
महिलाओं के योगदान, चुनौतियों व सरकारी योजनाओं पर हुई चर्चा
Siddhart-nagar News - सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में चल रहे सिद्धार्थोत्सव के तीसरे दिन विभिन्न शैक्षणिक, साहित्यिक, सांस्कृतिक और खेलकूद कार्यक्रम आयोजित किए गए। महिलाओं के योगदान पर वेबिनार, वाद-विवाद प्रतियोगिता,...
सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में चल रहे पांच दिवसीय सिद्धार्थोत्सव के तीसरे दिन बुधवार को विविध शैक्षणिक, साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं खेलकूद कार्यक्रम हुए। दिन की शुरुआत आभासी पटल पर आयोजित विकसित भारत में महिलाओं का योगदान विषयक वेबिनार से हुई। मुख्य वक्ता के रूप में गोरखपुर विश्वविद्यालय की कला संकाय की अधिष्ठाता प्रो.कीर्ति पांडेय व गोरखपुर विश्वविद्यालय की प्रो. सुधा यादव ने महिलाओं के विभिन्न क्षेत्रों में योगदान, सामाजिक एवं संस्थागत चुनौतियों व सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं और नीतियों पर चर्चा की। वाद विवाद प्रतियोगिता में मनीष व दानिश रहे अव्वल इसके बाद विद्यार्थियों की रचनात्मक एवं आलोचनात्मक सोच को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कृत्रिम बुद्धिमत्ता: वरदान अथवा अभिशाप विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता हुई।

प्रतियोगिता में 10 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इसमें मनीष जायसवाल एवं दानिश गुप्त संयुक्त रूप से प्रथम, मो. शोएब एवं अंजलि पांडेय द्वितीय और हर्ष सिंह व साक्षी मौर्या संयुक्त रूप से तृतीय स्थान पर रहे। प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में रुपाली रहीं अव्वल सिद्धार्थोत्सव में बुधवार को छात्रों में नैतिक मूल्यों और भारतीय जीवन दर्शन की समझ विकसित करने के लिए संस्कारशाला कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें षोडश संस्कारों पर आधारित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता हुई। इसमें रुपाली कुमारी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। आभासी सत्र में दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान भोपाल के निदेशक डॉ. मुकेश मिश्र ने छात्रों को भारतीय जीवन पद्धति के सोलह प्रमुख संस्कारों के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि ये संस्कार व्यक्ति के जन्म से मृत्यु तक के जीवन को शुद्ध, संतुलित और मर्यादित बनाते हैं व मनुष्य के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक विकास को दिशा प्रदान करते हैं।

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