राम के तहत लगने वाले वैक्सीन के संदर्भ में जानकारी प्राप्त की। स्वास्थ्य केंद्र पर बताया गया कि एंटी रैबीज वैक्सीन (एआरबी) कुत्ते के काटने पर लगाया जाता है जबकि एनटी वेनम स्नेक (एएसबी) सांप के डसने पर लगता है। इस दौरान जनवरी माह में कुत्ता काटने व सांप के डसने वाले कितने और कौन-कौन लोगों को इंजेक्शन लगा है, इसकी जानकारी मांगने पर कर्मचारी ने सूचना देने से इनकार कर दिया। कर्मचारी ने बताया कि रजिस्टर न होने से इंजेक्शन लगने वालों की डिटेल नहीं नोट की जा रही है। कर्मचारी की इस बात से इंजेक्शन बेचने का शक गहराने लगा है। फिलहाल यह जांच का विषय बन गया है। महामारी रोग विशेषज्ञ ने बताया कि इंजेक्शन लगने के बाद जानकारी दर्ज करनी चाहिए थी, फिलहाल रजिस्टर अविलंब उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी स्वास्थ्य केंद्र पर मलेरिया जांच में भी लापरवाही बरती जा रही है। लैब में एलटी की ओर से मलेरिया रजिस्टर पर दूसरी जांच की रिपोर्ट अंकित किए जाने का मामला सामने आया। डीएमओ सुनील चौधरी ने इस पर आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि मलेरिया रजिस्टर पर सिर्फ मलेरिया की रिपोर्ट ही अंकित करें और लैब की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान रखें।

जेई संभावित मरीजों की कम हो रही भर्ती

सिद्धार्थनगर जिला जेई प्रभावित है। ऐसे में स्वास्थ्य महकमा जापानी इंसेफेलाइटिस को लेकर सतर्क रहते हुए हर माह ब्लॉकों पर निरीक्षण कर ईटीसी की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करता रहता है। खेसरहा सीएचसी पर निरीक्षण के दौरान पता चला कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष जेई संभावति मरीजों की भर्ती काफी कम हो रही है। जिला स्तरीय टीम ने अधीक्षक डॉ. सुजीत कुमार पांडेय को विषय की गंभीरता से अवगत कराते हुए प्रकरण का तत्काल संज्ञान लेने की बात कही है। टीम ने कहा है हल्की सी लापरवाही में दूसरे की जान जा सकती है। ऐसे में बुखार प्रभावित को भर्ती करने में लापरवाही न की जाए।

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